खगड़िया में गुरु प्रसाद के निधन के बाद पुत्र भूतनाथ ने संभाली मंदिर की परंपरा, हर शाम गूंज रहा भजन-कीर्तन

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मंदिर परिसर स्थित आश्रम में भजन कीर्तन करते बाबा एवं श्रद्धालु | Prabhat Khabar Network

मंदिर परिसर स्थित आश्रम में भजन कीर्तन करते बाबा एवं श्रद्धालु | Prabhat Khabar Network

Beldaur Phuleshwarnath Temple: बेलदौर के बाबा फूलेश्वरनाथ मंदिर के संरक्षक गुरु प्रसाद के निधन के बाद उनके पुत्र भूतनाथ ने मंदिर की परंपरा और सेवा कार्यों की जिम्मेदारी संभाली है.

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Beldaur Phuleshwarnath Temple: खगड़िया जिले के बेलदौर स्थित प्रसिद्ध बाबा फूलेश्वरनाथ मंदिर के संरक्षक गुरु प्रसाद के निधन के बाद श्रद्धालुओं ने उनके पुत्र भूतनाथ को मंदिर की परंपरा और सेवा कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी है. अब प्रतिदिन मंदिर परिसर में भव्य भजन-कीर्तन और संध्या आरती का आयोजन हो रहा है, जिसमें दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंचकर दिवंगत संरक्षक को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं.

खगड़िया जिले के बेलदौर स्थित प्रसिद्ध बाबा फूलेश्वरनाथ मंदिर में इन दिनों भावनात्मक और धार्मिक वातावरण एक साथ दिखाई दे रहा है. मंदिर के संरक्षक गुरु प्रसाद के आकस्मिक निधन के बाद जहां श्रद्धालुओं में गहरा शोक है, वहीं उनकी वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए उनके पुत्र भूतनाथ ने जिम्मेदारी संभाल ली है.

बीते शनिवार शाम गुरु प्रसाद के निधन की खबर फैलते ही मंदिर परिसर में शोक का माहौल छा गया था. श्रद्धालुओं और समर्थकों के अनुसार उनके जाने के बाद मंदिर की दैनिक गतिविधियों पर भी कुछ समय के लिए असर पड़ा और परिसर में सन्नाटा पसरा रहा.

श्रद्धालुओं ने भूतनाथ को सौंपी परंपरा की जिम्मेदारी

मंदिर में उत्पन्न इस शून्य को भरने के लिए श्रद्धालुओं और समर्थकों ने पहल की. सभी ने एकत्र होकर भूतनाथ का माल्यार्पण कर स्वागत और सम्मान किया तथा उन्हें मंदिर की परंपरा और सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी.

श्रद्धालुओं का कहना है कि यह केवल उत्तराधिकार का मामला नहीं, बल्कि उस धार्मिक सेवा और समर्पण की निरंतरता है, जिसे गुरु प्रसाद ने वर्षों तक निभाया.

हर शाम हो रहा भव्य भजन-कीर्तन और संध्या आरती

नई व्यवस्था के तहत अब प्रतिदिन संध्याकाल में मंदिर की कुटी में भव्य भजन-कीर्तन और संध्या आरती का आयोजन किया जा रहा है. इन आयोजनों में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ आसपास के गांवों और दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं.

भजन-कीर्तन के दौरान श्रद्धालु भक्ति-भाव से शामिल होकर दिवंगत संरक्षक गुरु प्रसाद को श्रद्धासुमन अर्पित कर रहे हैं. मंदिर परिसर एक बार फिर धार्मिक गतिविधियों से गुलजार होने लगा है.

Beldaur Phuleshwarnath Temple: गुरु प्रसाद की सेवा परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प

मौके पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने कहा कि गुरु प्रसाद ने मंदिर की सेवा, धार्मिक आयोजनों और सामाजिक सहयोग की जो परंपरा स्थापित की थी, उसे नई पीढ़ी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ आगे बढ़ाएगी.

कार्यक्रम में अजय शर्मा, सुनील रजक, पंकज साह, बैजनाथ साह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और समर्थक उपस्थित रहे. सभी ने एक स्वर में कहा कि बाबा फूलेश्वरनाथ मंदिर की धार्मिक गरिमा और परंपरा पहले की तरह निरंतर जारी रहेगी.

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राजकिशोर सिंह

लेखक के बारे में

By राजकिशोर सिंह

राजकिशोर सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. अभी प्रभात खबर के खगड़िया कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति, राजनीति की खबरों में रुचि रखते हैं.

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