ज्ञान भारतम् मिशन के तहत सहेजी जायेगी जिले की सांस्कृतिक विरासत

Updated at : 04 Apr 2026 11:43 PM (IST)
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ज्ञान भारतम् मिशन के तहत सहेजी जायेगी जिले की सांस्कृतिक विरासत

ज्ञान भारतम् मिशन के तहत सहेजी जायेगी जिले की सांस्कृतिक विरासत

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डीएम ने दिये पाण्डुलिपियों के सर्वेक्षण व डिजिटलीकरण के निर्देश, सुरजापुरी साहित्य पर विशेष फोकस

किशनगंज. जिला पदाधिकारी विशाल राज की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय वेश्म में ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत पाण्डुलिपियों के सर्वेक्षण, संरक्षण व डिजिटलीकरण की कार्ययोजना के संबंध में बैठक आयोजित की गयी. बैठक में मिशन के उद्देश्य व स्वरूप, राज्य सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग तथा भारत सरकार द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों पर विस्तृत चर्चा की गयी.

प्रखंड स्तर पर होगा समितियों का गठन

जिला पदाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में पाण्डुलिपियों की खोज हेतु प्रखंड स्तरीय समिति गठित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि जिले के सभी संभावित स्थलों जैसे पुस्तकालय (विशेषकर राजेन्द्र पुस्तकालय), मंदिर, मदरसा व पुराने विद्यालय, ऐतिहासिक स्थल एवं धार्मिक संस्थान, जिला अभिलेखागार (रिकॉर्ड रूम) आदि स्थानों पर पाण्डुलिपियों की गहन खोज सुनिश्चित की जाए तथा मिलने वाली सामग्रियों का विस्तृत सूचीकरण किया जाए.

कैथी व सुरजापुरी भाषा को प्राथमिकता

बैठक में कैथी लिपि सहित अन्य प्राचीन लिपियों में उपलब्ध पाण्डुलिपियों को चिन्हित करने पर जोर दिया गया. उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार झा ने विशेष रूप से स्थानीय एवं अंचलिक भाषाओं, खासकर सुरजापुरी भाषा से संबंधित पाण्डुलिपियों की खोज पर बल दिया, ताकि क्षेत्रीय संस्कृति को वैश्विक मंच मिल सके.

डिजिटलीकरण के लिए मोबाइल ऐप का होगा उपयोग

जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी प्रहलाद कुमार ने बताया कि जिला स्तरीय समिति का गठन पहले ही किया जा चुका है. प्राप्त पाण्डुलिपियों को ””ज्ञान भारतम्”” मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से अपलोड किया जायेगा. सर्वेक्षण कार्य के लिए तीन माह की समयसीमा निर्धारित की गयी है.

विरासत का संरक्षण

जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पाण्डुलिपियां हमारी अनमोल सांस्कृतिक धरोहर हैं. इनका संरक्षण और डिजिटलीकरण आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे व्यक्तियों की भी पहचान की जाए जिनके पास परंपरागत रूप से पाण्डुलिपियां संरक्षित हैं, ताकि उनकी वास्तविक स्थिति का आकलन कर उन्हें सुरक्षित किया जा सके.

इस महत्वपूर्ण बैठक में उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार झा, वरीय उप समाहर्ता सुनीता कुमारी, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी प्रहलाद कुमार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे.

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