ठाकुरगंज की एक शिकायत के बाद पूरे बिहार में RTI को लेकर सख्ती, लापरवाही अब नहीं चलेगी

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जारी किया गया निर्देश

जारी किया गया निर्देश

बिहार में आरटीआई आवेदनों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों पर राज्य सूचना आयोग सख्त. ठाकुरगंज मामले के बाद सभी नगर निकायों को जारी किए गए कड़े निर्देश.

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ठाकुरगंज से बच्छराज नखत की रिपोर्ट.

सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी देने में लापरवाही अब अधिकारियों पर भारी पड़ सकती है. किशनगंज जिले के ठाकुरगंज नगर पंचायत से जुड़े एक मामले के बाद नगर विकास एवं आवास विभाग ने बिहार के सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं. विभाग ने स्पष्ट किया है कि आरटीआई आवेदनों की अनदेखी या सूचना देने में देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी.

ठाकुरगंज नगर पंचायत के मामले के बाद हुई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, ठाकुरगंज नगर पंचायत कार्यालय में आरटीआई के तहत मांगी गई सूचनाएं समय पर उपलब्ध नहीं कराई जा रही थीं. इसके कारण कई आवेदकों को प्रथम और द्वितीय अपील का सहारा लेना पड़ा. इसी मामले में राज्य सूचना आयोग ने 9 फरवरी 2026 को तत्कालीन लोक सूचना पदाधिकारी-सह-कार्यपालक पदाधिकारी के विरुद्ध आदेश पारित किया. इसके बाद 16 फरवरी 2026 को ज्ञापांक-3497 के माध्यम से चेतावनी भी जारी की गई.

पूरे राज्य के सभी नगर निकायों को जारी हुआ निर्देश

राज्य सूचना आयोग की कार्रवाई के बाद नगर विकास एवं आवास विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसे पूरे राज्य के लिए उदाहरण बनाया. विभाग ने सभी नगर निकायों को निर्देश दिया है कि लंबित और भविष्य में प्राप्त होने वाले सभी आरटीआई आवेदनों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए.

लापरवाही पर होगा आर्थिक दंड

विभाग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि कोई लोक सूचना पदाधिकारी सूचना उपलब्ध कराने में लापरवाही बरतता है, तो सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा-20 के तहत आर्थिक दंड सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.

सभी नगर निकायों को भेजा गया आदेश

इस संबंध में जारी आदेश की प्रति राज्य के सभी नगर निगम आयुक्तों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के कार्यपालक पदाधिकारियों को भेज दी गई है. साथ ही निर्देश दिया गया है कि आदेश का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित किया जाए.

जवाबदेही का बड़ा संदेश

प्रशासनिक हलकों में इस आदेश को केवल एक विभागीय निर्देश नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र के लिए जवाबदेही का कड़ा संदेश माना जा रहा है. ठाकुरगंज से शुरू हुआ यह मामला अब पूरे बिहार में आरटीआई कानून के प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण बन गया है. इससे स्पष्ट संकेत मिला है कि सूचना देने में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर अब राज्य सूचना आयोग और सरकार की कड़ी नजर रहेगी.

जरूरी बातें

  1. ठाकुरगंज नगर पंचायत के मामले के बाद पूरे बिहार में आरटीआई को लेकर सख्ती.
  2. राज्य सूचना आयोग की कार्रवाई के बाद नगर विकास विभाग ने जारी किए निर्देश.
  3. सभी नगर निकायों को समय सीमा के भीतर आरटीआई आवेदनों का निस्तारण करने का आदेश.
  4. सूचना देने में लापरवाही पर आरटीआई अधिनियम की धारा-20 के तहत आर्थिक दंड की चेतावनी.
  5. आदेश की प्रति सभी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों को भेजी गई.
  6. प्रशासनिक तंत्र में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम.

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Shruti Kumari

लेखक के बारे में

By Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। अपने समाचार पोर्टल पर कार्य करते हुए उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल कंटेंट निर्माण में अनुभव हासिल किया। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

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