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पंचायत सरकार भवन अनियमितता मामले में गोगरी बीडीओ व प्रधान लिपिक का वेतन बंद

Updated at : 06 Jul 2025 9:50 PM (IST)
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पंचायत सरकार भवन अनियमितता मामले में गोगरी बीडीओ व प्रधान लिपिक का वेतन बंद

बीडीओ व लिपिक का अगले आदेश तक वेतन बंद करने का आदेश जारी किया है.

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बीडीओ व प्रधान लिपिक पर लगा कर्तव्यहीनता व स्वेच्छाचारिता का आरोप, कमिश्नर ने लिया एक्शन

कमिश्नर के यहां सुनवाई में जाना था बीडीओ को, भेज दिया गया प्रधान लिपिकगोगरी. मुंगेर कमिश्नर ने बीडीओ राजाराम पंडित और प्रधान लिपिक अमर दास का वेतन बंद करने का आदेश दिया है. कमिश्नर ने बीडीओ की लापरवाही, कर्तव्यहीनता व स्वेच्छाचारिता को देखते हुए अगले आदेश तक वेतन बंद करने का आदेश जारी किया है. कमिश्नर ने डीएम को भी पत्र भेजा है. मालूम हो कि लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत प्रमंडलीय आयुक्त, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर सह प्रथम अपीलीय प्राधिकार के यहां सुनवाई में बीडीओ राजाराम पंडित काे स्वयं उपस्थित हाेना था. लेकिन बीडीओ स्वयं उपस्थित नहीं होकर कार्यालय के प्रधान लिपिक अमर दास को अधूरी जानकारी के साथ भेजे दिया था. जिस पर कमिश्नर नाराज हुए और बीडीओ व लिपिक का अगले आदेश तक वेतन बंद करने का आदेश जारी किया है.

क्या था मामला

अपीलार्थी गोगरी कुंडी निवासी अक्षय कुमार ने बीते 3 मई 2025 को जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी द्वारा पारित अंतिम आदेश 07 अप्रैल 2025 के विरूद्ध मुंगेर कमिश्नर के यहां प्रथम अपील दायर किया था. जिसमें बताया था की पूर्व मुखिया शांति देवी द्वारा पंचायत सरकार भवन निर्माण की राशि का गबन किया गया है. जिसकी सुनवाई बीते 28 जून को तय किया गया था. जिसमें बीडीओ राजाराम पंडित को सुनवाई के लिए पूरे रिपोर्ट के साथ स्वयं उपस्थित रहने का आदेश दिया गया था. लेकिन, बीडीओ द्वारा निर्वाचन कार्य में व्यस्तता का हवाला देते हुए प्रखंड कार्यालय के प्रधान लिपिक अमर कुमार दास प्रधान को प्राधिकृत कर भेज दिया.

प्रधान लिपिक ने कमिश्नर को नहीं दे पाया स्पष्ट जबाव

कमिश्नर द्वारा सुनवाई के दाैरान प्रधान लिपिक से पूछताछ किए जाने पर कोई पूर्ण जवाब नहीं दिया गया. जिस पर कमिश्नर ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि बिना पूर्ण जानकारी के उन्हें यानी प्रधान लिपिक को अधोहस्ताक्षरी के समक्ष सुनवाई के लिए प्राधिकृत किया गया है. प्रधान लिपिक ने भी बिना प्रतिवेदन को देखे एवं अद्यतन जानकारी बगैर ही सुनवाई में उपस्थित हो गए. जो उनकी कार्यशैली एवं सरकारी सेवक के प्रतिकूल आचरण को प्रदर्शित करता है. इस प्रकार का कृत प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं प्रधान लिपिक द्वारा किया जाना दंडनीय है.

जिला पंचायती राज पदाधिकारी स्वंय रहे उपस्थित

बताया जाता है कि सुनवाई के दौरान जिला पंचायती राज पदाधिकारी स्वंय कमिश्नर के सामने पूरी रिपोर्ट के साथ उपस्थित हुए. उन्होंने पूरे मामले से कमिश्नर को अवगत कराया. जिस पर बीडीओ राजाराम पंडित और प्रधान लिपिक अमर कुमार दास पर कमिश्नर काफी नाराज हुए. बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम 2015 के तहत शिकायत के निवारण में बीडीओ व प्रधान लिपिक की लापरवाही, कर्त्तव्यहीनता एवं स्वेच्छाचारिता को दर्शाता है. उक्त लापरवाही के आलोक में बीडीओ एवं प्रधान लिपिक का वेतन अगले आदेश तक स्थगित करने का आदेश जारी किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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