रेतुआ नदी में अवैध खनन का ग्रामीणों ने किया विरोध, रोक लगाने की मांग
Updated at : 07 Apr 2026 11:53 PM (IST)
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जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत लोधाबाड़ी व धापरटोला गांव के समीप बहने वाली रेतुआ नदी में पोकलेन मशीनों के जरिए अवैध बालू खनन लगातार जारी है
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किशनगंज.
जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत लोधाबाड़ी व धापरटोला गांव के समीप बहने वाली रेतुआ नदी में पोकलेन मशीनों के जरिए अवैध बालू खनन लगातार जारी है. नदी किनारे भारी मशीनों से हो रही खुदाई ने स्थानीय ग्रामीणों की चिंता को बढ़ा दिया है. लोगों का कहना है कि तट के बेहद करीब खनन किए जाने से नदी का प्राकृतिक बहाव प्रभावित हो रहा है, जिससे बरसात के मौसम में हालात और भी भयावह हो जाते हैं. ग्रामीणों के अनुसार, हर वर्ष मानसून के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर तेज धारा गांव की ओर कटाव करने लगती है. इसके कारण दर्जनों घर नदी में समा जाते हैं और कई परिवार बेघर होकर आर्थिक संकट से जूझने को मजबूर हो जाते हैं. बावजूद इसके अवैध खनन पर अब तक कोई प्रभावी रोक नहीं लगाई जा सकी है. स्थानीय लोगों ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन को लिखित एवं मौखिक रूप से सूचना दी गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. इस संबंध में सांसद प्रतिनिधि हसनैन राजा ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिला पदाधिकारी को इस मामले में अविलंब संज्ञान लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि हर वर्ष नदी कटाव के कारण दर्जनों घर नदी के गर्भ में समा जाते हैं और लोग बेघर हो जाते हैं, फिर भी प्रशासन की निष्क्रियता समझ से परे है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाई जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो तथा नदी किनारे बसे गांवों को कटाव से बचाने के लिए स्थायी एवं प्रभावी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं, ताकि भविष्य में होने वाले नुकसान को रोका जा सके.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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