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11 साल में 11 कार्यपालक पदाधिकारी, फिर भी विकास की राह ताक रहा नगर

Updated at : 14 Feb 2026 7:23 PM (IST)
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11 साल में 11 कार्यपालक पदाधिकारी, फिर भी विकास की राह ताक रहा नगर

11 साल में 11 कार्यपालक पदाधिकारी, फिर भी विकास की राह ताक रहा नगर

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प्रभारी के भरोसे चल रही व्यवस्था, योजनाओं के टेंडर रद्द, पार्षदों में सरकार के खिलाफ भारी रोष

ठाकुरगंज. बिना स्थायी कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) के ठाकुरगंज नगर पंचायत का विकास पूरी तरह ठप पड़ गया है. पिछले 11 वर्षों का इतिहास देखें तो यहां 11 अधिकारियों ने योगदान दिया, लेकिन इनमें से पांच का कार्यकाल महज प्रभार के भरोसे रहा. वर्तमान में भी पौआखाली की कार्यपालक पदाधिकारी मनीषा कुमारी के पास ठाकुरगंज का अतिरिक्त प्रभार है, जिससे स्थानीय लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है.

अस्थिर कार्यकाल से विकास योजनाओं पर ब्रेक

नगर पंचायत के मुख्य पार्षद सिकंदर पटेल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि स्थायी अधिकारी न होने से कई महत्वपूर्ण योजनाएं अधर में लटकी हैं. छह प्रमुख नालों का टेंडर अधिकारी के अभाव में रद्द हो गया. वहीं, बुडको के माध्यम से जलेबिया मोड़ से जुबली चौक तक बनने वाले नाले का टेंडर अब तक नहीं हो पाया है. इसके अलावा, हटिया का सौंदर्यीकरण व स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं की फाइलें भी धूल फांक रही हैं.बीडीओ, सीओ से लेकर आईएएस तक ने संभाली कमानवर्ष 2015 में गठन के बाद से ही यहां अस्थिरता का माहौल रहा है. तत्कालीन बीडीओ गनौर पासवान व सीओ मो इस्माइल ने शुरुआत में प्रभार संभाला. रतिन्द्र नाथ त्रिपाठी यहां के पहले स्थायी ईओ रहे, जिनका कार्यकाल करीब तीन साल रहा. इसके बाद देवानंद, मो अतिउर रहमान, राजेश कुमार पासवान और कुमार ऋत्विक ने कमान संभाली. खास बात यह है कि प्रशिक्षण के दौरान आईएएस प्रद्युम्न सिंह यादव ने भी यहां एक महीने तक कार्य किया, जिनकी कार्यशैली की आज भी चर्चा होती है.

कर्मचारी हुए बेलगाम, प्रतिनिधियों ने खोला मोर्चा

वार्ड पार्षद दुर्गा देवी, दिलीप सिंह, बबलू दास, अमित सिन्हा व देवाशीष सहित अन्य प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रभारी अधिकारी अपना अधिकतम समय पौआखाली में देती हैं, जिससे ठाकुरगंज के कर्मचारी बेलगाम हो गए हैं. जनता के काम समय पर नहीं हो रहे हैं. नगर पंचायत अध्यक्ष ने बताया कि विभागीय मंत्री और संयुक्त सचिव से कई बार स्थायी नियुक्ति की मांग की गयी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.

11 वर्षों का घटनाक्रम : एक नजर में

पदाधिकारी का नाम कार्यकाल/स्थिति

गनौर पासवान (बीडीओ) दो माह (प्रभार)

मो इस्माइल (सीओ) 47 दिन (प्रभार)

रतिन्द्र नाथ त्रिपाठी तीन वर्ष (स्थायी)

देवानंद छह माह (स्थायी)

मो अतिउर रहमान 2.5 वर्ष (स्थायी) प्रद्युम्न सिंह यादव (आइएएस) एक माह (प्रशिक्षण काल)

मनीषा कुमारी (वर्तमान) 20 सितम्बर 2025 से (प्रभार)

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AWADHESH KUMAR

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By AWADHESH KUMAR

AWADHESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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