1908 के सर्वे रिकॉर्ड पर किसानों की आपत्ति, पहले अभिलेख मिलान फिर जमीन अधिग्रहण की मांग

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फोटो- मोकामा-मुंगेर फोरलेन: पुराने सर्वे से जमीन अधिग्रहण पर बड़हिया के किसानों ने जताई आपत्ति

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मोकामा-मुंगेर फोरलेन सड़क परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण में किसानों ने 1908 के सर्वे रिकॉर्ड को आधार बनाने पर गंभीर आपत्ति जताई है. वे वर्तमान जमाबंदी और राजस्व रिकॉर्ड से मिलान की मांग कर रहे हैं ताकि सही मुआवजा मिल सके.

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Munger Fourlane Land Acquisition: बड़हिया (लखीसराय). मोकामा-मुंगेर फोरलेन सड़क परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर सोमवार को बड़हिया प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित किसान भवन में विशेष शिविर लगाया गया. शिविर में थाना नंबर 185 छबिसैया और 186 इंग्लिश महाल के कुल 29 किसानों ने अपने भूमि संबंधी दस्तावेज जमा किए. इस दौरान किसानों ने राजस्व अभिलेखों में मौजूद विसंगतियों और अधिग्रहण के लिए पुराने सर्वे रिकॉर्ड को आधार बनाए जाने पर गंभीर आपत्ति जतायी.

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1908 के सर्वे को आधार बनाने पर किसानों ने जताई आपत्ति

छबिसैया मौजा के किसानों का कहना है कि अधिग्रहण प्रक्रिया में वर्ष 1908 के कैडस्ट्रल सर्वे रिकॉर्ड को आधार बनाया जा रहा है, जबकि वर्तमान में जमाबंदी और राजस्व संबंधी अधिकांश कार्य वर्ष 1941-42 के रिविजनल सर्वे के आधार पर संचालित होते हैं. किसानों का कहना है कि दोनों सर्वे के बीच लंबे अंतराल के दौरान जमीन के हिस्सेदारों और स्वामित्व की स्थिति में कई बदलाव हो चुके हैं.

पहले पुराने और वर्तमान रिकॉर्ड का हो मिलान

किसानों ने प्रशासन से मांग की कि अधिग्रहण से पहले 1908 के कैडस्ट्रल सर्वे, 1941-42 के रिविजनल सर्वे और वर्तमान जमाबंदी का आपस में मिलान कराया जाए. उनका कहना है कि वास्तविक मालिकाना हक और हिस्सेदारी स्पष्ट होने के बाद ही अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी चाहिए. किसानों को आशंका है कि केवल पुराने रिकॉर्ड के आधार पर कार्रवाई होने पर वास्तविक हकदार मुआवजे से वंचित हो सकते हैं.

अधिकारियों ने आपत्तियां वरीय अधिकारियों तक पहुंचाने का दिया भरोसा

शिविर में मौजूद अंचल अमीन सुमन कुमार भारती, वंदना राज और राजस्व कर्मचारी अनिकेत कुमार आनंद ने किसानों की समस्याएं सुनीं. कर्मचारियों ने बताया कि सर्वे और भूमि अभिलेख सुधार से जुड़े तकनीकी मामलों का अंतिम निपटारा जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के स्तर से किया जाना है. उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी आपत्तियों और समस्याओं से वरीय अधिकारियों को अवगत कराया जायेगा.

मुआवजा दर को लेकर भी किसानों में असमंजस

किसानों ने मुआवजा राशि की दर स्पष्ट नहीं होने पर भी नाराजगी जताई. उनका कहना था कि प्रशासन की ओर से दस्तावेज तो लिए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्रति डिसमिल या प्रति एकड़ किस दर से मुआवजा दिया जाएगा. कर्मचारियों ने बताया कि फिलहाल दस्तावेज जुटाने और सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है. मुआवजा दर का निर्धारण और आपत्तियों का अंतिम निष्पादन भू-अर्जन कार्यालय के स्तर से किया जाएगा.

आठ मौजों में 398 प्लॉट चिन्हित

फोरलेन सड़क निर्माण के लिए बड़हिया प्रखंड के आठ मौजों में कुल 398 भूखंड चिन्हित किए गए हैं. इनमें छबिसैया मौजा में भूमि अभिलेखों से जुड़ी सबसे अधिक विसंगतियां सामने आने की बात कही गई है. प्रशासन ने सभी प्रभावित भू-स्वामियों से विशेष शिविर में पहुंचकर अपने दस्तावेजों का सत्यापन कराने की अपील की है.

बीरूपुर में आज और कल लगेगा विशेष शिविर

Munger Fourlane Land Acquisition: अधिग्रहण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए मंगलवार और बुधवार को बड़हिया टाल क्षेत्र के पुराने हाईस्कूल, बीरूपुर में विशेष शिविर लगाया जाएगा. यहां थाना नंबर 180 नथनपुर, 181 कोठवा, 172 निजामपुर, 174 बीरूपुर, 171 रुस्तमपुर और 166 शर्मा मौजा के किसानों से आवेदन और भूमि संबंधी दस्तावेज प्राप्त किए जाएंगे. प्रशासन ने संबंधित भू-स्वामियों से निर्धारित शिविर में पहुंचकर आवश्यक कागजात जमा करने की अपील की है.


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