छठे दिन अपहृत सीपीआइ नेता रिहा, नक्सलियों ने मानी हार : डीआइजी

Updated at : 13 Dec 2019 8:57 AM (IST)
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छठे दिन अपहृत सीपीआइ नेता रिहा, नक्सलियों ने मानी हार : डीआइजी

लखीसराय/कजरा : जिले के पीरीबाजार थाना क्षेत्र से विगत छह दिसंबर की देर शाम नक्सलियों के द्वारा हथियार के बल पर अपहरण किये गये सीपीआई नेता कॉ मदनमोहन सिंह को बुधवार की देर रात नक्सलियों ने सकुशल रिहा कर दिया. जिसके बाद कॉ सिंह रात के लगभग बारह बजे अपने घर पहुंच गये. इस संबंध […]

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लखीसराय/कजरा : जिले के पीरीबाजार थाना क्षेत्र से विगत छह दिसंबर की देर शाम नक्सलियों के द्वारा हथियार के बल पर अपहरण किये गये सीपीआई नेता कॉ मदनमोहन सिंह को बुधवार की देर रात नक्सलियों ने सकुशल रिहा कर दिया.

जिसके बाद कॉ सिंह रात के लगभग बारह बजे अपने घर पहुंच गये. इस संबंध में जानकारी देते हुए डीआइजी मनु महाराज ने बताया कि पुलिस लगातार नक्सलियों पर दबिश बना रही थी कि श्री सिंह को सकुशल रिहाई कर दे. जिसके बाद नक्सलियों ने बुधवार की रात उन्हें रिहा कर दिया गया.
यहां बता दें कि नक्सली कमांडर अर्जुन कोड़ा एवं नारायण कोड़ा के दस्ते द्वारा शुक्रवार की देर शाम पांच की संख्या में दो बाइक पर कॉ मदनमोहन सिंह के घर पहुंच पहले घर में टीवी देख रहे श्री सिंह को बुलाया तथा बाद में हथियार के बल पर उन्हें अगवा कर अपने साथ जंगल में लेते चले गये.
जिसको लेकर घटना के बाद से ही डीआइजी मनु महाराज, एसपी सुशील कुमार, एएसपी अभियान पवन कुमार उपाध्याय, डीएसपी अभियान मुंगेर पंकज कुमार सहित एसटीएफ, सीआरपीएफ व कोबरा जवान श्री सिंह की खोज में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे थे.
लेवी लेकर रिहा किये जाने की भी होती रही चर्चा. बुधवार की रात को सीपीआई नेता के स्वयं सकुशल अपने घर पहुंचने के बाद क्षेत्र में लेवी मिलने के बाद नक्सलियों के द्वारा उन्हें रिहा किये जाने की चर्चा होती रही.
कोई कह रहा था कि अपहरण के बाद से ही नक्सली उनकी सकुशल रिहाई के बदले एक मोटी रकम की मांग कर रहे थे. जिसको लेकर रकम की मांग पर समझौता किये जाने का प्रयास जारी था तथा अंत में तय रकम दिये जाने के बाद उन्हें सकुशल रिहा कर दिया गया.
नक्सलियों ने दी पुलिस को खुली चुनौती . चर्चाओं की मानें तो कॉ मदन मोहन सिंह को अपहरण करने तथा बाद में सकुशल स्वयं रिहा करके नक्सलियों ने क्षेत्र में पुलिस के द्वारा चलाये जा रहे सर्च अभियान को चुनौती दे डाला है. सूत्रों की मानें तो क्षेत्र में विगत दस दिनों से नक्सली कमांडर अर्जुन कोड़ा अपने दस्ते के साथ पीरीबाजार थाना क्षेत्र के लठिया, हनुमानथान, घोघी सहित आसपास के अन्य गांवों में भ्रमण कर नक्सल प्रभावित गांव के युवाओं को संगठन से जोड़ने का प्रयास कर रहा था.
इसके बावजूद पुलिस के द्वारा जानकारी के अभाव में क्षेत्र में कारगर ऑपरेशन नहीं चलाये जाने का ही परिणाम रहा कि नक्सलियों ने कॉ मदन सिंह का अपहरण कर लिया. नक्सलियों को जानकारी थी कि कॉ सिंह को एनटीपीसी में जमीन जाने से एक मोटी रकम सरकार के यहां मिला है.
