बेखौफ माफिया! धड़ल्ले से चल रहा पत्थर खनन का गोरखधंधा

Updated at : 14 Feb 2025 6:23 PM (IST)
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बेखौफ माफिया! धड़ल्ले से चल रहा पत्थर खनन का गोरखधंधा

धड़ल्ले से चल रहा पत्थर खनन का गोरखधंधा

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-पीरीबाजार थाना क्षेत्र में अवैघ खनन पर पुलिस प्रशासन व वन विभाग बन बैठा मौन -रात के अंधेरे में क्षेत्र के अनेक गांव में पहाड़ से तोड़कर गिट्टी बना गंतव्य तक पहुंचाया जा रहा -पत्थर माफिया अपने शार्गिदों को बाइक से क्षेत्र में आगे भेजकर रास्ते की कराते हैं रेकी पीरीबाजार. थाना क्षेत्र में इन दिनों अवैध पत्थर खनन का गोरखधंधा धड़ल्ले से चल रहा है. जिसपर न तो पुलिस प्रशासन और न ही वन विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई की जारही है. इससे अवैध पत्थर खनन में लगे माफियाओं का मनोबल बढ़ा रहता है. इनका जरा सा विरोध करने पर विरोध करने वालों की शामत आ जाती है. यही कारण है कि थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में खुलेआम सड़क किनारे बोल्डर गिरे दिखाई दे जाते हैं. बताया जाता है कि पत्थर माफिया रात के अंधेरे में क्षेत्र के अनेक गांव में पहाड़ से तोड़कर बोल्डर रख देते हैं. जहां कुछ मजदूरों को लगाकर उसे तुड़वाकर गिट्टी बनाया जाता है. जिसके बाद एक बार फिर से रात के अंधेरे में ही उक्त गिट्टी को उठाकर उसे गंतव्य तक पहुंचा दिया जाता है. यह काम काफी सावधानीपूर्वक किया जाता है. पत्थर माफिया अपने शार्गिदों को बाइक से क्षेत्र में आगे भेजकर रास्ते की रेकी कराते हैं और पीछे से गिट्टी लदा ट्रैक्टर गंतव्य तक पहुंचाने का काम करते हैं. हालांकि उसके आने जाने की खबर सभी को रहती है, लेकिन कार्रवाई नहीं होती है. सरकार के तमाम प्रयास के बावजूद नक्सल प्रभावित पीरीबाजार थाना क्षेत्र के जंगलों से प्रतिदिन लगभग लाखों रुपये का अवैध पत्थर का कारोबार माफियायों द्वारा धड़ल्ले से कराया जा रहा है. एक ओर सरकार वन संरक्षण एवं पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर पौधारोपन कराने के नाम पर हर वर्ष करोड़ रुपये खर्च कर रही है. दूसरी ओर सरकारी महकमे की लापरवाही से प्रतिदिन अवैध रूप से जंगल से पत्थर का खनन माफियाओं द्वारा किया जा रहा है. उन्हें न तो खनन विभाग के पदाधिकारी का भय है और न ही स्थानीय पुलिस प्रशासन का. इसकी शिथिलता की वजह से पत्थर खनन माफियाओं का मनोबल दिन व दिन बढ़ता जा रहा है. बताया जा रहा है कि एक ट्रैक्टर के टेलर पर लोड पत्थर की बिक्री करीब पांच से छह हजार रुपया के दर से की जाती है. कहते हैं अधिकारी: वन विभाग के रेंजर शिव शंकर प्रसाद ने कहा कि कजरा और पीरीबाजार थाना क्षेत्र के लिए कजरा में कार्यालय बना हुआ है. जहां के कर्मियों को मैसेज कर दिये हैं. जिसके बाद वे लोग इसकी जांच कर कार्रवाई करेंगे.

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