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बड़हिया की पुश्तैनी जमीन पर संकट, 2016 से गैरमजरुआ घोषित होने से बढ़ी परेशानी

Updated at : 10 Sep 2025 7:07 PM (IST)
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बड़हिया की पुश्तैनी जमीन पर संकट, 2016 से गैरमजरुआ घोषित होने से बढ़ी परेशानी

2016 में तत्कालीन अंचलाधिकारी के आदेश से नगर परिषद क्षेत्र की सभी आवासीय और व्यावसायिक जमीनों को गैरमजरुआ घोषित कर दिया गया. इससे लोग अपनी पुश्तैनी जमीन को बेचने-खरीदने से पूरी तरह वंचित हो गये हैं.

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ग्रामीणों ने चेताया, अब होगी सड़क से सदन तक लड़ाई बड़हिया. नगर परिषद क्षेत्र की जमीन पर मंडराये संकट को लेकर बुधवार को वार्ड संख्या छह स्थित ऐतिहासिक हाहा बंगला में कृषि विकास समिति की बैठक हुई. जिसकी अध्यक्षता मधुसूदन सिंह ने की. बैठक में वर्ष 2016 से चली आ रही भूमि संबंधी समस्या को गंभीर मुद्दा बताते हुए इसे आमलोगों के जीवन से जुड़ा संकट करार दिया गया. समिति के वरिष्ठ सदस्य श्याम नंदन सिंह ने कहा कि बड़हिया का इतिहास करीब हजार साल पुराना है. मुगलों से लेकर अंग्रेजों के समय तक यहां की जमीन लोगों की निजी संपत्ति रही, लेकिन 2016 में तत्कालीन अंचलाधिकारी के आदेश से नगर परिषद क्षेत्र की सभी आवासीय और व्यावसायिक जमीनों को गैरमजरुआ घोषित कर दिया गया. इससे लोग अपनी पुश्तैनी जमीन को बेचने-खरीदने से पूरी तरह वंचित हो गये हैं. उन्होंने कहा कि पहले लोग बेटी की शादी, बच्चों की पढ़ाई या जरूरत के वक्त जमीन बेचकर खर्च पूरा कर लेते थे, लेकिन अब इस पर रोक लगने से लोग कर्ज के बोझ तले दबने को मजबूर हैं. बैठक में मौजूद विकास कुमार, संजीव कुमार समेत अन्य वक्ताओं ने इस फैसले को सरकारी स्तर पर लिया गया अवैध और अलोकतांत्रिक कदम बताया. उनका कहना था कि अब जनता को गोलबंद होकर आंदोलन की राह पर उतरना होगा. समिति ने अगली बैठक 14 सितंबर को नगर स्थित श्रीधर सेवाश्रम में बुलाने का ऐलान किया है. जिसमें आंदोलन की रूपरेखा तय की जायेगी. सितंबर के अंतिम सप्ताह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे के दौरान इस मुद्दे पर बड़े पैमाने पर धरना-प्रदर्शन करने की भी योजना बनायी गयी है. बैठक में राजस्व महाअभियान के नाम पर अंचल स्तर पर हो रही अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को लेकर भी लोगों ने नाराजगी जतायी. मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, जिनमें रामप्रकाश सिंह, दिवाकर सिंह, कैलाश प्रसाद सिंह, विजय सिंह, भूषण कुमार, बबन सिंह, धीरेंद्र नारायण सिंह, सतीश सिंह, नवल कुमार, संजीत कुमार आदि शामिल थे. वरिष्ठ नागरिक संजय कुमार सिंह उर्फ कपूर बाबू का निधन पर शोक बड़हिया. नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 16 टोला धनराज निवासी वरिष्ठ नागरिक संजय कुमार सिंह उर्फ कपूर बाबू (70 वर्ष) का मंगलवार की देर शाम पटना में उपचार के दौरान निधन हो गया. वह लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और दिल्ली में उनका इलाज चल रहा था. करीब एक सप्ताह पूर्व ही वे पटना लौटे थे, जहां स्थिति बिगड़ने पर उनका निधन हो गया.उनके निधन की सूचना फैलते ही इलाके में शोक की लहर दौड़ गयी. उनका पार्थिव शरीर बड़हिया पहुंचने पर राजनीतिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक क्षेत्रों से जुड़े लोग बड़ी संख्या में उनके आवास पहुंचे और अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि दी. मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक कुमार, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमरेश कुमार अनीश, जन सुराज पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष रामजी सिंह, पूर्व नगर उपाध्यक्ष चुनचुन सिंह, लोकेश सिंह, प्रवीण कुमार झुन्नू सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व स्थानीय लोग मौजूद रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Rajeev Murarai Sinha Sinha

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By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

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