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ईद पर दिलों में मिठास घोलेंगी सेवइयां

Updated at : 19 Mar 2025 8:18 PM (IST)
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ईद पर दिलों में मिठास घोलेंगी सेवइयां

बाजार में सजी सेवइयों की दुकानें रमजान में जैसे खुशियों का पैगाम देते दिख रही हैं,जो ईद के मौके पर लोगों की जुबां के साथ दिलों में भी मिठास घोलेंगी.

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कई प्रकार की सेवाईयों से भरा बाजार.

जमकर हो रही है सेवइयों की खरीददारी

किशनगंज. ईद पर्व को लेकर पूरे जिले में तैयारियां जोरों पर है और ईद में सेवइयों का खास महत्व है.बगैर सेवइयों के ईद की खुशियां पूरी नहीं होती है. बाजार में सजी सेवइयों की दुकानें रमजान में जैसे खुशियों का पैगाम देते दिख रही हैं,जो ईद के मौके पर लोगों की जुबां के साथ दिलों में भी मिठास घोलेंगी.शहर से लेकर गांव तक के बाजारों में विभिन्न किस्म के सेवइयों से बाजार भरी पड़ी है.जमकर खरीददारी भी हो रही है.

शहर के फल चौक, चूरी पट्टी,पश्चिम पाली,कागजिया पट्टी समेत जिले के ग्रामीण बाजारों में सेवई की दुकानें सजी हुई हैं.सेवई विक्रताओं का कहना है कि पूरे 30 दिन का रोजा रखने के बाद ईद का त्योहार खुशियों की सौगात लेकर आता है.जुबां के साथ दिलों में मिठास घोलने वाली सेवइयों का इस त्योहार में कुछ अलग ही महत्व है.सेवइयों से तरह-तरह के मीठे पकवान बनाए जाते हैं.घर आए मेहमानों का स्वागत नमकीन पकवान के साथ मिठास घोलती सेवइयों से किया जाता है.सबसे अधिक वाराणसी की सेवइयों की मांग हो रही है, जो 90 रुपये किलो बिक्री की जा रही है. दुकानदारों ने बताया की सेवइयां थोक में पटना व वाराणसी से मंगाई गई हैं,जो पिछले साल की तुलना में 10-20 रुपये (प्रति किलो) अधिक दर पर खरीदारी की गई है. कारोबारियों ने कहा कि अन्य सामान की तुलना में सेवई की बिक्री ठीक हो रही है.

सेवइयां खाकर लोग मनाते हैं खुशियां

बाजार में सेवइयों की खरीदारी करने पहुंचे आफताब ने कहा कि ईद के मौके पर सेवइयां खाना अच्छा माना जाता है.इस दिन हर व्यक्ति के घर में सेवइयां जरूर बनती हैं. वहीं, कलाम अंसारी ने बताया कि इस मौके पर सेवई खाने का रिवाज पुराना है,रमजान खुशी का पर्व है सो खुशियों में मिठास घोलने के लिए सेवइयां बनाई जाती है.मो.आफताब ने कहा कि ईद के दिन सेवइयां खाना अच्छा माना जाता है.उनके यहां महिलाएं ही सेवइयों की खरीदारी करती हैं. उनका मानना है की सेवइयों के बगैर पर्व फीका सा रहता है.

सेवइयों की कीमत

लोकल मोटा सेवई -70 से 80 रुपये किलो.

किमामी सेवई – 70 से 100 रुपये किलो.

रूमाली सफेद सेवई – 80 से 90 रुपये किलो.

दूधफेनी सेवई – 170 रुपये किलो.

माकुटी सेवई – 130 से 160 रुपये किलो.

लच्छा सेवई – 110 से 140 रुपये किलो.

ब्रिक्स-फार्म सेवई – 330 रुपये किलो.

चीनी- 44रुपये किलो रिफाइंड तेल-150 रुपये लीटर.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AWADHESH KUMAR

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By AWADHESH KUMAR

AWADHESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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