इस वित्तीय वर्ष में धान की कम खरीदारी का लक्ष्य होने से पैक्स अध्यक्ष में मायूसी

Published by : Rajeev Murarai Sinha Sinha Updated At : 12 Jan 2026 7:06 PM

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इस वित्तीय वर्ष में धान के खरीदारी का कम लक्ष्य होने के कारण पैक्स अध्यक्ष में मायूसी छा गया है

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-पिछले वित्तीय वर्ष से लगभग 25 हजार एमटी कम है खरीदी का लक्ष्य -अब तक 35 प्रतिशत धान की हो चुकी खरीदारी, अंतिम जनवरी तक हो सकता है लक्ष्य प्राप्त लखीसराय. इस वित्तीय वर्ष में धान के खरीदारी का कम लक्ष्य होने के कारण पैक्स अध्यक्ष में मायूसी छा गया है. पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष धान 27 हजार एमटी कम खरीदारी का लक्ष्य दिया गया है. पिछले वर्ष शुरुआत में 57 हजार 212 एमटी धान की खरीदारी की लक्ष्य था, जिसे बढ़ाकर 74 हजार से अधिक लक्ष्य किया गया था. विगत वर्ष 96 प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्ति कर लिया गया था. इस साल मात्र 47 हजार 235 एमटी का लक्ष्य रखा गया है. अभी तक 17 हजार पांच सौ 23 एमटी धान की खरीदी की गयी है, यानी अभी तक 35 प्रतिशत ही धान की खरीदी हुई है. लक्ष्य निर्धारण के पूर्व सभी पैक्स अध्यक्ष को धान उपज का 10 प्रतिशत खरीदी का लक्ष्य निर्धारण किया गया था. बाद में लक्ष्य आने पर सभी पैक्स अध्यक्ष को उनके लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया, लेकिन इससे पैक्स अध्यक्ष को संतुष्ट नहीं हैं. पैक्स अध्यक्षों का कहना है कि उपज के अनुपात लक्ष्य काफी कम है. जबकि बड़े-बड़े किसान के पास अधिक मात्रा में धान उपलब्ध है. पैक्स अध्यक्ष का मानना है पंचायतवार भी लक्ष्य कम प्राप्त है. जबकि किसानों की संख्या अधिक है. पैक्स संघ लखीसराय के अध्यक्ष दिगम कुमार का कहना है. इस बार पैक्स का पिछले साल के मुकाबले 60 प्रतिशत लक्ष्य कम है. पैक्स में धान बेचने वाले किसानों की संख्या काफी अधिक है. इस बार बाजार में धान का भाव काफी कम रहने के कारण किसान धान पैक्स को बेचना चाह रहे हैं. किसानों को पैक्स एवं बाजार मूल्य से अंतर छह सौ रुपये से अधिक अंतर है. कम लक्ष्य होने के कारण पैक्स अध्यक्ष के सामने दुविधा उत्पन्न हो रही है. आगामी 28 फरवरी तक धान की खरीदी की जा सकती है.

बोले अधिकारी

जिला सहकारिता पदाधिकारी सुमन कुमारी का कहना है कि सभी जिला में इस बार धान खरीदी का लक्ष्य कम ही दिया गया है. आगे धान की खरीदी का लक्ष्य बढ़ाया जा सकता है और नहीं भी. हालांकि डीएम से लक्ष्य बढ़ाने को लेकर पैक्स अध्यक्ष के द्वारा पत्र भेजने की गुहार लगायी जा सकती है.

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