Bihar Politics: ललन सिंह के पक्ष में उतरे जदयू नेता रसूल बलियावी, बोले- JDU को वोट नहीं देने वाला गद्दार
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 02 Dec 2024 8:05 PM
Bihar Politics: जदयू के पूर्व सांसद रसूल बलियावी ने ललन सिंह के बयान को सपोर्ट किया है. ललन सिंह ने कहा था कि मुसलमान जदयू को उस हिसाब से वोट नहीं करते जिस हिसाब से नीतीश कुमार उनके लिए काम कर रहे हैं.
Bihar Politics: केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने बीते दिनों मुसलमान को लेकर बयान दिया था. उन्होंने कहा था, ‘नीतीश कुमार ने महादलित वर्ग को समाज की मुख्यधारा में लाने का काम किया. बिहार में अल्पसंख्यक समुदाय की क्या स्थिति थी? लालू और राबड़ी देवी के राज में बिहार में मदरसा के टीचरों को 7000 रुपये मिलते थे, लेकिन आज मदरसा के शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग का पैसा मिलता है. हालांकि, अब अल्पसंख्यक समाज के लोग नीतीश कुमार को वोट नहीं देते हैं. हम अति पिछड़े वर्ग के लोगों को सावधान करना चाहते हैं, क्योंकि नीतीश कुमार ने उनके लिए काम किया है, मगर कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो उन्हें भ्रमित करने, उनको जात और अलग समाज में बांटने का काम कर रहे हैं.’

ललन सिंह ने कहा था- नीतीश कुमार वोट के बारे में नहीं सोचते हैं
ललन सिंह ने कहा था, ‘मैं उनसे यही कहूंगा कि वह किसी भी गलतफहमी में ना रहें, क्योंकि नीतीश कुमार की सोच है कि कोई उनको वोट दे या नहीं, लेकिन हम बिहार के लोगों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इसलिए हम काम करते हैं. पिछले 19 वर्षों में नीतीश कुमार ने अल्पसंख्यक समाज के लिए काम किया है, जो बिहार के इतिहास में एक बड़ा उदाहरण है. मगर यह लोग वोट उसको देते हैं, जिन्होंने अल्पसंख्यक समाज के लिए एक भी काम नहीं किया है. नीतीश कुमार कहते हैं जाने दीजिए और उन्हें वोट देने दीजिए, क्योंकि हम सरकार में हैं और हमारा फर्ज लोगों के विकास के लिए काम करना है.’
बलियावी क्या बोले
जदयू के पूर्व सांसद रसूल बलियावी ने कहा, ‘जेडीयू को वोट नहीं देने वाले मुसलमान सबसे बड़े गद्दार होंगे. बिहार के मुसलमानों की इज्जत और सीमांचल के मुसलमानों की आबरू का यह सवाल है. यदि मुसलमानों ने जेडीयू और नीतीश कुमार के साथ इंसाफ नहीं किया तो याद रखिएगा जब गद्दारों की लिस्ट लिखी जाएगी तो सबसे पहले मौलाना बलियावी की बिरादरी का नाम होगा. 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव होने वाला है. इस चुनाव में यदि मुसलमानों ने जेडीयू को वोट नहीं दिया, तो वो सबसे बड़े गद्दार होंगे. उन्होने आगे कहा कि वोट के लिए नीतीश कुमार सेक्युलर नहीं है बल्कि नीतीश कुमार बाय ब्लड और बाय बर्थ सेक्युलर हैं.’
लालू यादव के कार्यकाल पर क्या बोले बलियावी
किशनगंज में बलियावी ने कहा, ‘याद कीजिए वो दिन जब सत्ता लालू यादव के हाथ में थी. उस वक्त 3-6 महीने की सैलरी तक नहीं मिलती थी. सैलरी के लिए पटना के बेली रोड में लोग आंदोलन करने के मजबूर थे और लालू यादव आंदोलनकारियों को पुलिस से पिटवाते थे. यदि वो दिन आप लोगों को याद है तो इस बार 2025 में नीतीश कुमार जी के साथ इंसाफ जरूर कीजिएगा. नीतीश कुमार मुसलमानों के लिए कई विकास योजनाएं चला रहे हैं. ऐसे में उनको वोट नहीं देने वाले मुसलमान सबसे बड़े गद्दार होंगे.’
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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