जिसको लेकर ही नक्सली अर्जुन ने एक मोटी रकम लेवी के रूप में मिलने की आस में कॉ सिंह का अपहरण किया तथा अंतत: एक निश्चित रकम लेकर उन्हें सकुशल रिहा किया. हालांकि इस संबंध में न तो परिजन और न ही पुलिस पदाधिकारी कुछ भी बोलना चाह रहे हैं. पुलिस पदाधिकारियों के अनुसार पुलिस दबिश की वजह से नक्सलियों ने कॉ सिंह को रिहा किया है.
इसके पूर्व भी नक्सलियों द्वारा किया जा चुका है अगवा -नक्सलियों के सप्ताहीक बंदी के समय ही 20 दिसंबर 2017 को डयूटी पर तैनात सहायक स्टेशन मास्टर मसूदन मुकेश कुमार और पोर्टर निरेंद्र मंडल को नक्सलियों ने अगवा किया था. वहीं पीरी बाजार थाना क्षेत्र के लहसोरबा गांव निवासी भूना यादव सहित तीनों पुत्र को नक्सलियों ने 20 अगस्त 2018 को अगवा कर लिया था.
सीपीआइ नेता के रिहा होने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने दी बधाई
पुलिस प्रशासन के कार्यों को सराहा
घटना के दौरान किसी भी जनप्रतिनिधि के नहीं पहुंचने पर की निंदा
लखीसराय. जिले के पीरीबाजार थाना क्षेत्र के घोघी गांव से विगत छह दिसंबर की संध्या में नक्सलियों के द्वारा अपहरण किये गये सीपीआई नेता मदनमोहन सिंह के बुधवार की रात्रि सकुशल लौट आने पर सीपीआई नेताओं ने हर्ष व्यक्त करते हुए इसके लिए पुलिस प्रशासन को बधाई दी है.
इस संबंध में भाकपा के कार्यालय मंत्री कॉ. अरूण कुमार सिंह ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि जैसे ही कॉ मदन सिंह के अपहरण की सूचना मिली तो पार्टी जिला सचिव कॉ जितेंद्र कुमार, एटक नेता कॉ जनार्दन सिंह, खेमयू अंचल मंत्री कॉ कैलाश, कॉ बच्चू राम, लोसघानी निवासी व समाजसेवी सच्चिदाजी, टुनटुनजी सहित आस-पास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मदन जी के घर पहुंचे. जहां बताया गया कि छह दिसंबर की रात साढ़े सात बजे कॉ मदन सिंह जब घर में टीवी देख रहे थे तो नक्सलियों ने घर से बुलाकर हथियार के बल पर उनका अपहरण कर लिया था.
जिसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं के द्वारा दस दिसंबर को घोसैठ दुर्गास्थान के प्रांगण में कॉ मदन सिंह को जल्द रिहाई कराने की मांग को लेकर एक दिवसीय सर्वदलीय धरना दिया गया. जिसमें पार्टी के पूर्व राज्य सचिव व पूर्व विधायक दल नेता कॉ राजेंद्र प्रसाद सिंह, जिला सचिव कॉ जितेंद्र कुमार सहित पार्टी एवं विभिन्न दलों के नेताओं और आम लोग शामिल थे. वहीं घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने रेल जाम कर दिया तथा यातायात भी अवरुद्ध किया, साथ ही दुकानदारों ने दुकानें बंद कर दी थी.
बढ़ते जनाक्रोश और पुलिस की दबाव के कारण आखिरकार बुधवार की देर रात कॉ मदन को सकुशल मुक्त करना पड़ा. उन्होंने कहा कि इसके लिए पार्टी पुलिस प्रशासन और खास कर डीआइजी मनु महाराज तथा लखीसराय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार एवं आमलोगों के प्रति भी आभार व्यक्त करती है.
जिन्होंने इस घटना के खिलाफ अपनी भूमिका निभायी. साथ ही इस बात पर चिन्ता और दुख भी व्यक्त करती है कि कमजोर वर्गों की लड़ाई लड़ने वाले प्रतिभा संपन्न एक नेता का अपहरण की घटना पर कोई कथित जन-प्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवार से मिलने की औपचारिकता तक नहीं निभायी. जबकि यहां से विधायक, राज्य सरकार में मंत्री और संसद भी हैं.
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