लखीसराय संग्रहालय में उतरा बसंत का उल्लास, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
Published by : Rajeev Murarai Sinha Sinha Updated At : 25 Jan 2026 6:26 PM
विज्ञापन
लखीसराय संग्रहालय में उतरा बसंत का उल्लास, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
विज्ञापन
उपमुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर किया महोत्सव का आगाज, मतदाता जागरूकता व सांस्कृतिक चेतना पर दिया जोर
लखीसराय. जिला संग्रहालय परिसर में रविवार को राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह के साथ-साथ ”बसंत पंचमी महोत्सव” का भव्य आयोजन किया गया. कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन क्षेत्रीय विधायक सह उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, सूर्यगढ़ा विधायक रामानंद मंडल, डीएम मिथिलेश मिश्र व एसपी अवधेश दीक्षित ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. दीप प्रज्वलन के साथ ही पूरा परिसर सांस्कृतिक उल्लास और मां शारदे की भक्ति से ओत-प्रोत हो गया.लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान जरूरी : उपमुख्यमंत्री
उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि मतदाता दिवस और बसंत पंचमी का यह संगम लोकतांत्रिक मूल्यों व सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है. उन्होंने मतदाता जागरूकता को लोकतंत्र की आधारशिला बताते हुए नागरिकों से चुनाव में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने की अपील की. उन्होंने कहा कि ज्ञान की देवी की पूजा के साथ-साथ हमें अपने नागरिक कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहना चाहिए.ताल यात्रा व कथक नृत्य ने बांधा समां
महोत्सव के दौरान आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. प्रो प्रवीण उद्धव व उनके सहयोगियों व जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी मृणाल रंजन द्वारा प्रस्तुत “ताल यात्रा” ने विशेष छाप छोड़ी. वहीं, मनमोहक कथक नृत्य की प्रस्तुति को दर्शकों की भरपूर सराहना मिली. डीएम मिथिलेश मिश्र ने कहा कि ऐसे आयोजन स्थानीय कलाकारों को मंच देने के साथ-साथ जिले की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करते हैं.मेरा गांव, मेरी धरोहर” के प्रति किया गया जागरूक
महोत्सव से पूर्व मेरा गांव, मेरी धरोहर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हुआ. इसका उद्देश्य जिले की ऐतिहासिक व पुरातात्विक विरासत के प्रति युवाओं को जागरूक करना था. डीएम ने कहा कि हर गांव की अपनी एक विशिष्ट पहचान है, जिसे संजोना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. उन्होंने युवाओं से पर्यटन विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया.जिले के पर्यटन स्थलों की दी गयी जानकारी
प्रशिक्षण सत्र के दौरान जिले के प्रमुख स्थलों के ऐतिहासिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया. इसमें मुख्य रूप से लाली पहाड़ी, श्रृंगी ऋषि धाम, अशोक धाम व जलप्पा स्थान व मोरवे डैम व बिछवे पहाड़ी की चर्चा की गयी. कार्यक्रम में जिले के कई गणमान्य अतिथि, पदाधिकारी व बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे. इस सफल आयोजन ने जिले में सामाजिक समरसता व सांस्कृतिक चेतना की एक नयी अलख जगायी है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










