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वेतन निर्धारण में हो रही देरी से शिक्षकों में आक्रोश

Updated at : 26 Aug 2025 8:43 PM (IST)
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वेतन निर्धारण में हो रही देरी से शिक्षकों में आक्रोश

सक्षमता-दो व दो परीक्षा उत्तीर्ण कर विशिष्ट शिक्षक बने शिक्षकों का अब तक वेतन निर्धारण नहीं हो सका है. इससे जिले के हजारों शिक्षक हर माह 10 से 15 हजार कम वेतन पा रहे हैं

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किशनगंज.

सक्षमता-दो व दो परीक्षा उत्तीर्ण कर विशिष्ट शिक्षक बने शिक्षकों का अब तक वेतन निर्धारण नहीं हो सका है. इससे जिले के हजारों शिक्षक हर माह 10 से 15 हजार कम वेतन पा रहे हैं. शिक्षक नियमावली में वेतन संरक्षण का स्पष्ट प्रावधान है, इसके बावजूद आठ महीने बीत जाने के बाद भी वेतन निर्धारण प्रक्रिया लंबित है. परिवर्तन कारी प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष शाहनवाज राही व महासचिव अरुण कुमार ठाकुर ने इस पर नाराजगी जताते हुए बताया कि वेतन निर्धारण नहीं होने से नियोजित शिक्षकों की तुलना में 13 हजार कम वेतन उठा रहे हैं. नियोजित शिक्षकों से सक्षमता परीक्षा लेकर राज्यकर्मी तो बना दिया. मगर राज्यकर्मी के रूप में एक जनवरी 2025 को योगदान के पश्चात आज तक विशिष्ट शिक्षकों का पे-फिक्सेशन नहीं हो पाने से सक्षमता परीक्षा देकर राज्यकर्मी बने शिक्षकों को नियोजित शिक्षकों की तुलना में प्रतिमाह 13 हजार रुपये कम वेतन भुगतान हो रहा है. राज्यकर्मी बनने के बाद से लगातार हर माह कम वेतन मिलने से विशिष्ट शिक्षकों में निराशा का भाव पैदा हो रहा है. यही नहीं विशिष्ट शिक्षक आर्थिक रूप से भी परेशानी झेल रहे हैं. अभी तक अधिसूचना के आलोक में पे-फिक्सेशन का कार्य प्रारंभ नहीं करना दुर्भाग्यपूर्ण है.दुख तो इस बात की है कि सक्षमता परीक्षा देने के पूर्व जिस शिक्षकों का बेसिक पे 30 हजार था.सक्षमता परीक्षा देकर राज्यकर्मी बनने के बाद उन्हें वर्तमान में 25 हजार के बेसिक पे के आधार पर भुगतान किया जा रहा है. जबकि बिहार सरकार ने विशिष्ट शिक्षक नियमावली के गजट में स्पष्ट कर दिया है कि सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण विशिष्ट शिक्षक जो राज्यकर्मी बन चुके हैं. उन्हें पे प्रोटेक्शन के तहत पे-फिक्सेशन कर वेतन भुगतान किया जायेगा. मगर दुर्भाग्य की बात है कि आठ माह बीतने को है. अभी तक पे-फिक्सेशन का कार्य प्रारंभ नहीं होना चिंताजनक है. जिलाध्यक्ष ने कहा कि जो नियोजित शिक्षक सक्षमता परीक्षा देकर अपनी श्रेष्ठता दिखाकर राज्यकर्मी बने उन्हें उन्हीं के बैच के नियोजित शिक्षक जो परीक्षा नहीं दिए हैं. उनसे 13 हजार रुपये प्रतिमाह कम वेतन भुगतान होने के खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं. वहीं प्रधानाध्यापक और प्रधान शिक्षकों का भी वेतन निर्धारण अभी तक नहीं हो सका है, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है.जबकि अपने जिले से एक प्रखंड से दूसरे प्रखंड में स्थानांतरित होकर आने वाले शिक्षकों को जुलाई माह का वेतन भुगतान नहीं हुआ है. जबकि शिक्षकों ने जून माह में ही नए विद्यालय में योगदान किया है.इसलिए स्थानांतरित शिक्षकों को तुरंत वेतन का भुगतान किया जाए.उन्होंने सरकार से मांग की है जल्द से जल्द वेतन निर्धारण किया जाए.क्योंकि शिक्षक आर्थिक परेशानी से जूझ रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AWADHESH KUMAR

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