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कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त-वस्त, पछुआ हवा व शीतलहर से निजात नहीं

Updated at : 28 Dec 2025 9:01 PM (IST)
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कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त-वस्त, पछुआ हवा व शीतलहर से निजात नहीं

कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त-वस्त हो गया है. पछुआ हवा व शीतलहर बढ़ती जा रही है.

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रोज कमाने-खाने वालों के लिए आफत बनी ठंड, पेट की आग बुझाना हो रहा मुश्किल

खगड़िया. कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त-वस्त हो गया है. पछुआ हवा व शीतलहर बढ़ती जा रही है. लोगों का घर से निकलना मुश्किल होते जा रहा है और घर से निकलने में भी परहेज कर रहे हैं. यूं तो इस मौसम ने आम से लेकर खास सभी को परेशान कर रखा है, लेकिन यह रोज कमाने-खाने वालों के लिए आफत बन गयी है. मजदूरों को पेट की आग बुझा पाना मुश्किल हो गया है. रविवार की सुबह नौ बजे तक गांव व शहर कुहासे की चपेट में रहा. सड़कों पर वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया. वाहन चालक लाइट जला कर गाड़ियां चलाते नजर आए. शहर के बाजारों में दोपहर तक सन्नाटा पसरा रहा. दोपहर बाद हल्की धूप निकलने पर लोगों की आवाजाही बढ़ी, लेकिन चार बजते ही बाजार में सन्नाटा छा गया.

शहर के राजेंद्र चौक व गोगरी के रजिस्ट्री चौक पर सुबह आठ बजे से काम की तलाश में जमे मथुरापुर निवासी रामपुकार पासवान, गोगरी निवासी उमेश ने बताया कि बीते पांच दिनों दिनों से काम की तलाश में पहुंचते हैं, लेकिन कोई भी काम नहीं मिलता, घर में रोटी तो पक जाती है, लेकिन सब्जी का जुगाड़ नहीं हो पता है. राजमिस्त्री का काम करने वाले दाननगर निवासी सुरेश ने बताया कि मौसम खराब होने के कारण गांव के बगल में जहां काम कर रहा था, वहां काम बंद कर दिया गया. कोई छोटा-मोटा काम भी मिल जाएगा, लेकिन आज दूसरा दिन है, निराशा ही हाथ लगी है. कुछ ऐसी ही बातें महेशखूंट और पसराहा में काम की तलाश के लिए पहुंचे राजेश कुमार, उपेंद्र पासवान, जोगी मंडल आदि ने भी कही.

ठंड के कारण सड़कों पर पसरा रहा सन्नाटा, बाजार में भी कम रही आवाजाही

कड़ाके की ठंड के कारण अधिकांश लोग घर से बाहर निकलने में परहेज करते हैं. जरूरत पड़ने पर ही घर से निकल रहे हैं. शहर व गांव की सड़कें सुनसान पड़ी रहती हैं. लोगों ने भी अपने घर का काम करना भी इन दोनों बंद कर रखा है. इस वजह से जहां एक तरफ दिहाड़ी मजदूरों को काम नहीं मिल रहा, वहीं ऑटो, ई-रिक्शा, ठेला चालक आदि चलाकर दो जून की रोटी का जुगाड़ करने वालों की मुश्किलें बढ़ गयी है. शहर के राजेंद्र चौक, कोशी कॉलेज रोड, एमजी मार्ग, थाना रोड, आर्य समाज रोड, स्टेशन रोड, एसडीओ रोड, कचहरी रोड आदि बाजार में सन्नाटा पसरा रहा.

