आसानी से मिल रही शराब

Published at :09 May 2016 5:12 AM (IST)
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आसानी से मिल रही शराब

दुखद स्थिति . पॉश इलाके में शराब की हो रही हाेम डिलिवरी सूबे में शराबबंदी के बावजूद जिले के विभिन्न पॉश इलाकों में चोरी-छिपे शराब की होम डिलिवरी की जाने लगी है. इसी का परिणाम है कि आये दिन पुलिस छापेमारी में शराब बरामद की जा रही है. सूत्रों के अनुसार शराबबंदी से पूर्व ही […]

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दुखद स्थिति . पॉश इलाके में शराब की हो रही हाेम डिलिवरी

सूबे में शराबबंदी के बावजूद जिले के विभिन्न पॉश इलाकों में चोरी-छिपे शराब की होम डिलिवरी की जाने लगी है. इसी का परिणाम है कि आये दिन पुलिस छापेमारी में शराब बरामद की जा रही है. सूत्रों के अनुसार शराबबंदी से पूर्व ही शराब माफियाओं ने शराब का स्टॉक कर लिया था, जिसे अब धीरे-धीरे खपाया जा रहा है.
लखीसराय : राज्य सरकार के शराब बंदी के निर्णय से लोगों ने राहत की सांस ली. शराब बंदी को प्रभावी बनाने लिये सरकार द्वारा बहुत से कार्यक्रम कर जागरूक करने का कार्य किया. वहीं राज्य के सभी थानों के थानाध्यक्ष से लिखवा कर ले लिया गया कि उनके क्षेत्र में शराब का अवैध निर्माण या बिक्री नहीं हो रही है. अगर ऐसा पाया जाता है
तो उन पर कार्रवाई किये जाने की भी बात कही गयी थी. इस प्रकार सरकार ने पूर्ण शराब बंदी को प्रभावी बनाने को लेकर पुलिस प्रशासन को खुली छूट दे दी. लेकिन उसके बावजूद भी जिला मुख्यालय में धड़ल्ले से शराब माफियाओं द्वारा शराब की बिक्री खुले आम की जा रही है. बस थोड़ा कीमत ज्यादा लिया जा रहा है. सूत्रों के अनुसार शहर के पाॅश इलाकों में शराब माफियाओं द्वारा अब ज्यादा कीमत पर घर घर पहुंचा कर शराब उपलब्ध करायी जा रही है. शराब माफिया द्वारा जो शराब उपलब्ध कराया जा रहा है उसमें से अधिकतर बोतल सेल फार बिहार का टैग लगा हुआ दिख रहा है.
शराब बरामद
लखीसराय. रविवार की देर शाम बड़हिया रेल पुलिस ने चेकिंग के दौरान 53131 अप शियालदाह मुजफफरपुर फास्ट पैसेंजर ट्रेन से एक लावारिस बैग की तलाशी लेने पर साढ़े सात सौ एमएल शराब की कुल 13 बोतल बरामद की गयी़ इस संबंध में बड़हिया जीआरपी प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि जीआरपी जवानों को चेकिंग के दौरान एक लावारिस बैग मिला, जिससे शराब की बोतलें बरामद हुई़ एक सप्ताह के अंदर बड़हिया में दूसरी बार ट्रेन से शराब बरामद की गयी़
स्टॉक को धीरे-धीरे खपा रहे माफिया
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पूर्ण शराब बंदी की घोषणा के पूर्व शराब माफियाओं के द्वारा शराब का स्टॉक कर रख लिया गया. अब धीरे धीरे उसे बाजार में अपने लड़के के माध्यम गोपनीय तरीके से खपत किया जा रहा है. जो उनके पहचान के विश्वस्त ग्राहक हैं सिर्फ उन्हीं को या उनके द्वारा संपर्क में आने वाले ग्राहकों को ही उपलब्ध कराया जा रहा है.
इस पर भी रोक के लिए सरकार के द्वारा उत्पाद विभाग को ब्रेथ एनालाइजर उपलब्ध कराया गया लेकिन इसके उपयोग से अब तक एक भी शराब पीने वालों का नहीं पकड़ा जा सका है. बताया जाता हैं कि जिले के वैसे शराबी जो बिना शराब के नहीं रह सकते हैं. सप्ताह में एक दिन झारखंड के देवघर जाकर अपने जरूरत के हिसाब से शराब खरीद कर ला रहे हैं. एक दो घटना छोड़ कर अब तक विभाग के द्वारा कोई बड़ी उपलब्धि हासिल नहीं की जा सकी है.
जिले में 3773 नशेड़ियों की पहचान
नशा मुक्ति केंद्र में अब तक आये मात्र 13 रोगी
नशा मुक्ति केंद्र में भरती के लायक एक भी शराबी नहीं
सियालदह-मुजफ्फरपुर पैसेंजर ट्रेन बनी शराब ढोने वाली ट्रेन
अब तक सबसे ज्यादा बार हुआ इस ट्रेन में बरामद शराब
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