शहर के नई बाजार की सड़क का समय समय पर बदलता है आकार

Updated at : 14 Jun 2025 8:07 PM (IST)
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शहर के नई बाजार की सड़क का समय समय पर बदलता है आकार

शहर के नयी बाजार में समय-समय के अनुसार मुख्य सड़क सिकुड़ती एवं फैलती है. दोपहर को शहर की सड़क की सिकुड़न कम हो जाती है.

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पूर्वाह्न 11 बजे एवं अपराह्न चार बजे से देर शाम तक लग जाता है ठेला एवं खोमचा का बाजारअतिक्रमण पर अतिक्रमण से होती है सड़क जाम, लोगों को उठानी पड़ती है परेशानीस्थायी दुकानदार एवं स्थायी अतिक्रमित दुकान के आगे भी लगाया जाता है सब्जी और फल का ठेलाजाम एवं अतिक्रमण हटाने के लिए अधिकारियों की सिर्फ बैठक तक ही सिमट कर रह जाती है बातलखीसराय. शहर के नयी बाजार में समय-समय के अनुसार मुख्य सड़क सिकुड़ती एवं फैलती है. दोपहर को शहर की सड़क की सिकुड़न कम हो जाती है. वहीं 11 बजे पूर्वाह्न तक एवं चार बजे अपराह्न से देर शाम तक सड़क की सिकुड़न शुरू हो जाती है. जिससे कि सड़क पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. लोगों को समाहरणालय, सदर अस्पताल एवं न्यायालय पहुंचने के लिए काफी जिल्लत झेलनी पड़ती है. शहर के मुख्य सड़क के किनारे सुबह नाश्ता, मिठाई एवं फल का ठेला व खोमचा लगा दिया जाता है. सड़क पर इस तरह का ठेला आदि पूर्वाह्न 11 बजे तक लगा रहता है. पुनः सड़क के किनारे चार बजे अपराह्न से देर शाम तक विभिन्न सामग्रियों ठेला व खोमचा लगाया जाता है. जिससे कि लोगों को फुटपाथ पर चलना दुश्वार हो जाता है.

अतिक्रमण पर अतिक्रमण बनता है महाजाम का कारण

नया बाजार में अतिक्रमण पर अतिक्रमण के कारण महाजाम का कारण बन जाता है. एक तरफ रेलवे पुल के आगे से स्थायी दुकानदार के द्वारा फुटपाथ के आगे तक अतिक्रमण कर लिया है. वहीं मुख्य पोस्ट ऑफिस कवैया रोड मोड़ के समीप भी स्थायी रूप से अतिक्रमण कर लिया गया है. ऐसे अतिक्रमण के बाद भी आगे ठेला, खोमचा लगा दिया जाता है. जिससे कि महाजाम की स्थिति बन जाती है. लोग इस महाजाम से बचने के लिए जितना निकलने की कोशिश करते हैं, उतना ही फंसते जाते हैं. महाजाम के कारण कई बार लोगों का ट्रेन भी छूट जाता है. कई बार लोग आधे रास्ते में ऑटो रिक्शा छोड़कर पैदल ही अपनी गंतव्य स्थान तक पहुंचनेके लिए चल पड़ते हैं.

जिला पुलिस प्रशासन का प्रयास जाम की स्थिति से निपटने के लिए सिर्फ बैठक एवं मापी तक ही सिमट कर रह गया

जिला पुलिस प्रशासन जाम एवं अतिक्रमण हटाने के लिए कई बार बैठक कर मास्टर प्लान तैयार भी किया. जिसके बाद बाजार समिति से लेकर दालपट्टी तक, विद्यापीठ चौक से महतो टोला तक अंचल एवं नगर परिषद के अमीन एवं अन्य कर्मी द्वारा मापी भी कराकर चिन्हित भी किया, लेकिन कभी भी अतिक्रमण हटाने की सार्थक पहल नहीं की गयी है.

ई-रिक्शा भी है जाम का कारणई-रिक्शा भी शहर के जाम का कारण माना जा रहा है. ई-रिक्शा चालकों ने अपने मनमाने ढंग से कई जगह स्टैंड बना लिया है. बड़ी दुर्गा स्थान से लेकर कवैया मोड़ तक सड़क के किनारे ही ई-रिक्शा खड़ा कर सवारी को बैठाने का कार्य करते हैं. वहीं रेलवे पुल के नीचे भी यही हाल है. सदर अस्पताल के गेट पर ही ई-रिक्शा खड़ा कर दिया जाता है. जिससे कि लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है.

बोले एसडीओ

एसडीओ प्रभाकर कुमार ने बताया कि अतिक्रमण हटाने एवं जाम की समस्या से निजात पाने के लिए बैठक कर डीएम को प्रस्तावत भेजा गया गया है. उनके द्वारा जिला स्तरीय बैठक कर कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि कुछ दुकानदारों को नोटिस भी भेजा गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Rajeev Murarai Sinha Sinha

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By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

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