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सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में खून की कमी, थैलेसीमिया मरीजों ने बढ़ायी परेशानी

Updated at : 02 Jun 2025 11:16 PM (IST)
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सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में खून की कमी, थैलेसीमिया मरीजों ने बढ़ायी परेशानी

ब्लड बैंक में खून की कमी

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खगड़िया. सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में मात्र 16 यूनिट ब्लड उपलब्ध है, जिसके कारण मरीजों की परेशानी बढ़ गयी है. जिले के 18 लाख की आबादी में बी-पॉजेटिव नौ यूनिट और ओ-पॉजेटिव सात यूनिट उपलब्ध है. अन्य ग्रुप का ब्लड नहीं है. ब्लड की कमी के कारण मरीजों के अभिभावकों को इधर-उधर भटकना पड़ता है. निजी ब्लड बैंक के सहारे जरूरत को पूरा कर रहे हैं, जहां आर्थिक दोहन का शिकार हो रहे हैं. यदि जिले के किसी भी निजी ब्लड बैंक में रक्त नहीं मिलता है तो पड़ोसी जिले बेगूसराय, मुंगेर व भागलपुर से ब्लड लाकर मरीज को चढ़वाना पड़ता है.

थैलेसीमिया मरीजों को नही मिला रहा रक्त

सदर अस्पताल परिसर स्थित ब्लड बैंक में खून की कमी है. ब्लड बैंक में दो ग्रुप का ही ब्लड उपलब्ध है. थैलेसीमिया मरीजों की मुश्किलें बढ़ गयी है. जो बेहद घातक है. थैलेसीमिया मरीजों को हफ्ते, 15 दिन और एक महीनों में ब्लड नियमित रूप से चढ़ाना पड़ता है. यदि इन मरीजों को समय पर खून नहीं दिया गया तो उसकी मौत भी हो सकती है. गोगरी निवासी अकाश कुमार के 10 माह के पुत्र विनय कुमार थैलेसीमिया बीमारी से ग्रसित है. सोमवार को बी-पॉजेटिव ब्लड की आवश्यकता थी. जिसे जरूरी पर ब्लड उपलब्ध तो हो गया, लेकिन अन्य मरीजों को ब्लड के लिए भटकना पड़ रहा है.

15 दिनों में एक भी व्यक्ति नहीं किया रक्तदान

बताया जाता है कि सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में बीते 15 दिनों से एक भी व्यक्ति रक्तदान नहीं किया है. जिसके कारण ब्लड बैंक में रक्त की घोर कमी है. ब्लड बैंक के लैब टेक्नीशियन मो. नजमुल हसन ने बताया कि ब्ल्ड बैंक में ए-पॉजिटिव, एबी-पॉजिटिव, ए-निगेटिव, बी-निगेटिव, एबी-निगेटिव और ओ-निगेटिव ब्लड उपलब्ध नहीं है. सिर्फ बी-पॉजिटिव 9 यूनिट और ओ-पॉजेटिव सात यूनिट ब्लड उपलब्ध है. मालूम हो कि बीते 18 मई को बबुआगंज में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया था. इससे पहले 13 मई को अलौली में रक्तदान शिविर लगाया गया था. इसके बाद से किसी भी लोगों ने रक्तदान नहीं किया है.

रक्तदान के लिए जागरूकता की जरूरत

जिले के लोगों के बीच रक्तदान के लिए जागरूकता की कमी है. रक्तदान को महादान का दर्जा दिया गया है. रक्तदान किसी इंसान की जिंदगी बचा सकता है. महापुरुषों की जयंती पर ही सामाजिक संस्था की ओर से रक्तदान शिविर चलाया जाता है. रक्त की कमी हो दूर करने के लिए सरकारी संस्थाओं को भी आदि को आगे आना होगा. रक्तदान शिविर के साथ-साथ जागरूकता भी फैलानी होगी. रक्तदान के महत्व को लोगों को समझाना होगा.

रक्तदान से स्वस्थ रहता शरीर

समय-समय पर रक्तदान करने से दिल की बीमारी के साथ कई ऐसी बीमारियां भी जो नहीं होती है. रक्तदान के बाद शरीर में नया खून बनता है, उससे ऊर्जा भी बढ़ती है. कोई भी व्यक्ति रक्तदान करना चाहते हैं तो वह सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक पहुंचकर कर सकते हैं. रक्तदान करने वाले व्यक्ति को एक कार्ड दिया जायेगा, जिसके माध्यम से वह एक साल तक कभी भी ब्लड प्राप्त कर सकता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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