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स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही से जच्चा-बच्चा की हुई मौत

Updated at : 13 Oct 2025 8:12 PM (IST)
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स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही से जच्चा-बच्चा की हुई मौत

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सोमवार को स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही की वजह से जच्चा व बच्चा की मौत हो गयी.

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स्वास्थ्य कर्मियों पर नवजात के शव को शौचालय में फेंकने का आरोप

परबत्ता. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सोमवार को स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही की वजह से जच्चा व बच्चा की मौत हो गयी. बताया जाता है कि पसराहा थाना क्षेत्र के बंदेहरा गांव निवासी रामकिशन यादव की पुत्री मनीषा कुमारी को प्रसव पीड़ा बाद रविवार दोपहर परिजनों ने सीएचसी में भर्ती कराया था. देर शाम तक प्रसूता का स्वास्थ्य ठीक था, लेकिन देर रात अचानक प्रसूता की अत्यधिक पीड़ा बाद नवजात को जन्म दी. बताया जाता है कि प्रसूता के गर्भ में ही शिशु की मौत हो गयी थी. उसके बाद प्रसूता की हालत और बिगड़ गयी. चिकित्सक ने प्रसूता को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया. लेकिन, परिजनों ने प्रसूता मनीषा कुमारी को अनुमंडल अस्पताल गोगरी में भर्ती कराया, जहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया. मौत की सूचना मिलते ही परिजनों के बीच कोहराम मच गया. मृतका के परिजनों ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही की वजह से प्रसूता व नवजात की मौत हुई है.

स्वास्थ्य कर्मियों की घोर लापरवाही, नवजात के शव को शौचालय में फेंका

बताया जाता है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित महिलाओं के उपयोग के लिए बने शौचालय में स्वास्थ्य कर्मियों ने मृत नवजात को फेंक दिया. लोगों ने कहा कि यह घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है. शौचालय में नवजात के शव के फेंके जाने की खबर आग की तरह फैल गयी है. जिसके बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने मृत नवजात के शव को कपड़े में लपेटकर वहां से हटाया. स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि नवजात मृत पैदा हुआ था, परिजनों को शिशु का शव ले जाने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने शव को ले जाने से मना कर दिया था.

आपात स्थिति से निबटने में फिसड्डी है स्वास्थ्य महकमा

परबत्ता अस्पताल को भले ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया गया है. लेकिन हकीकत यह है कि अभी भी यहां पर आपात स्थिति के दौरान मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा नहीं मिल पाती है. खासकर प्रसूता वार्ड में योग्य चिकित्सा नहीं है. जिसके कारण प्रसूता की स्थिति बिगड़ने पर रेफर कर दिया जाता है. जिला मुख्यालय की दूरी अधिक होने के कारण पीड़िता की रास्ते में हीं जान चली जाती है. प्रसूता व नवजात की मौत के बाद परिजनों ने फिलहाल अस्पताल कर्मियों के खिलाफ किसी तरह की लिखित शिकायत नहीं की है. लेकिन, शौचालय में मृत शिशु का शव रखे जाने के मामले को लेकर काफी आक्रोशित हैं. लोगों ने मामले की जांच कर स्वास्थ्य कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है.

मृतका के परिजनों द्वारा अब तक शिकायत नहीं की गयी है. शिकायत की जाती है तो मामले की जांच की जायेगी. मामला सत्य पाये जाने पर दोषी स्वास्थ्य कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी.

डॉ कशिश, पीएचसी प्रभारीB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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