डॉक्टरों पर बरसे डीएम सख्ती. समीक्षा बैठक में छाया रहा पीएचसी प्रकरण

Updated at : 26 Mar 2017 4:43 AM (IST)
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डॉक्टरों पर बरसे डीएम सख्ती. समीक्षा बैठक में छाया रहा पीएचसी प्रकरण

गोगरी : गोगरी रेफरल अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में अलौली पीएचसी प्रकरण का मुद्दा छाया रहा. शनिवार को हुई बैठक में डीएम जय सिंह ने चिकित्सकों को कार्य में सुधार लाने की नसीहत दी. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कार्य में कोताही किसी भी हाल में बरदाश्त नहीं किया जाएगा. […]

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गोगरी : गोगरी रेफरल अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में अलौली पीएचसी प्रकरण का मुद्दा छाया रहा. शनिवार को हुई बैठक में डीएम जय सिंह ने चिकित्सकों को कार्य में सुधार लाने की नसीहत दी. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कार्य में कोताही किसी भी हाल में बरदाश्त नहीं किया जाएगा. डीएम ने अलौली पीएचसी के कार्यों की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के रिपोर्ट में नाराजगी व्यक्त करते हुए पीएचसी प्रभारी को फटकार लगायी.

अलौली पीएचसी प्रभारी द्वारा पद से हटाये जाने के अनुरोध पर बिफरते हुए डीएम ने बिफरते हुए कड़ी फटकार लगायी. बैठक के दौरान जिले भर में चल रही स्वास्थ्य योजनाओं व सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था में सुधार लाने पर जोर देते हुए डीएम ने गोगरी अस्पताल में बंद एक्सरे सेवा को तुरंत शुरू करने का निर्देश दिया. डीएम ने सभी पीएचसी और अस्पताल प्रभारी व मैनेजर को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि कोई भी रिपोर्ट या मासिक समीक्षा कम्प्यूटराईज होना चाहिए.
पत्रांक दिनांक अंकित होना आवश्यक है. गोगरी के आउटडोर में जांच के दौरान चिकित्सक रजिस्टर तीन माह से अपडेट नहीं रहने, अस्पताल में विगत चार माह पूर्व ऑक्सीजन के बिना एक युवक की मौत हो जाने और सरकारी अस्पताल के डॉक्टर के द्वारा निजी नर्सिंग होम चलाये जाने के बारे में अभी तक क्या कारवाई किया गया है इसको लेकर डीएम जय सिंह ने सिविल सर्जन से अद्यतन जानकारी तलब किया. इसके अलावा कई पीएचसी प्रभारी द्वारा मासिक बैठक के क्रियान्वयन में रुचि नहीं लेने पर उनसे स्पष्टीकरण की मांग करते हुए कार्रवाई के संकेत दिये. इसी तरह परबत्ता, मानसी, चौथम और अलौली में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना को लेकर प्रभारी द्वारा परिवार नियोजन कार्यक्रम और बंध्याकरण में दो माह के दौरान किसी प्रकार की उपलब्धि नहीं मिलने पर उन्हें अपने कार्यशैली में सुधार लाने की चेतावनी दी गयी. बैठक में पिछले एक माह में स्वास्थ्य विभाग में किए गए कार्यो व अस्पतालों की स्थिति के बारे में डीएम ने समीक्षा की गयी. समीक्षा के दौरान चिकित्सकों को ओपीडी व अन्य विभागों में अपने ड्यूटी सही रूप से करने को कहा.
ओपीडी के आधार पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चिकित्सकों की सराहना की गयी जबकि लचर प्रदर्शन वाले चिकित्सकों को कार्यशैली में सुधार लाने की चेतावनी दी गयी. डीएम ने उपस्थित चिकित्सक व कर्मियों को पूरी ईमानदारी के साथ काम करने को कहा ताकि आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग सरकार का एक अहम हिस्सा है. इसके लिए सरकार ने सभी अस्पतालों में दवा से लेकर हर तरह की व्यवस्था कर रखी है. ऐसे में यदि मरीजों को किसी तरह की परेशानी होती है तो यह बड़ा ही गंभीर बात है. ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जायेगी. बैठक में डीएम के अलावा गोगरी एसडीओ संतोष कुमार, सिविल सर्जन अरुण कुमार सिंह, एसीएमओ डॉ मीरा कुमारी, उपाधीक्षक के अलावा कई पदाधिकारी उपस्थित थे.
सख्त कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग सरकार का एक अहम हिस्सा है. इसके लिए सरकार ने सभी अस्पतालों में दवा से लेकर हर तरह की व्यवस्था कर रखी है. ऐसे में यदि मरीजों को किसी तरह की परेशानी होती है तो यह गंभीर बात है. स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने में रोड़ा बनने वाले चाहे अधिकारी हो या कर्मचारी या कोई और. किसी को बख्शा नहीं जायेगा.
जय सिंह, डीएम.
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