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कृषि विभाग ने दिया 78 हजार हेक्टेयर भूमि पर भदई फसल बुआई का लक्ष्य

Updated at : 02 Jul 2024 12:47 AM (IST)
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Liquor seized in Khagaria

कृषि विभाग ने दिया 78 हजार हेक्टेयर भूमि पर भदई फसल बुआई का लक्ष्य

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प्रतिनिधि, खगड़िया खरीफ यानि भदई मौसम में 78 हजार 7 हेक्टेयर भूमि पर फसलों की बुआई होगी. जिले में धान, मक्का, सोयाबीन, तिल, अंडी, सुर्यमुखी, अरहर, उड़द, मूंग सहित दलहन फसल की बुआई कराने को लेकर कृषि विभाग ने लक्ष्य दिया है. बताया जाता है कि खरीफ (2024) मौसम में 78 हजार 7 हेक्टेयर भूमि पर अलग-अलग फसलों की बुआई का लक्ष्य दिया गया है. खरीफ मौसम में सर्वाधिक 36 हजार 255 हेक्टेयर भूमि पर धान की बुआई के लक्ष्य मिला है. इसी तरह 8 हजार 791 हेक्टेयर भूमि पर मक्का, 603 हेक्टेयर भूमि पर सोयावीन, 831 हेक्टेयर में उड़द, 421 हेक्टेयर में अरहर, 25 हेक्टेयर भूमि पर सुर्यमुखी, 10 हजार सौ 938 हेक्टेयर पर ढ़ैंचा, 283 एकड़ पर मूंग, 7.5 एकड़ पर जूट, 145.8 एकड़ ईंख, 44 हेक्टेयर में तिल, तथा 16 हजार 641 हेक्टेयर भूमि पर अन्य दलहन की फसल लगाने का लक्ष्य रखा गया है. बताया जाता है कि जिले में सर्वाधिक मक्के की बुआई होती रही है. जिले में दोनों मौसम यानि रवि एवं खरीफ में अन्य फसलों की तुलना में मक्का की बुआई सभी प्रखंडों में होती है,लेकिन पिछले दो साल मक्का से अधिक इस जिले में धान लगाने का लक्ष्य रखा गया है.

अलौली प्रखंड में सर्वाधिक फसल बुआई का है लक्ष्य

बताया जाता है कि सभी प्रखंडों में खरीफ मौसम में फसल बुआई का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अलौली में सबसे अधिक 17 हजार 818 हेक्टेयर भूमि पर धान, मक्का, सोयाबीन, तिल, अंडी, सुर्यमुखी, अरहर, उड़द, मूंग सहित दलहन फसल की बुआई कराने का लक्ष्य रखा गया है. वहीं अलौली प्रखंड के बाद बेलदौर प्रखंड में 14 हजार 289 हेक्टेयर, गोगरी प्रखंड में 13 हजार 950 हेक्टेयर, सदर प्रखंड में 11 हजार 647, परबत्ता प्रखंड में 8 हजार 141, चौथम प्रखंड में 8 सौ 282 तथा मानसी प्रखंड में 3 हजार 880 एकड़ भूमि पर फसलों की बुआई करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

पानी के अभाव में 46 प्रतिशत हुआ बिचड़ा का उच्छादन, धन रोपनी होगी प्रभावित

जुलाई का महीना शुरू हो गया है, लेकिन धान के बिचड़े की बुआई किसान नहीं कर पा रहे हैं. ऐसे में बिचड़े के अभाव में जिले में धान की रोपनी प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई है. उल्लेखनीय है कि इस साल 36 हजार से अधिक हेक्टेयर भूमि पर धान की बुआई करने का लक्ष्य रखा गया है,लेकिन धान के बिचड़े की बुआई कम हुई है. बारिश नहीं होने के कारण किसान धान का बिचड़ा नहीं लगा पाये. विभागीय आंकड़ा के मुताबिक 36 सौ 25 हेक्टेयर भूमि पर धान का बिचड़ा लगाने का लक्ष्य था. जिसके विरुद्ध मात्र 1683.73 हेक्टेयर भूमि पर ही धान के बिचड़े की बुआई हो पाई है. सबसे खराब स्थिति मानसी, खगड़िया तथा गोगरी प्रखंड की है. इन तीनों प्रखंडों में लक्ष्य का 10 प्रतिशत से भी कम बिचड़े की बुआई हुई है, जबकि अलौली में 12 व गोगरी प्रखंड में टारगेट के 28 प्रतिशत भूमि पर 1 जुलाई तक बिचड़े का अच्छादन हुआ था. ऐसे में सवाल उठता है कि 36 हजार 255 हेक्टेयर भूमि पर धन रोपनी के लिए किसान बिचड़ा कहां से लायेंगे

प्रखंड बिचड़ा लगा( प्रतिशत में) धान लगाने का लक्ष्य ( हेक्टेयर)

अलौली 12 प्रतिशत 6408

बेलदौर 80 प्रतिशत 11190

चौथम 80 प्रतिशत 6195

गोगरी 25 प्रतिशत 6641

खगड़िया 8.67 प्रतिशत 2882

मानसी 9.05 प्रतिशत 2320

परबत्ता 4.85 प्रतिशत 618

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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