सामाजिक स्तर पर निबटे छोटे मामले : जिला जज

Published at :26 Sep 2016 6:35 AM (IST)
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सामाजिक स्तर पर निबटे छोटे मामले : जिला जज

न्यायालय में सिविल मामलों से ज्यादा आपराधिक मामलों का है बोझ नालसा के सात निश्चयों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान न्यायाधीशों ने रखे अपने विचार नगर भवन में पारा लिगल वोलेंटियर का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का किया गया आयोजन लखीसराय : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशन में रविवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार […]

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न्यायालय में सिविल मामलों से ज्यादा आपराधिक मामलों का

है बोझ
नालसा के सात निश्चयों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान न्यायाधीशों ने रखे अपने विचार
नगर भवन में पारा लिगल वोलेंटियर का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का किया गया आयोजन
लखीसराय : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशन में रविवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के बैनर तले स्थानीय नगर भवन के प्रांगण में नालसा की सात निश्चयों को लेकर पारा लिगल वोलेंटियर (पीएलवी) के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया़ कार्यक्रम का उद्घाटन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह जिला एवं सत्र न्यायाधीश मदन किशोर कौशिक, प्राधिकार के सचिव अपर जिला व सत्र न्यायाधीश तृतीय त्रिभुवन नाथ,
परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश ज्योतिंद्र कुमार सिन्हा, विशिष्ठ अतिथि पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार, अपर मुख्य न्यायायिक दंडाधिकारी प्रथम मनीष कुमार द्विवेदी, द्वितीय उमाशंकर, तृतीय दीपक कुमार, लोक अभियोजक यदुनंदन महतो, किऊल रेल मजिस्ट्रेट चंद्रवीर सिंह, सरकारी वकील सुरेश प्रसाद सिंह उर्फ शशि बाबू आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया़ उद्घाटन मौके पर संबोधित करते हुए जिला जज श्री कौशिक ने कहा कि देश में छोटे-छोटे मामलों के सामाजिक स्तर पर नहीं सुलझने की वजह से वहीं मामले गंभीर बन कर न्यायालय के समक्ष आ जाते हैं.
उन्होंने कहा कि आज देश भर में सिविल के महज 14 प्रतिशत ही मामले न्यायालय में चल रहे हैं जबकि 84 प्रतिशत आपराधिक मामले हैं. उन्होंने कहा कि वहीं छोटे-छोटे मामले सामाजिक स्तर पर नहीं सुलझने की वजह से लोग आपराधिक घटना कर जाते और न्यायालय में आपराधिक मामलों का बोझ पड़ता है़ उन्होंने इसके लिए अस्पताल का उदाहरण देते हुए कहा कि अस्पतालों में आउटडोर एवं इंडोर सेवाएं होती हैं. उन्होंने विधिक सेवा प्राधिकार के गठन पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने लोगों की समस्याओं को समझने के लिए और जरूरतमंद लोगों को सहायता पहुंचाने के लिए इसका गठन किया है़
इसके माध्यम से पहला तो आर्थिक एवं शारीरिक रूप से कमजोर लोगों को नि:शुल्क न्यायिक सहायता पहुंचाना है और दूसरा सरकारी योजनाओं का लाभ और न्याय गांव-गांव तक के लोगों को मिले जिससे सामाजिक विषमता दूर हो सके़ उन्होंने कहा कि इसके लिए पारा लिगल वोलेंटियर को नियुक्त किया गया है जो दूर दराज इलाके में लोगों का विवाद सुलझाने एवं न्याय दिलाने में सहयोग कर रहे हैं तथा जरूरत पड़ने पर वैसे लोगों को पैनल के अधिवक्ता के माध्यम से न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से भी मदद दिलाने का काम करेंगे़ एडीजे तृतीय श्री नाथ ने अपने संबोधन में कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नालसा के तहत तथा राज्य द्वारा बालसा के तहत चलाये जा रहे
कार्यक्रम के तहत वैसे लोगों को जो स्वयं अपनी सहायता नहीं कर सकते तथा दूसरे के ऊपर आश्रित रहते हैं को सहायता पहुंचाने के लिए पैनल व रिटेनर अधिवक्ता एवं वोलेंटियर के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है़ जिससे वे लोगों को वाजिब लाभ से वंचित होने से बचाने का काम करें. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार सरकार की योजनाओं का लाभ सबको मिले इसका भी पीएलवी ध्यान रखेंगे और इसमें किसी तरह की नाइंसाफी होते देख उसे प्राधिकार के समक्ष लाने का काम करेंगे और प्राधिकार के माध्यम से उसे प्रशासन एवं सरकारों के पास रखा जायेगा ताकि जनहित की योजनाओं का लाभ सबों को बराबर मिल सके़
विशिष्ठ आमंत्रित अतिथि एसपी अशोक कुमार ने न्यायाधीशों के समक्ष पीएलवी को आश्वसत किया कि उन्हें फील्ड में काम करने में अगर कोई परेशानी हो या फिर उन्हें पुलिस की सहायता की जरूरत पड़े तो वे और उनकी पुलिस हर समय तैयार रहेगी़
कार्यक्रम के दौरान न्यायाधीशों एवं अन्य वक्ताओं ने नालसा के सात निश्चयों के बारे में विस्तार पूर्वक बताते हुए कहा कि तरक्की और वाणिज्यिक, यौन शोषण पीड़ितों के लिए विधिक सेवा योजना, असंगठित क्षेत्रों के श्रमिकों के लिए विधिक सेवा योजना व नशा पीड़ितों को विधिक सेवाएं एवं नशा उन्मूलन के लिए सेवाओं को जनहित व समाजहित में लिगल पैनल अधिवक्ता एवं पारा लिगल वोलेंटियर के सहयोग से सुदूरवर्ती गांवों में विधिक जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करने पर बल दिया गया़
कार्यक्रम का संचालन विधिक संघ के पूर्व सचिव रवि विलोचन वर्मा कर रहे थे़ मौके पर अधिवक्ता रजनीश कुमार, कुमारी बबीता, रोहिणी दास, रामविलास शर्मा, शैलेश कुमार, रमेश कुमार त्रिपाठी, विजय कुमार सिंह, संजय सुमन भारती, वार्ड पार्षद गौतम कुमार सहित अन्य उपस्थित थे़
कार्यक्रम को संबोधित करते जिला जज मदन किशोर कौशिक, न्यायाधीश तृतीय त्रिभुवन नाथ, परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश ज्योतिंद्र कुमार सिन्हा, एसपी अशोक कुमार व अन्य.
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