रूम हीटर व गीजर की बढ़ी मांग

बीते चार दिनों से चल रही तेज पछुआ हवा ने कनकनी बढ़ा दी है. तापमान में लगातार गिरावट आने के साथ ठंड वृद्धि हो गयी है. ऐसे में ठंड से बचने को लेकर गर्म ऊनी कपड़ों के साथ इलेक्ट्रानिक बाजार गर्म हो गया है. हर आदमी ठिठुरन से बचने के लिए अलग-अलग सामग्रियों की खरीदारी कर रहे हैं. शहर के राजेंद्र चौक, एनएसी रोड, स्टेशन रोड, थाना रोड आदि इलाकों में हीटर, गीजर, ब्लोअर आदि चीजों की मांग बढ़ गयी है. ठंड बढ़ने से इलेक्ट्रानिक कारोबारियों के चेहरे पर रौनक आ गयी है. लोग घरों से लेकर कार्यालय, शोरूम और दुकानों के लिए भी सामग्री खरीद रहे हैं. एनएसी रोड स्थित इलेक्ट्रानिक प्रदीप जायसवाल ने बताया कि ठंड से बचने को लेकर बाथरूम गीजर के अलावे किचन गीजर का भी मांग बढ़ गयी है. ठंड के मौसम में सबसे ज्यादा परेशानी किचन में काम करते हुए गृहणियों को होती है. ऐसे में लोग किचन गीजर की अधिक मांग कर रहे हैं. इलेक्ट्रानिक गीजर में जल्द पानी गर्म करने व अधिक पानी स्टोर करने की क्षमता वाले गीजर की मांग है. ठंड से बचने के लिए लोग रूम हीटर की खरीदारी कर रहे हैं. बीते वर्ष की तुलना में कीमत में 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. बाजार में सबसे अधिक 12 से 15 लीटर के गीजर उपलब्ध है.

गर्म कपड़ों का बाजार हुआ गुलजार

ठंड में वृद्धि होने के साथ गर्म ऊनी कपड़ों की मांग बढ़ गयी है. थाना रोड, आर्य समाज रोड, शहीद प्रभु नारायण चौक, एसडीओ रोड स्थित रेडीमेड दुकानों से लोग खरीदारी कर रहे हैं. इसके अलावे कोशी कॉलेज, एमजी मार्ग माला गोदाम रोड में भी स्वेटर, जैकेट, टोपी आदि को लेकर खरीदारी जमकर की जा रही है. स्टेशन रोड स्थित कपड़ा दुकानदार सरोज ने बताया कि ठंड बढ़ने से ग्राहकों की भीड़ उमड़ी है. अगर, मौसम अनुकूल रहा तो व्यापार अच्छा होगा.

ठंड में फ्लू, सर्दी, जुखाम, इनफ्लुएंजा व अस्थमा की होती है समस्या : डॉ प्रभात

ठंड बढ़ने पर लोग सर्दी-खांसी, फ्लू, अस्थमा, साइनस और हृदय रोगों जैसी समस्याओं से ज्यादा बीमार पड़ते हैं, क्योंकि ठंडी हवा और शुष्क मौसम से प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है. वायरस आसानी से फैलते हैं. शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान केवल 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से कम है. वहीं न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है. जनरल एंड लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ प्रभात कुमार ने माताओं को सलाह दी कि शिशु को सर्दी से बचाने के लिए उनके खान-पान का विशेष रूप से ध्यान रखें. हमेशा हल्का गर्म पानी तथा गुनगुना पानी ही पिलायें. ठंड के मौसम में बच्चे पानी कम पीते हैं. इससे शरीर में पानी की कमी हो जाने से वो बीमार पड़ सकते हैं. इसलिए उन्हें ज्यादा ज्यादा तरल भोजन (दूध पानी) देकर पानी की कमी को दूर करें. ठंड के साथ ही बच्चों में फ्लू ,सर्दी, जुखाम, इनफ्लुएंजा, अस्थमा आदि समस्याओं की शुरुआत होती है. बच्चों में व्यसकों की अपेक्षा रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से यह बीमारी की चपेट में जल्दी आ जाते हैं. इसलिए हर मां की सबसे बड़ी चिंता यही होती है कि वह इस मौसम में बच्चों को इन लोगों से कैसे सुरक्षित रखें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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