शिक्षक नियोजन में गड़बड़ी मामले में फिर होगी कार्रवाई

Updated at : 19 May 2024 11:48 PM (IST)
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पिछले महीने शिक्षक नियोजन की जांच से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान विभाग की काफी किरकिरी हुई थी.

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खगड़िया. मुख्य सूचना आयुक्त की सख्ती के बाद शिक्षा निदेशक सह अपर सचिव सुबोध कुमार चौधरी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी तथा डीपीओ स्थापना को पत्र लिखकर आदेश का अनुपालन करने को कहा है. पिछले महीने शिक्षक नियोजन की जांच से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान विभाग की काफी किरकिरी हुई थी. मुख्य सूचना आयुक्त ने इस मामले में न सिर्फ डीईओ तथा डीपीओ स्थापना को अगली सुनवाई में स्वयं उपस्थित रहने का आदेश दिया था, बल्कि तीखी टिप्पणी करते हुए इस मामले को शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के संज्ञान में लाने को कहा था. इधर, आयोग के आदेश के बाद राज्य स्तर से जिले के शिक्षा विभाग के पदाधिकारी को पत्र लिखकर मुख्य सूचना आयुक्त के आदेश का अनुपालन करने को कहा है. बताया जाता है कि आरटीआई से संबंधित मामला शिक्षक नियोजन से जुड़ा हुआ है. जिले के आरटीआइ कार्यकर्ता शैलेन्द्र सिंह तरकर ने साल 2016 में शिक्षक नियोजन से संबंधित सूचना आरटीआइ के तहत मांगी थी. लोक सूचना पदाधिकारी द्वारा सूचना नहीं देने पर यह मामला राज्य सूचना आयोग पहुंचा. यहां पहले निगरानी विभाग पटना के पीआइओ को बुलाया गया और अब जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारी तथा डीपीओ स्थापना को नोटिस जारी कर सूचना के साथ तलब किया गया है. आठ साल में सूचना नहीं देने पर आयुक्त ने कहा अत्यंत खेदजनक है स्थिति सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मांगी गयी सूचना उपलब्ध कराने की समय-सीमा अधिकतम 30 दिन निर्धारित है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि आठ साल बीत जाने के बाद भी इस मामले (शिक्षक नियोजन से जुड़े जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई) में आवेदक को सूचना उपलब्ध नहीं करायी गयी है. सुनवाई के दौरान यह बातें सामने आने के बाद गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य सूचना आयुक्त त्रिपुरारी शरण ने कहा कि यह अत्यंत खेदजनक है कि वर्ष 2016 में दायर यह सूचना अभी तक निष्पादित नहीं हो पायी है. जारी आदेश में उन्होंने कहा है कि प्रथम दृष्टया यह बातें सामने आ रही है कि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अथवा जिला शिक्षा पदाधिकारी के स्तर से अभी तक कोई निर्णयात्मक कार्रवाई नहीं गयी है. मुख्य सूचना ने कहा है कि आठ वर्षों में इस प्रकार की महत्वपूर्ण सूचना उपलब्ध नहीं कराना शिक्षा विभाग के जिला स्तरीय कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर खेदजनक टिप्पणी है. इसके लिये जिम्मेदार बाबू को चिह्नित करने के भी आदेश जारी किये गए हैं.

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