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चार वर्षो से बिना सूचना के गायब पीएचसी बेलदौर के चिकित्सा पदाधिकारी बर्खास्त

Updated at : 17 Jun 2025 10:12 PM (IST)
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चार वर्षो से बिना सूचना के गायब पीएचसी बेलदौर के चिकित्सा पदाधिकारी बर्खास्त

राज्य मंत्रिपरिषद् द्वारा डाॅ राकेश कुमार को अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के आरोप में सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया

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खगड़िया. बिना सूचना के गायब रहने वाले बेलदौर पीएचसी के चिकित्सा पदाधिकारी के विरुद्ध सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है. पीएचसी के चिकित्सक डॉ राकेश कुमार को बर्खास्त कर दिया गया. बताया जाता है कि सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलदौर डॉ राकेश कुमार बीते 2021 से लगातार अनाधिकृत रूप से गायब है. संचालन पदाधिकारी द्वारा अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वाले डॉ राकेश से दो फरवरी 2024 को द्वितीय कारण-पृच्छा की गयी. डॉ राकेश कुमार द्वारा बताया गया कि वे पीजी कोर्स के लिए माता गुजरी विश्वविद्यालय किशनगंज में अध्ययनरत होने के कारण ड्यूटी से गायब थे. सिविल सर्जन, खगड़िया द्वारा 20 अगस्त 2024 को सूचित किया गया है कि डाॅ कुमार प्रभार ग्रहण के पश्चात वर्ष 2021 से अबतक अनधिकृत रूप से अनुपस्थित हैं. राज्य मंत्रिपरिषद् द्वारा डाॅ राकेश कुमार को अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के आरोप में सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया. मालूम हो कि एक सप्ताह पहले ही

सदर अस्पताल के सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ आशीश कुमार, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र महेशखूंट गोगरी के डॉ मो फिरदौस आलम तथा सदर अस्पताल के सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. जागृति सोनम को अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के आरोप में सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था. उपरोक्त तीनों चिकित्सा पदाधिकारी स्वास्थ्य विभाग को बीते चार साल से बगैर सूचना के ड्यूटी से गायब थे. मंगलवार को सरकार ने चिकित्सा पदाधिकारी पर कार्रवाई की. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कैबिनेट की बैठक में विभिन्न विभागों से प्रस्तावों पर फैसला लिया.

अभी भी बिना सूचना के एक दर्जन चिकित्सक हैं गायब

सरकार द्वारा वर्षों से गायब चार चिकित्सकों को बर्खास्त कर दिया गया है. लेकिन अभी भी आधे दर्जन से अधिक चिकित्सक बिना सूचना के गायब है. स्वास्थ्य प्रशासन द्वारा गायब चिकित्सकों की रिपोर्ट भेजा गया. यदि इसी तरह सरकार द्वारा कार्रवाई की गयी तो जल्द ही आधे दर्जन चिकित्सकों के विरुद्ध बर्खास्त की कार्रवाई हो सकती है.

मरीजों के इलाज में बाधक है चिकित्सक

सदर अस्पताल में पद स्थापना के बाद गायब होने बाले चिकित्सक मरीजों के इलाज का बाधक बने हुए हैं. बताया जाता है कि सदर अस्पताल में 20 मेडिकल ऑफिसर का पद है. जिसमें से मात्र 12 मेडिकल ऑफिसर तैनात है. सदर अस्पताल में पद स्थापित दो विशेषज्ञ चिकित्सक तथा पांच मेडिकल ऑफिसर वर्षो से गायब है. बताया जाता है कि डॉ पायल कुमारी, डॉ अभिनव कुमार वर्ष 2016 से उच्च शिक्षा के लिए गये थे. लेकिन आज तक कोई सूचना नहीं दिया गया. सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ छवि नारायण, डाॅ जगदीश यादव, डॉ मानस कुमार, डॉ रमन किशोर, डॉ सुमन कुमार झा पढ़ाई के लिए गये. लेकिन लौटकर नहीं आये है. कागज पर जरूरत के अनुसार चिकित्सक सदर अस्पताल में उपलब्ध हैं. लेकिन सच्चाई यह है कि 20 के बदले 12 चिकित्सा पदाधिकारी ड्यूटी कर रहे है. बताया जाता है कि जिले में पदस्थापित चिकित्सक डॉ शशि, डॉ श्वेता, डॉ मोना गोयल, डॉ शशांक कुमार, डॉ रूपम चंद्रा आदि वर्षो से उनुपस्थित है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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