शिक्षिका कुमारी गुड्डी को मिला प्रतिष्ठित शिक्षाग्रह पुरस्कार 2026, वैश्विक मंच पर बेलवा काशीपुर उमावि के कार्यों की गूंज

सामाजिक विकास और वैश्विक नीति क्षेत्र के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ शामिल थे.
किशनगंज भारत के सबसे बड़े शिक्षा नेतृत्व संवाद कार्यक्रम के दौरान बिहार के किशनगंज प्रखंड के उच्च माध्यमिक उच्च विद्यालय की शिक्षिका को स्कूली शिक्षा क्षेत्र में किये गये छात्राओं के स्वास्थ्य जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता आधारित शैक्षिक सुधार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए शिक्षाग्रह पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान बेंगलुरु स्थित प्रेस्टीज सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स के सभागार में दिया गया. मिली जानकारी के अनुसार यह सम्मान बेंगलुरु के प्रेस्टीज सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स में आयोजित वैश्विक शिक्षा नेतृत्व संवाद इन्वोकड के मंच से प्रदान किया गया. इस कार्यक्रम में 24 से अधिक देशों के 1000 से अधिक शिक्षाविद, नीति-निर्माता, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक संगठनों, कॉर्पोरेट क्षेत्र और मीडिया प्रतिनिधियों की भागीदारी रही. शिक्षाग्रह भारत के 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 14 करोड़ से अधिक बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराने के संकल्प से जुड़ा एक राष्ट्रीय स्तर का आंदोलन है, जिसका उद्देश्य शिक्षा में समानता और गुणवत्तापूर्ण सीखने के अवसर सुनिश्चित करना है. इस पुरस्कार के चयन के लिए गठित स्वतंत्र ज्यूरी पैनल में शिक्षा, सामाजिक विकास और वैश्विक नीति क्षेत्र के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ शामिल थे. ज्यूरी का नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रबंधन शिक्षाविद प्रो डॉ एस सुब्रमण्यम रंगन ने किया. पैनल में वरिष्ठ शिक्षा विशेषज्ञ, अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्री, सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित नाम शामिल थे. शिक्षिका कुमारी गुड्डी ने सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ छात्राओं के बीच माहवारी स्वच्छता जागरूकता के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किया है. उन्होंने छात्राओं के लिए जागरूकता सत्र, काउंसलिंग क्लास, प्रश्न बॉक्स व्यवस्था तथा विद्यालय में सेनेटरी पैड मशीन की स्थापना जैसी पहलें कराई. उनके प्रयासों से छात्राएं अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हुईं और समाज में भी इस विषय पर सकारात्मक संवाद शुरू हुआ. पुरस्कार प्राप्त करने के बाद कुमारी गुड्डी ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि उनके विद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और पूरे समुदाय के सामूहिक प्रयासों की पहचान है. उन्होंने कहा कि यदि शिक्षक, विद्यार्थी और समुदाय मिलकर कार्य करें तो सीमित संसाधनों में भी सरकारी विद्यालय उत्कृष्टता की नई ऊंचाइयां प्राप्त कर सकते है. मालूम हो कि कुमारी गुड्डी लंबे समय से छात्र-केंद्रित गतिविधि आधारित शिक्षण, छात्राओं के सशक्तिकरण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता, आपदा प्रबंधन जागरूकता तथा सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य कर रही है. उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने विद्यालय परिवार, सहयोगी शिक्षकों, शिक्षा विभाग, समुदाय, सहयोगी संस्थाओं और अपने परिवार को दिया, जिनके सहयोग और विश्वास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया. उन्होंने कहा कि आगे भी वे शिक्षा में नवाचार, सामुदायिक भागीदारी और बच्चों के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य करती रहेंगी.
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