एक सप्ताह बाद भी बैंकों में कम नहीं हो रही भीड़

Published at :17 Nov 2016 5:21 AM (IST)
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एक सप्ताह बाद भी बैंकों में कम नहीं हो रही भीड़

दिघलबैंक : आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक के एक सप्ताह बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं. बुधवार को भी प्रखंड के सभी पांच बैंकों में नोट जमा करवाने और बदलवाने वालों की बेतहाशा भीड़ उमड़ी. बैंक खुलने से पूर्व ही लोगों का हुजूम बैंक परिसरों में उमड़ पड़ा. लोगों ने बताया कि पैसे की […]

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दिघलबैंक : आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक के एक सप्ताह बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं. बुधवार को भी प्रखंड के सभी पांच बैंकों में नोट जमा करवाने और बदलवाने वालों की बेतहाशा भीड़ उमड़ी. बैंक खुलने से पूर्व ही लोगों का हुजूम बैंक परिसरों में उमड़ पड़ा. लोगों ने बताया कि पैसे की किल्लत को लेकर परेशानी कम नहीं हो रही है. आखिर जरूरत के काम कब और कैसे संपन्न होंगे?

एटीएम मशीनों को किया गया अपडेट : स्टेट बैंक के एटीएम मशीनों में बुधवार को नया प्रोग्रामिंग कर दिया गया, जिससे यह आस जगी है कि अगले एक दो दिनों में एटीएम सेंटर से भी राशि निकासी संभव हो सकेगी. गौरतलब है कि नये नोटों के साइज को लेकर मशीनों में कुछ तकनीकी व्यवधान था जो अब ठीक हो गया है और 2000 के नये नोट के साथ ही अन्य नोट भी इन मशीनों से निकलेंगे तब जाकर स्थिति में सुधार की संभावना है. अन्य एटीएम मशीनों को भी जल्द अपडेट करने की तैयारी है.
छोटे नोट को लेकर अभी हाय तौबा की स्थिति :100 और उससे छोटे नोटों को लेकर अभी भी हाय तौबा के हालात बने हुए है. लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि रोज़मर्रा की जरूरतों को आखिर कैसे पूरा किया जाये.
हाट बाजारों में अभी भी छायी है वीरानी : नोट बंदी के एक सप्ताह के बाद भी पटरी पर जिंदगी नहीं लौट पायी है. सीमावर्ती इलाकों के हाट बाजारों के अधिकांश दुकान या तो बंद है और जो खुले हुए हैं वो पुराने नोट लेने से साफ इनकार कर कर रहे हैं. लिहाजा आम आदमी की परेशानी को सहज ही समझा जा सकता है. भारत का रुख करना ही छोड़ दिया है. नेपाली नागरिकों ने 08 नवंबर से पूर्व नेपाली ग्राहकों से गुलज़ार रहने वाले सीमावर्ती बाजार में आज कल गिनती के ही लोग दिखते हैं. सभी को स्थिति सामान्य होने का इंतजार है.
मौके का फायदा उठाने में जुटे बिचौलिये: एक तरफ जहां नोटबंदी से भारत के अलावा सीमावर्ती नेपाल के लोग भी खासे परेशान हैं, वहीं कुछ लोग मौके फायदा उठाकर चांदी काटने की जुगाड़ में है जो धड़ल्ले से नोटों को मनमाने बट्टे पर बदल कर मोटी रकम इकट्ठा कर रहे हैं.
फिर भी लोग हैं खुश : लगातार परेशानी झेलने बाद भी लोग सरकार के फैसले को बेहतर और अर्थव्यवस्था में होने वाले बदलाव को लेकर काफी खुश है.
शादी विवाह वाले परेशान : लगन के इस मौसम में कई लोगों के घरों में शादी विवाह की तिथि निर्धारित है. लेकिन पैसा नहीं मिलने के कारण ऐसे घरों में लोग मायूस होकर इस व्यवस्था को कोस रहे हैं. खाड़ी टोला निवासी रविंद्रनाथ राय के घर में बेटे की शादी है. नये नोट पर्याप्त संख्या में नहीं होने के कारण जरूरी सामग्री खरीदने में उन्हें काफी परेशानी हो रही है. सामान विक्रेता पांच सौ एवं हजार रुपये के पुराने नोट लेने को तैयार नहीं हैं.
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