ठाकुरगंज में शिक्षकों की लेटलतीफी पर सख्ती, विधायक की शिकायत के बाद चार को फिर नोटिस

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बी ई ओ द्वारा निर्गत पत्र ओर ठाकुरगंज विधायक गोपाल अग्रवाल

बी ई ओ द्वारा निर्गत पत्र ओर ठाकुरगंज विधायक गोपाल अग्रवाल

ठाकुरगंज विधानसभा क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है. अभिभावकों की शिकायतों के बाद चार शिक्षकों को दोबारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जिसमें संतोषजनक जवाब न देने पर वेतन रोकने की चेतावनी दी गई है.

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ठाकुरगंज विधानसभा क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है. अभिभावकों और स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) ने चार शिक्षकों को दोबारा कारण बताओ नोटिस जारी किया है. नोटिस में दो कार्य दिवस के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है. समय पर जवाब नहीं देने पर वेतन स्थगित करने की अनुशंसा किए जाने की चेतावनी भी दी गई है.

बीईओ कार्यालय द्वारा 6 जुलाई 2026 को जारी पत्र में कहा गया है कि पूर्व में मांगा गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया. पत्र में विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल और ग्रामीणों से प्राप्त शिकायतों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि संबंधित शिक्षकों के समय पर विद्यालय नहीं पहुंचने की शिकायत मिली थी. इसके बाद शिक्षकों को 1 मई से 6 जुलाई 2026 तक ई-शिक्षाकोष पोर्टल में दर्ज अपनी उपस्थिति का विवरण उपलब्ध कराने और दोबारा स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है.

नोटिस प्राप्त करने वाले शिक्षकों में उत्क्रमित मध्य विद्यालय, कोचवस्ती के मो. हिफजुर रहमान, राज लक्ष्मी राय, सोफिया बेगम और मो. शफीक आलम शामिल हैं.

इस बीच विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल ने ठाकुरगंज और दिघलबैंक प्रखंड के अभिभावकों तथा आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी सरकारी विद्यालय में शिक्षक समय पर नहीं पहुंचते, नियमित रूप से अनुपस्थित रहते हैं या शिक्षा विभाग के निर्देशों का पालन नहीं करते हैं, तो इसकी लिखित शिकायत शिक्षा विभाग को दें तथा उसकी एक प्रति उन्हें भी उपलब्ध कराएं. उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना और सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है.

ई-शिक्षाकोष को लेकर उठे सवाल

विभागीय कार्रवाई के बीच एक सवाल भी उठ रहा है कि जब ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर शिक्षकों की उपस्थिति का पूरा रिकॉर्ड विभाग के पास उपलब्ध है, तो उसी अवधि का उपस्थिति विवरण दोबारा शिक्षकों से मांगने की आवश्यकता क्यों पड़ी. हालांकि, इस संबंध में शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है.

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बच्छराज

लेखक के बारे में

By बच्छराज

बच्छराज प्रिंट माध्यम में 25 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. ठाकुरगंज (किशनगंज) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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