पूरे उत्साह के साथ लोगों ने नववर्ष 2025 का किया स्वागत, पिकनिक स्पॉट पर उमड़ी लोगों की भीड़

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 01 Jan 2025 7:46 PM

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खट्टी-मीठी यादें पीछे रह गयी और नयी संभावनाओं और नयी उम्मीद को अपने आंचल में समेटे वर्ष 2025 का बुधवार को धूमधाम से आगाज हुआ. मंगलवार की रात जब घड़ी की सुई 12.01 पर गयी तो पूरा शहर आतिशबाजी की रोशनी से नहा उठा.

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किशनगंज.खट्टी-मीठी यादें पीछे रह गयी और नयी संभावनाओं और नयी उम्मीद को अपने आंचल में समेटे वर्ष 2025 का बुधवार को धूमधाम से आगाज हुआ. मंगलवार की रात जब घड़ी की सुई 12.01 पर गयी तो पूरा शहर आतिशबाजी की रोशनी से नहा उठा. पटाखों की गूंज ने परिवर्तन की दस्तक दी, मानों पूरा शहर नये वर्ष का स्वागत करने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहा हो.

ठंडी हवा और कोहरे के बीच सुबह ने दस्तक दी तो लोगों का उत्साह ठंड पर भारी नजर आया. लोग पिकनिक स्पॉट की ओर कूच कर गये. पिकनिक स्पॉट के रूप में चर्चित कानकी धाम, ओद्राघाट कालीबाड़ी, नेहरू पार्क, कारगिल पार्क, बूढ़ी काली मंदिर, भूतनाथ मंदिर आदि स्थानों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और अपने-अपने अंदाज में नये वर्ष का स्वागत किया. नये वर्ष के मौके पर मंदिरों में पूजा-अर्चना करने वालों की भीड़ लगी रही.

खासकर शहर के बूदी काली मंदिर, शीतला मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर, स्टेशन हनुमान मंदिर, बड़ी कोठी दुर्गा मंदिर, धरमगंज रेल गुमटी के समीप स्थित बजरंग बली मंदिर, भूतनाथ शिव मंदिर, बस स्टैंड स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर आदि में मंदिरों में श्रद्धालु बड़ी तादाद में पहुंचे. लोगों ने ईश्वर से नये साल में अमन, शांति, प्रगति और सद्भाव के लिए प्रार्थना की. स्थिति यह रही कि ओद्राघाट पुल से काली मंदिर तक जाम लगा रहा. दरअसल हर वर्ष सबसे अधिक लोग ओद्रा काली के मंदिर नये वर्ष के मौके पर पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं, लगभग यही स्थिति पश्चिम बंगाल के एकरचला काली मंदिर की भी रहती है.

एक दिन पहले से जारी रहा बधाई देने का सिलसिला

वर्ष बीतने का एहसास और नये साल के स्वागत के मौके पर सोमवार को अग्रिम बधाई और देर रात से जो एक दूसरे को बधाई देने का सिलसिला शुरू हुआ, वह मंगलवार को भी जारी रहा, मोबाइल की घंटिया घनघनाती रही, जबकि वहाट्सएप पर संदेशों का आदान-प्रदान जारी रहा. वीडियो कॉलिंग के द्वारा लोगों ने अपनों से रूबरू होकर दूरी के एहसास को मिटाने की कोशिश की, गांव से लेकर शहर तक की गलियां नववर्ष की मस्ती में सराबोर रहे. संदेश साफ था, जो बीत चुका है, उसे भूला कर नये वर्ष का नयी उम्मीद के साथ स्वागत किया जाये. कुल मिला कर नया वर्ष हर दिल में उम्मीद और तरंग जगा गया.

पिकनिक स्पॉट पर जारी रहा मस्ती का दौर

पिकनिक स्पॉट पर जारी रहा मस्ती का दौर, नये साल के स्वागत में पिकनिक के मौके पर लोगों ने जम कर मस्ती की, खासकर ओद्राघाट और ओद्रा कालीबाड़ी में मस्ती के नजारा देखने को मिला. वहीं युवाओं के पिकनिक स्पॉट डोक नदी तट आदि जगहों पर लजीज व्यंजनों के – साथ डीजे के मधुर संगीत पर थिरक – कर नववर्ष का जश्न मनाया, कहीं मटन, चिकन का दौर चला तो कहीं – घरों से बने लजीज व्यंजनों के साथ पिकनिक स्पॉट गुलजार रहा. वहीं जो केवल घरों से घूमने निकले थे, उन्होंने पिकनिक स्पॉट के पास सजी दुकानों पर गोलगप्पे, चाट, चिकन चिल्ली, चाउमीन का जमकर लुत्फ उठाया – और जश्न मनाया.

पार्क में बसी बच्चों की दुनिया

शहर- के नेहरू पार्क में हर तरफ मेले सा नजारा था. नेहरू पार्क में युवा जोड़ों और युवक-युवतियों की भीड़ कम दिखी. टीन एजर्स और युवाओं की तादाद यहां अधिक देखने को मिली. वगीत संगीत की दुनिया सजी थी, छोटे बच्चों के भीड़ के आगे पार्क का झूला, सीढ़ी और खेलने का सामान कम पड़ गया था. इस दौरान पार्क में हर जगह युवाओं में सेल्फी का क्रेज बरकरार रहा.

नशेड़ी व बाइक रेसर रहे गायब

शराब बंदी का अच्छा असर ये देखने को मिला कि नशे में पार्क एवं सड़कों पर घूमने वाले रइशजादे इस बार कहीं नजर नहीं आये. यह शराबबंदी का असर ही था कि महिलाएं, युवतियां और बच्चे खुल कर नववर्ष का जश्न मनाते दिखे. न सड़कों पर बाइक रेसर दिखे और न ही उचक्के नजर आये. हर तरफ शांत वातावरण और उल्लास के साथ बिंदास खुशियों का नजारा था. हालांकि हर जगह पुलिस की चौकस व्यवस्था थी, लेकिन भय का साया गायब था. शहर की सड़कें सूनी रही और बाजार भी बंद रहा.

नववर्ष पर मंदिरों में जुटी श्रद्धालुओं की भीड़

फोटो 6 बूढ़ी काली मंदिर

प्रतिनिधि, किशनगंज

नए साल के पहले दिन शहर के मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिये लोगों की भीड़ जुटी. सबसे ज्यादा भीड़ लाइन स्थित बूढ़ी काली मंदिर, ओदरा काली मंदिर, हनुमान मंदिर, ढेकसरा काली मंदिर, थिरानी शिव मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर, बड़ी कोठी दुर्गा मंदिर, डुमरिया काली, हलीम चश्मशान काली मंदिर मंदिर, में जुटी. लोग सुबह से ही मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंच रहे थे. मंदिर लोग अपने स्वास्थ्य और शांति की कामना कर रहे थे. वही रुईधासा स्थित महाकाल मंदिर में भी लोग महाकाल बाबा व मां काली के दर्शन के लिए पहुंच रहे थे. जिला मुख्यालय से सटे बंगाल के न कानकी स्थित बाबा रामदेव मंदिर में वही शहर से लोग बाबा के दर्शन के लिए पहुंच रहे थे.

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