ठाकुरगंज : ठाकुरगंज प्रखंड के वैसे बीआरसीसी और सीआरसीसी जिनकी प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति होने के एक माह होने को आये परन्तु इन शिक्षकों का पूर्व पद से मोह छूटने का नाम नहीं ले रहा है़ जिले के आलाधिकारियों की इस मामले में चुप्पी के बाद सूबे के शिक्षा मंत्री के सामने भी मामला पहुचने के बाबजूद शिक्षा विभाग के द्वारा ठाकुरगंज के चार ऐसे शिक्षक जो बी आर सी सी और सी आर सी सी के पद पर कार्य कर रहे थे
और प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति हुई थी को विरमित करने के बदले इन्हें पूर्व के पद पर रहने का अनुमोदन जारी कर दिया गया़ वही बी आर सी सी और सी आर सी सी जिनकी प्रोन्नति प्रधानाध्यापक पद पर हो गई है इसकी जानकारी इस कार्य के एक माह बाद भी शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इनके नियंत्रि अधिकारी डाईट प्राचार्य को नहीं दिया है़
जो पुरे मामले को रहस्यमय बना रहा है़ बताते चले जिले के दर्जन भर शिक्षको की प्रोन्नति प्रधानाध्यापक पद पर एक माह पूर्व हुई जिसमे बड़ी संख्या में बी आर सी सी और सी आरसीसी भी थे़ प्रोन्नति के बाद जिले के हर प्रखंड में तैनात बीआरसीसी और सीआरसीसी ने अपने पद से इस्तीफा देते हुए स्कूलों में कार्य सभाल लिया़ वही ठाकुरगंज के ऐसे पदधारी शिक्षकों ने प्रधानाध्यापक का पद भार तो सभाल लिया परन्तु अपने बी आर सी सी और सी आर सी सी पद से इस्तीफा नहीं दिया़ इस मामले में डी ई ओ और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी दोनों की मतभिन्नता भी सामने आई़ मामला सूबे के शिक्षा मंत्री के संज्ञान में आया
तो उनके द्वारा इन चारो को तुरंत विरमित करने का आदेश दिया गया़ हालांकि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) के द्वारा 11/ 07 / 2016 को ही सभी नव प्रोन्नत प्रधानाध्यापक को आदेश के तीन दिनों के अन्दर अपने अपने विद्यालय में योगदान देने का आदेश लोगो के हाथ में पहुंचा़ एक तो शिक्षा मंत्री का आदेश फिर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) के द्वारा निर्गत पत्र लोगो को आशा बंधी थी की वर्षो से बी आर सी में रहने वाले ये शिक्षक अब स्कूलों में शिक्षा दान करेंगे़ परन्तु डीपी ओ टू के आदेश से निराशा फैल गई़ इस मामले में डीपीओ टू रवि कुमार सिंह ने बुधवार को बताया की इन चारों पद धारियों को इस पद पर नई
नियुक्ति होने तक प्रधानाध्यापक पद पर कार्य करते हुए बीआरसीसी और सीआरसीसी पद पर भी कार्य करने का आदेश जारी किया गया है़ और वे प्रधानाध्यापक पद पर रहते हुए ये कार्य भी करेंगे़ अब उन्हें कौन समझाए की बीआरसीसी और सीआरसीसी का कार्य विद्यालय कार्यावधि में विद्यालयों का भ्रमण कर अनुश्रवण और विद्यालयों के शिक्षकों को उनके विद्यालय में ही शैक्षिक अनुसमर्थन देना है़
जिसके लिए उन्हें अपने कार्य क्षेत्र के विद्यालयों का भ्रमण करना होगा़ अब अपने विद्यालय के प्रधान शिक्षक का पद सभालते हुए जो की पूर्ण कालिक होता है, कोई व्यक्ति कैसे बी आर सी सी और सी आर सी सी का पद भी सभाल पाएगा़ ऐसे में तो यह ही होगा की अपने स्कूल में बैठ कर ही कार्यो का निष्पादन किया जाएगा़ वही इस पुरे मामले में डाईट के प्राचार्य कृष्ण कुमार चौधरी का बयान जिला के शिक्षा अधिकारियों की कार्य प्रणाली पर ही सवाल खड़े कर रहा है़ ठाकुरगंज प्रखंड के वेसे बी आर सी सी और सी आर सी सी जिनकी प्रोन्नति प्रधानाध्यापक पद पर हो गई है इसकी सुचना इस कार्य के एक माह बाद भी शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इनके नियंत्रि अधिकारी प्राचार्य डाईट को नहीं दिया गया है़
जबकि नियमानुसार नवनियुक्त प्रधानाध्यापक को पद सभालते ही बी आर सी सी और सी आर सी सी पद से त्यागपत्र सीधे अपने नियंत्री पदाधिकारी प्राचार्य डाईट को सौंप देना था़ अब इन्हे पुरे मामले की सुचना एक माह बाद भी न जिला के अधिकारियों ने दी न इन शिक्षकों ने़ बुधवार को प्राचार्य डायट कृष्ण कुमार चौधरी ने बताया की उन्हें अब तक पुरे मामले की जानकारी किसी भी स्तर से नहीं दी गई़ न ही ठाकुरगंज बी ई ओ या न ही डी पि ओ 2 द्वारा रिक्ति की जानकारी दी गई़ उन्होंने बताया की रिक्ति की जानकारी के बाद ही नए सिरे से चयन प्रक्रिया शुरू की जाती़ बताते चले हाल ही में ठाकुरगंज बीईओ मजलूम अंसारी ने कहा था
की रिक्ति की सुचना प्राचार्य डाईट को दी जा चुकी है़ अब सवाल यह भी खड़ा होता है की आखिर ठाकुरगंज बी ई ओ क्यों चाहते है की ये पदधारी अपने पद पर बने रहे़ वही जिले के शिक्षा विभाग के इन तीन जिम्मेवार पदाधिकारियों के बयान में उत्पन्न मतभिन्नता जहां कई सवाल खड़े कर रही है और पूरा मामला यह बताने को काफी है की शिक्षा विभाग के अधिकारी निदेशालय स्तर से निर्गत होने वाले आदेशों का अपनी मन माफिक व्याख्या करते है जिसका कुपरिणाम ठाकुरगंज के छात्र छात्राओं को उठाना पड़ता है़