उर्वरक संकट की आशंका के बीच प्रशासन हुआ सख्त
Updated at : 04 Apr 2026 11:45 PM (IST)
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उर्वरक संकट की आशंका के बीच प्रशासन हुआ सख्त
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ठाकुरगंज में संदिग्ध बिक्री पर जिला कृषि पदाधिकारी ने दी चेतावनी, लाइसेंस रद्द करने की कही बात
ठाकुरगंज. वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव व संभावित खाड़ी युद्ध की आहट ने स्थानीय कृषि क्षेत्र में हलचल पैदा कर दी है. उर्वरकों की आपूर्ति पर संभावित असर की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. इसी कड़ी में जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा जारी पत्र (संख्या 807, दिनांक 02 अप्रैल 2026) में सभी खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं.संदिग्ध बिक्री पर प्रशासन की पैनी नजर
आइएफएमएस रिपोर्ट की समीक्षा में यह सामने आया कि एक अप्रैल 2026 को जिले के कुछ विक्रेताओं द्वारा अत्यधिक मात्रा में उर्वरक की बिक्री की गयी, जो प्रथम दृष्टया संदिग्ध प्रतीत होती है. प्रशासन ने इसे संभावित जमाखोरी या कालाबाजारी से जोड़कर देखा है. मामले की जांच शुरू कर दी गयी है.वैश्विक संकट का स्थानीय असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खाड़ी क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बनती है, तो कच्चे तेल व प्राकृतिक गैस की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है. चूंकि उर्वरक उत्पादन बड़े पैमाने पर गैस आधारित होता है, ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्पादन व कीमत दोनों पर असर पड़ना तय है. इसका सीधा प्रभाव भारत सहित किशनगंज जैसे कृषि प्रधान क्षेत्रों पर पड़ेगा.खरीफ मौसम में खाद की जरूरत
खरीफ मौसम (जून–अक्टूबर) में धान, मक्का व सोयाबीन जैसी फसलों की अच्छी पैदावार के लिए संतुलित खाद देना बेहद जरूरी होता है. बारिश के कारण मिट्टी से पोषक तत्व बह जाते हैं, इसलिए उनकी पूर्ति आवश्यक है. बुवाई के समय डीएपी व पोटाश, जबकि यूरिया को 2–3 किस्तों में देना सबसे बेहतर माना जाता है. सही मात्रा और समय पर खाद देने से उत्पादन बढ़ता है.प्रशासन की तैयारी व सख्त चेतावनी
संभावित संकट को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियात बरतना शुरू कर दिया है. विक्रेताओं को खरीफ मौसम के लिए पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने व अनावश्यक बिक्री पर रोक लगाने के आदेश दिए गए हैं. जिला कृषि पदाधिकारी प्रभात कुमार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी व दोषी विक्रेताओं के लाइसेंस तक रद्द किए जा सकते हैं.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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