लखीसराय : सूर्यगढ़ा : कहते हैं विद्यालय शिक्षा का मंदिर होता है जहां शिक्षक बच्चों का भबिष्य गढ़ने का काम करते हैं, लेकिन आज स्थिति इसके उलट नजर आ रहा है. अधिकतर विद्यालयों में व्यवस्था पुरी तरह पटरी से उतरा नजर आ रहा है. विद्यालय में व्यापक पैमाने पर हो रही लूट-खसोट पर अंकुश नहीं लग पा रहा है.
लगातार बच्चों की हकमारी हो रही है. मंगलवार को बीइओ रामबिलास प्रसाद ने सूर्यगढ़ा शिक्षांचल के मध्य विद्यालय जकड़पुरा-जगदीशपुर का औचक निरीक्षण कर व्यवस्था की जानकारी ली तो वहां की कुव्यवस्था अनियमितता की कहानी खुद व खुद बयां करती नजर आयी.
बताते चलें पिछले दिनों विद्यालय में लगातार हो रही एमडीएम के चावल की चोरी सहित अन्य अनियमितता को लेकर ग्रामीणों ने जमकर बबाल काटा था. पंचायत समिति की बैठक में भी विद्यालय में व्याप्त कुव्यवस्था की ओर ध्यान आकृष्ट किया गया था.
अधिकतर बच्चों ने कहा नहीं खाया एमडीएम : निरीक्षण के क्रम में सातबी कक्षा के बच्चे सनोज, महादेव, राजकमल, अभिषेक सहित अधिकतर बच्चों का कहना था कि उन्होंने एमडीएम नहीं खाया. कारण पूछने पर बच्चे खुलकर कुछ भी बताने से कतराते नजर आये.
कुछ बच्चों का कहना था कि भोजन में केवल चावल एवं सोयावीन परोसा गया. जानकारी के अनुसार मीनू के मुताबिक एमडीएम में चावल, दाल के साथ हरी सब्जी परोसा जाना चाहिये था. हाल के महीने में विद्यालय में इस्तेमाल के लिये एक भी शौचालय उपलब्ध नहीं होने की खबर प्रकाशित होने के बाद विद्यालय प्रबंधन द्वारा एक जर्जर शौचालय की मरम्मति कराकर उसे इस्तेमाल कि लिये चालू किया गया.
निरीक्षण के क्रम में वो शौचालय भी बुरी स्थिति में नजर आया. विद्यालय में आंगन में चालू एकमात्र शौचालय के समीप दुसरा शौचालय अब भी टुटा ब बेकार पड़ा नजर आया. किचन शेड के समीप छात्राओं का शौचालय भी खराब व बंद पड़ा था. लोकसभा चुनाव को लेकर विद्यालय के दक्षिण बरामदा पर निर्माणाधीन शौचालय अब भी अधूरा था. शौचालय में घटिया ईट एवं टूटा हुआ पाट का इस्तेमाल किया गया था.
बीइओ ने शौचालय निर्माण का कार्य पूर्ण करने एवं खराब पड़े शौचालय को अविलंब ठीक कराने को कहा. इधर, बीइओ ने विद्यालय के मुख्य गेट पर विद्यालय का नाम मिटा होने पर वहां दीवार लेखन का निर्देश दिये. मौके पर पूर्व बीआरसीसी उमेश कुमार, विद्यालय के अवकाश प्राप्त शिक्षक पितांबर पाठक सहित अन्य उपस्थित थे.
टूटे फर्श पर बैठकर परीक्षा दे रहे थे बच्चे
निरीक्षण के क्रम में विद्यालय में कक्षा छह एवं सात के बच्चों का वार्षिक मूल्यांकन परीक्षा चल रहा था. एक जर्जर कमरे में बच्चें जमीन पर बैठकर परीक्षा दे रहे थे. कमरे का फर्श पुरी तरह टुटा एवं बैठने योग्य नहीं था.
बच्चों को टूटे फर्श पर ही बैठाकर परीक्षा लिया जा रहा था. पूछने पर जानकारी दिया गया कि एचएम विमला कुमारी प्रशिक्षण में गयी हुई हैं. बीइओ ने व्यवस्था पर असंतोष जताते हुए विद्यालय विकास मद की राशि से फर्श की मरम्मति का निर्देश दिया.
