TGC में ऑल इंडिया 7वीं रैंक, खगड़िया के निहाल नूर बने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट

लेफ्टिनेंट निहाल नूर के साथ माता-पिता
Khagaria Success Story: खगड़िया के युवा निहाल नूर ने मेहनत और प्रतिभा के दम पर वह मुकाम हासिल किया है, जिसका सपना लाखों युवा देखते हैं. TGC में ऑल इंडिया 7वीं रैंक लाकर उन्होंने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनने का गौरव हासिल किया है.
खगड़िया से राज किशोर सिंह की रिपोर्ट.
Khagaria Success Story: खगड़िया के लिए गर्व की खबर है. शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायी आनंद बजाज और सरिता बजाज के पुत्र निहाल नूर ने भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), देहरादून से सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्राप्त किया है. टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स (TGC) में ऑल इंडिया 7वीं रैंक हासिल करने वाले निहाल की इस उपलब्धि से पूरे जिले में खुशी और गौरव का माहौल है.
खगड़िया से शुरू हुआ सफलता का सफर
निहाल नूर की प्रारंभिक शिक्षा खगड़िया में हुई. बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहे निहाल ने अपने लक्ष्य को लेकर लगातार मेहनत की. स्कूल शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने भुवनेश्वर से बीटेक की डिग्री हासिल की.
इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने भारतीय सेना में अधिकारी बनने का सपना देखा और उसी दिशा में तैयारी शुरू कर दी.
TGC में हासिल की ऑल इंडिया 7वीं रैंक
अपनी लगन और कठिन परिश्रम के दम पर निहाल ने टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स (TGC) की प्रतिष्ठित परीक्षा में ऑल इंडिया 7वीं रैंक प्राप्त की. यह उपलब्धि उनकी प्रतिभा और समर्पण का प्रमाण है.
बेहतर रैंक हासिल करने के बाद उनका चयन भारतीय सेना के अधिकारी पद के लिए हुआ और उन्हें देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया.

IMA से प्रशिक्षण के बाद बने लेफ्टिनेंट
भारतीय सैन्य अकादमी में कठोर और चुनौतीपूर्ण प्रशिक्षण पूरा करने के बाद निहाल नूर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में शामिल हुए. यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे खगड़िया जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है.
सेना की वर्दी पहनकर देश सेवा के लिए तैयार निहाल अब युवाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन गए हैं.
माता-पिता को दिया सफलता का श्रेय
निहाल नूर ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के मार्गदर्शन, समर्थन और प्रेरणा को दिया है. उनका कहना है कि परिवार के सहयोग और विश्वास ने उन्हें हर कठिन चुनौती का सामना करने की ताकत दी.
उनकी सफलता पर परिजनों, मित्रों और शहरवासियों ने खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं.
युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत
निहाल नूर की उपलब्धि यह साबित करती है कि छोटे शहरों के युवा भी बड़े सपनों को साकार कर सकते हैं. दृढ़ संकल्प, अनुशासन और निरंतर मेहनत के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है.
खगड़िया के युवाओं के लिए निहाल की सफलता एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है, जो उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है.
इसे भी पढ़ें: बिहार के हजारों शिक्षकों के लिए गुड न्यूज, सरकार ने जारी किए 999.84 करोड़, जल्द होगा बकाया भुगतान
बिहार में ऐसे वाहन मालिक हो जाएं सावधान, शुरू होगा राज्यव्यापी अभियान, एक्शन की तैयारी
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By प्रत्युष प्रशांत
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










