बिहार में किसान विकास पत्र के लाखों निवेशक परेशान, मैच्योरिटी अवधि तीन माह अधिक बता रहा सॉफ्टवेयर

बिहार राज्य राष्ट्रीय बचत अभिकर्ता संघ के महासचिव टीडी सिंह ने कहा कि डाक विभाग की लापरवाही के कारण सूबे के लाखों निवेशक परेशान है, लेकिन ध्यान दिलाने के बावजूद भी डाक विभाग पूरी पर उदासीन है. इसके कारण हजारों जमाकर्ता एजेंट को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है.
पटना. डाक विभाग के सॉफ्टवेयर फिनाकल में आयी एक समस्या के कारण किसान विकास पत्र के लाखों निवेशकों के साथ हजारों एजेंट परेशान हैं. सूत्रों के अनुसार किसान विकास पत्र, जो 18 नवंबर, 2014 को जब पुनः शुरू हुआ था, तो एसबी ऑर्डर नंबर के अनुसार आठ साल चार महीने के अंदर नोटिफाइड था और डाकघर द्वारा मैच्योरिटी तारीख आठ वर्ष चार महीना लिखकर जारी किया जाता था, लेकिन फिनाकल लागू होने के समय डाक विभाग की गलती से साॅफ्टवेयर में आठ वर्ष सात महीना लोड कर दिया गया. अब पोस्ट ऑफिस सिस्टम में आठ साल सात महीने होने से जो निवेशक पेमेंट के लिए वहां आ रहे हैं या तो उनको पेमेंट कम दिया जा रहा है या उनसे कहा जा रहा है कि आपकी मैच्योरिटी आठ साल सात महीने की है.
जमाकर्ता एजेंट को कर रहे परेशान
इसके लिए राष्ट्रीय अभिकर्ता संगठन ने डीडीजी (एफएस), डाक विभाग को पत्र लिख कर समस्या को तुरंत ठीक करने का आग्रह किया गया है. उसके बाद संघ द्वारा फॉलोअप किया गया, तब जाकर जवाब मिला है कि 17 अप्रैल, 2023 तक सिस्टम में इसको ठीक कर दिया जायेगा, लेकिन आज तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी, जिसके कारण जमाकर्ता एजेंट को परेशान कर रहे हैं.
किया जा रहा समस्या को दूर करने का प्रयास
बिहार राज्य राष्ट्रीय बचत अभिकर्ता संघ के महासचिव टीडी सिंह ने कहा कि डाक विभाग की लापरवाही के कारण सूबे के लाखों निवेशक परेशान है, लेकिन ध्यान दिलाने के बावजूद भी डाक विभाग पूरी पर उदासीन है. इसके कारण हजारों जमाकर्ता एजेंट को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है. इस संबंध में डाक विभाग (बिहार सर्किल) के डाक निदेशक (मुख्यालय) पीके मिश्रा ने कहा कि समस्या दूर करने का प्रयास किया जा रहा है. इसके लिए तकनीकी टीम लगी है.
Also Read: काम की खबर: डाकघर के खाता धारक छह महीने के भीतर कर लें ये काम, नहीं तो बंद हो जाएगा अकाउंट
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




