पहाड़कट्टा.
पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय अर्राबाड़ी की ओर से शुक्रवार को 88वीं किसान संवाद व पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन रायपुर पंचायत के धुमनिया में किया गया. कार्यक्रम की आयोजिका डॉ रिचा अरोड़ा ने बताया कि शिविर का आयोजन महाविद्यालय अधिष्ठाता डॉ चंद्रहास के दिशा-निर्देश में किया गया. इसका उद्देश्य पशुपालकों के द्वार पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना व पशुपालन से संबंधित समस्या से अवगत होकर उसके निराकरण का प्रयास करना है. शिविर में 84 पशुपालकों के 227 छोटे-बड़े जानवरों में विभिन्न प्रकार की समस्याओं जैसे पशुओं में गर्भधारण की समस्या, गर्भ की जांच, खान-पान व पाचन, कृमि, दूध उत्पादन से संबंधित विभिन्न प्रकार की समस्याओं का इलाज व परामर्श दिया गया. शिविर में बीमारियों के निदान से संबंधित दवाइयों, खनिज-तत्वों व कृमिनाशक दवा का निशुल्क वितरण किया गया. डॉ आकृति ने बताया कि इस दौरान लगभग 15 पशुपालक परिवारों से उनके द्वार पर संपर्क कर पशुपालन से संबंधित वैज्ञानिक गतिविधियों व पशुपालन महाविद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं एवं वैज्ञानिक पशुपालन की तकनीक के बारे में जानकारी दी गयी. किसान संवाद कार्यक्रम में पशुपालकों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया व द्वार पर आकर पशुपालन से संबंधित समस्याओं के निराकरण के प्रयास के लिए वैज्ञानिकों व महाविद्यालय का आभार व्यक्त किया. किसान संवाद के सफल आयोजन पर अधिष्ठाता डॉ चंद्रहास ने प्रसन्नता व्यक्त की व सभी शिक्षकों व कर्मियों को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

