बेलदौर. प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित अनुमंडलीय स्तरीय बुनियादी केंद्र बेसहारों को सहारा दे पाने में असमर्थ बनी है, महज दो कर्मी के सहारे संचालित हो रही उक्त केंद्र निशक्त व बेसहारों को सरकारी योजनाओं का लाभ मुहैया करा पाने में विफल साबित हो रही है. इसके कारण जरूरतमंदों को भटकने पड़ रहा है. इस संबंध में समाजसेवी ओमप्रकाश क्रांति ने बताया कि उक्त बुनियाद केंद्र में 15 कर्मी को कार्यरत रहना चाहिए, लेकिन बुनियाद केंद्र के वरीय पदाधिकारी के द्वारा सौतेला व्यवहार किया जा रहा है. जब तक बुनियाद केंद्र में सरकार के द्वारा दी जा रही सुविधा मिलेगी नहीं तो गरीबों को न्याय कैसे मिलेगा. इन्होंने बताया कि बुनियाद केंद्र में सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में वृद्धा पेंशन ,विधवा पेंशन के अलावे निशक्त व जरूरतमंदों के लिए कई योजनाओं का सुलभता से लाभ दिलाया जाना निर्देशित किया गया है. लेकिन सुविधा नदारद है, जबकि बुनियाद केंद्र बेलदौर में अनुमंडल स्तरीय बताया जा रहा है. इसमें अनुमंडल सतर के जरूरतमंदों को सभी तरह की सुविधाएं दी जानी है. लेकिन सच्चाई इसके विपरित है. इस संबंध में राजद नेता धनंजय यादव ने बताया कि बिहार में डबल इंजन की सरकार है. इसके कारण बुनियाद केंद्र में किसी भी तरह की सुविधा नहीं मिल रहा है, यदि हर तरह की सुविधा बुनियाद केंद्र में मिलती तो गरीबों को भटकना नहीं पड़ता, ना ही बुनियाद केंद्र में कर्मी है, कर्मी है भी तो दो कर्मी के सहारे बुनियाद केंद्र चल रहा है.
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