CM Nitish: सीएम के काफिला पर हमला मामले में सिविल कोर्ट का बड़ा फैसला, 18 लोगों को इस वजह से किया गया बरी
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 22 Jan 2025 9:14 PM
Civil Court Khagaria
CM Nitish: सीएम नीतीश कुमार के काफिले पर खगड़िया में हमला हुआ था. इस मामले में कुछ नामजद और 600 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी.
CM Nitish: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफिले पर हमला मामले में आरोपित 18 लोगों को साक्ष्य के अभाव में न्यायालय ने बरी कर दिया है. बताया जाता है कि सिविल कोर्ट के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय कुमारी विजया ने बुधवार को 18 आरोपित को साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया है. जिसमें समाजसेवी नागेंद्र सिंह त्यागी, भाजपा नेता बाबूलाल शौर्य, चंदन यादव उर्फ गोपाल, जनार्दन यादव, कमल किशोर यादव, विश्वजीत कुमार, सुजीत कुमार उर्फ कमांडो, मो.वशी आलम, चंदन उर्फ अमित कुमार, कुमार गौरव उर्फ गोरख यादव, किरण देव यादव, नंदकुमार उर्फ नंदन यादव, प्रशांत कुमार, शंकर कुमार उर्फ शंकर सिंह, चंद्रशेखर कुमार, सुनील कुमार मिश्र, विभूति कुमार सिंह, मोहन दास को साक्ष्य के अभाव में रिहा किया गया है. 12 वर्षों बाद इनलोगों को न्यायालय से न्याय मिला है.
वर्ष 2012 में मुख्यमंत्री के काफिले पर हुआ था हमला
27 सितंबर 2012 को शहर के बलुआही एनएच 31, समाहरणालय एवं सभास्थल बाजार समिति में सीएम नीतीश कुमार को काला झंडा दिखाते हुए काफिले पर रोड़ा-पत्थर, गोलीबारी, समाहरणालय में तोड़फोड़ और आगजनी किया गया था. जहां पुलिस प्रदर्शनकारी के विरूद्ध शक्ति प्रयोग भी किए थे. जिसके बाद प्रदर्शनकारी को खदेड़कर शांत कराया गया. तत्कालीन एसडीओ सुभाषचन्द्र मंडल के आवेदन पर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गई थी. बताया जाता है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कुछ लोग अपनी समस्या से अवगत कराना चाह रहे थे. लेकिन अधिकारियों ने रोक दिया. जिससे आक्रोशित होकर काफिले पर हमला कर दिया.
नामजद व 600 अज्ञात के विरुद्ध हुई थी प्राथमिकी
मुख्यमंत्री के काफिले पर हमला मामले में कुछ नामजद और 600 अज्ञात लोगों के विरुद्ध तत्कालीन एसडीओ सुभाषचन्द्र मंडल ने थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इस मामले में न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में 18 लोगों को बरी कर दिया.
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पूर्व विधायक रणवीर यादव और कृष्णा कुमारी को एमपीएमएलए कोर्ट ने किया दोषमुक्त
रंगदारी मांगने के मामले में निचली अदालत द्वारा पूर्व विधायक रणवीर यादव और जिप अध्यक्ष कृष्णा कुमारी के विरुद्ध सुनाई गयी सजा को अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय सह एमपीएमएलए कोर्ट कुमारी विजया ने रद्द कर दोष मुक्त कर दिया है. मालूम हो कि बीते 7 अक्टूबर 2023 को अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम विभा रानी द्वारा पूर्व विधायक रणवीर यादव और जिला परिषद अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव को नगर थाना कांड संख्या 637/2005 जीआर नंबर 1623/2005 में 3 वर्ष की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना सुनाया था. जिसके कारण राजनीतिक गलियारे में सनसनी चर्चा का विषय बना था. क्योंकि कृष्णा कुमारी यादव लोकसभा चुनाव 2024 में सबल प्रत्याशी मानी जा रही थी.
इसके लिए चुनाव लड़ने की मुकम्मल तैयारी कर रही थी. इसी बीच सजा होने पर जिला से लेकर राज्य के राजनीतिक में चर्चा का विषय बन गया था. जिसके कारण चुनाव से कृष्णा यादव को वंचित होना पड़ा था. इसी दौरान राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जिला परिषद अध्यक्ष पद से निरस्त कर दिया गया था. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सजा पर रोक लगा दी गयी थी. जिसके आधार पर पटना उच्च न्यायालय से अध्यक्ष पद पर पुनः: बहाली कर दिया गया. न्यायालय के इस फैसले से रणवीर समर्थक में खुशी की लहर है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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