असम के तर्ज पर बिहार में भी लागू हो एनआरसी : प्रवीण
Updated at : 13 Sep 2019 5:46 AM (IST)
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ठाकुरगंज : असम के बाद बिहार में भी राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की मांग उठने लगी है. गुरुवार को भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री प्रवीण कुमार ने राष्ट्रीय रजिस्टर ऑफ सिटिजनशिप बिहार में लागू करने को मांग करते हुए इसे असम की तर्ज पर बिहार में भी एनआरसी की जरूरत बताई. गुरुवार को पत्रकारों […]
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ठाकुरगंज : असम के बाद बिहार में भी राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की मांग उठने लगी है. गुरुवार को भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री प्रवीण कुमार ने राष्ट्रीय रजिस्टर ऑफ सिटिजनशिप बिहार में लागू करने को मांग करते हुए इसे असम की तर्ज पर बिहार में भी एनआरसी की जरूरत बताई.
गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में प्रवीण कुमार ने कहा कि बिहार में बड़ी तादाद में बांग्लादेशी हैं. इसलिए उन्हें बाहर करना जरूरी है. यह भी कहा कि एनआरसी को सियासी चश्मे से देखने की जरूरत नहीं है. यह देश के लिए आवश्यक है.
उन्होंने कहा एनआरसी बननी ही चाहिए. इसी से पता चलेगा कि राज्य में कौन सही हैं और कौन गलत जो गलत तरीके से बसे हैं वे बाहर जायेंगे. उन्होंने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रीय रजिस्टर ऑफ सिटिजनशिप बिहार में लागू करने के बारे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र प्रेषित भी किया है.
इस दौरान उन्होंने कटिहार सांसद की बयान की तीखी निंदा की और जम्मू कश्मीर, असम, बंगाल, और बिहार के क्षेत्रों सहित अन्य राज्यों में घुसपैठ के लिए कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार बताया.
कहा कि कांग्रेस सरकार किकी लापरवाही के कारण कई दशकों तक पड़ोसी देशों से बड़े पैमाने पर अवैध घुसपैठ जारी रहा. श्री कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा देश भर में करोड़ों की संख्या में रह रहे अवैध बांग्ला देशी घुसपैठियों की पहचान को लेकर राष्ट्रहित में एनआरसी तैयार करने की योजना बनायी गयी है.
असम में अवैध रूप से रहने वाले लाखों घुसपैठिये की पहचान इसके माध्य्म से हुई है. श्री कुमार ने कहा कि अवैध घुसपैठिये केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के समक्ष खतरा नहीं बल्कि देश के आर्थिक,सामाजिक, व संप्रभुता पर गम्भीर खतरा है. वोट की लालच में कुछ राजनितिक दल राष्ट्रहित की अनदेखी कर अपनी राजनीतिक रोटी सेक रहे हैं. कहा कि पूरे देश में तीन करोड़ से अधिक घुसपैठिये आ चुके हैं.
जिसके माध्यम से आतंकी संगठन अपनी गतिविधियों को अंजाम देते हैं. बांग्लादेश से इतनी बड़ी संख्या में घुसपैठिये आने का कारण गरीबी व बेरोजगारी नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत ग्रेटर बांग्लादेश के सपना संजोये किया जा रहा है. उन्होंने कहा बिहार में एनआरसी सबसे पहले किशनगंज, कटिहार, सहरसा, पूर्णिया, अररिया सहित अन्य सीमावर्ती जिले में लागू हो.
इन जिलों में 1952 में हुए चुनाव और 1954 में हुए भूमि सर्वेक्षण को आधार मानकर नागरिकता तय की जाए. जिनके पुरखों या माता-पिता के नाम के रिकार्ड उस समय के हैं, उन्हें भारत का नागरिक माना जाए. जिनका कोई रिकार्ड नहीं है, वे बांग्लादेशी घुसपैठिये हैं. ये घुसपैठिये ही राज्य और देश की विधि-व्यवस्था बिगाड़ते हैं.
चोरी, डकैती, मानव तस्करी, गो तस्करी सहित आतंकी हमलों में इनकी भूमिका रहती है. वार्ता में कुमार के साथ जिला अध्यक्ष अमित सिन्हा, भाजपा नेता अनिल महाराज उपाध्यक्ष रत्नेश कर्ण गुरदेव शरण सिंह गुडु, महामंत्री प्राणव सिन्हा, मधुकर सिंह दीपम सरकार, मीडिया प्रभारी गगनदीप सिंह, सुनील तिवारी, वियुमो नगर अध्यक्ष सन्नी झा, संजय सिन्हा, महामंत्री गौरव गुप्ता शामिल थे.
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