सूर्यगढ़ा. शहर में वाहनों का प्रेशर हॉर्न लोगों के दिल की धड़कन बढ़ा रहा है. जिस प्रकार प्रेशर हॉर्न बजता है, यह दिल के मरीजों के लिए घातक है, लेकिन लखीसराय में वाहन चालकों को समझाये कौन. जब भी कोई ट्रक ट्रिपर या अन्य बड़ा वाहन सूर्यगढ़ा बाजार से होकर गुजरता है. चालक प्रेशर हॉर्न बजाना शुरू कर देते हैं. स्थिति यह है कि जिनको दिल की बीमारी है, उन्हें हर समय हार्ट अटैक आने का डर बना रहता है. प्रेशर हॉर्न की तेज आवाज से लोग बहरेपन का शिकार हो रहे हैं. उन्हें घबराहट की भी शिकायत हो रही है. यह तो रही प्रेशर हार्न से उत्पन्न हो रही परेशानी की बात. परंतु अब सवाल यह है कि दिल के मरीजों के लिए घातक बने इस प्रेशर हॉर्न पर रोक कौन लगाये. क्योंकि आम जनता अगर किसी गाड़ी चालक को प्रेशर हॉर्न बजाने से रोकेगा, तो विवाद हो जायेगा. ऐसे में सहज जवाब है इसे सिर्फ प्रशासन ही रोक सकता है. परंतु प्रशासन जो कि सरकारी आवास व कार्यालयों में ठाठ से रहते हैं. उन्हें जनता की चिंता नहीं है. तभी तो आम जनता की शिकायत के बाद भी अब तक प्रेशर हॉर्न पर रोक नहीं लग रही है. बस चालक प्रेशर हॉर्न बजाते शहर में घुसते हैं, जिसे रोकने व टोकने वाला कोई नहीं है. इधर, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर वाईके दिवाकर के मुताबिक वाहनों में लगे प्रेशर हॉर्न की आवाज से ध्वनि प्रदूषण होता है, जो कि हार्ट के मरीजों के लिए खतरनाक होता है. ध्वनि प्रदूषण से हाई ब्लड प्रेशर, दिल की धड़कन बढ़ना और तनाव जैसी समस्याएं होती हैं, जिनको नजरअंदाज करने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है. तेज आवाज कान के लिए भी घातक होती है. भीड़ में प्रेशर हॉर्न बजाना सबसे अधिक घातक होता है.
कई बार हुई प्रेशर हॉर्न पर रोक लगाने की मांग –
सूर्यगढ़ा नगर परिषद क्षेत्र में लोगों ने कई बार प्रशासन से घनी आबादी वाले क्षेत्र में प्रेशर हॉर्न पर रोक लगाने की मांग की. लेकिन प्रशासन वर्षों से इस मांग को अनसुनी करता रहा है. नतीजा तन प्रेशर हॉर्न की तेज आवाज से सूर्यगढ़ा बाजार सहित आसपास के इलाके में लोग बीमार हो रहे हैं.बाइपास की व्यवस्था नहीं होने से परेशानी
सूर्यगढ़ा में बाइपास की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से परेशानी और ज्यादा अधिक है. छोटे बड़े सभी तरह के वाहन सूर्यगढ़ा बाजार से होकर गुजरते हैं. ऐसे भी मुख्य बाजार में काफी भीड़ होने की वजह से बड़े वाहनों द्वारा मुख्य बाजार में घनी आबादी वाले क्षेत्रों में प्रेशर हॉर्न का काफी अधिक इस्तेमाल किया जा रहा है. जिससे स्थानीय लोग काफी परेशान है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

