आशा कार्यकर्ता की हत्या मामले में केस दबाने का आरोप
Published by :RAJKISHORE SINGH
Published at :13 Oct 2025 8:03 PM (IST)
विज्ञापन

बीते छह सितंबर को पूनम वर्मा की अपराधियों ने गला काटकर की थी हत्या
विज्ञापन
बीते छह सितंबर को पूनम वर्मा की अपराधियों ने गला काटकर की थी हत्या
घटना गोगरी थाना क्षेत्र के मुश्कीपुर कोठी क्षेत्र की——
गोगरी. थाना क्षेत्र के मुश्कीपुर कोठी में बीते 6 सितंबर को आशा कार्यकर्ता पूनम वर्मा की हुयी हत्या पहेली बन गयी है. पुलिस एक माह बाद भी हत्या की गुत्थी सुलझा नहीं पायी है, ना ही अब तक आरोपित गिरफ्तार किया गया है. जिसके कारण लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. लोगों का कहना है कि आखिर हत्या कौन क्या, हत्या का वजह क्या हो सकता है. इसकी चर्चा परिजन व आम लोगों के बीच हो रही है. पुलिस भी इन सवालों के लिए माथापच्ची कर रही है, लेकिन अब तक पुलिस की हाथ खाली है.सुनियोजित ढंग से आशा कार्यकर्ता का किया गया था हत्या
घटना बाद पुलिस ने मृतका के परिजन का मोबाइल जब्त कर लिया था. घटनास्थल व इसके आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया था. डॉग स्क्वॉयड की टीम भी पहुंची थी और साक्ष्य संग्रह कर जांच के लिए अपने साथ ले गयी थी. बताया जाता है कि पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है, लेकिन सफलता से कोसों दूर है. मृतका आशा कार्यकर्ता पूनम वर्मा के हत्या जैसी जघन्य वारदात के आरोपितों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है. स्थानीय लोगों ने कहा कि घटना को लेकर पुलिस गंभीर नहीं दिख रही है. उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. बताया जाता है कि जिस कमरे में शव मिला था. उसके दीवार पर खून के छीटे पड़े हुए थे. इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि सुनियोजित हत्याकांड था. जिसे बाद में दीवार में खून के छींटे लगाकर दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया गया. बताया जाता है कि पूनम वर्मा अनुमंडलीय अस्पताल गोगरी में कार्यरत आशा कार्यकर्ता थी. जिसकी हत्या गला काटकर नृशंस हत्या की गयी. आशा कार्यकर्ता पूनम वर्मा का शव घर में खून से लथपथ पुलिस ने बरामद किया था. पूनम का गले और स्तन पर धारदार हथियार से हमला किया गया था. बताया जाता है कि आशा कार्यकर्ता पूनम वर्मा घर में अकेली अपने एक पुत्र के साथ रहती थीं. पति की मृत्यु बाद मुश्कीपुर कोठी में क्लिनिक चलाकर गर्भवती महिलाओं का प्रसव कराती थी और जीवनयापन करती थी.हत्या की जांच के नाम पर सिर्फ किया खानापूर्ति
बीते 6 सितंबर की दोपहर जब आशा कार्यकर्ता पूनम वर्मा घर से बाहर नहीं निकलीं, तो पड़ोसियों और पुत्र ने कमरे में झांककर देखा घर के अंदर पूनम वर्मा का खून से लथपथ शव पड़ा हुआ है. शव को देखते ही पुत्र व ग्रामीणों के बीच सनसनी फैल गयी. परिजन व ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस प्रारंभिक जांच के बाद मामले की फाइल दबा दी गयी है. अब कोई भी अधिकारी इस मामले पर बात करने से बच रहा है.
कहते हैं डीएसपी
प्रशिक्षु डीएसपी सह थानाध्यक्ष तरूण कुमार पांडे ने बताया कि हत्या का अनुसंधान जारी है. अब तक हत्या के ठोस कारण का पता नहीं चल पाया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










