पूर्ण शराबबंदी के बाद बढ़ गये हैं कोरेक्स के शौकीन

खगड़िया : कोरेक्स नाम सुनते ही खांसी की दवा की याद आती है लेकिन शहर में इस जीवन दायिनी दवा को युवा वर्ग के लोग दारू के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं. स्थिति यह है कि शराब बंदी के बाद स्थानीय स्तर पर नशे के आदि लोग अधिकतर युवा इसकी चपेट में आ रहे […]
खगड़िया : कोरेक्स नाम सुनते ही खांसी की दवा की याद आती है लेकिन शहर में इस जीवन दायिनी दवा को युवा वर्ग के लोग दारू के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं. स्थिति यह है कि शराब बंदी के बाद स्थानीय स्तर पर नशे के आदि लोग अधिकतर युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं. युवाओं में इसका स्वाद चखने की आदत सी बनती जा रही है. कुछ दवा व्यवसायियों द्वारा पैसे की लालच में कोरेक्स को अधिक कीमत पर बेची जा रही है. शाम ढलते ही स्टेशन रोड, हॉस्पिटल चौक,
बखरी बस स्टैंड आदि जगहों पर कोरेक्स के शौकीनों की भीड़ लग जाती है. चिकित्सक बताते हैं कि कोरेक्स के अधिक सेवन से लिवर में खराबी आ जाती है. इससे मानव शरीर में प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है. यह दवा पटना से खगड़िया पहुंचता है. कुछ भेंडर अवैध रूप से पटना से कोरेक्स लाकर दुकानदार को सप्लाई कर रहें हैं. शराबबंदी का ही असर है कि शराब पीने वाले तरह तरह के नशे के तरकिब ढूंढ रहे हैं.
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