तालाब व पोखरों का मिट रहा नामोनिशान

Updated at : 03 Feb 2017 1:41 AM (IST)
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तालाब व पोखरों का मिट रहा नामोनिशान

गोगरी : एक तरफ जहां जल संरक्षण को लेकर सरकारी स्तर पर मनरेगा व अन्य योजना के तहत पोखर तालाब निर्माण व जीर्णोद्धार कराने पर बल दिया जा रहा है़ वहीं क्षेत्र में पुराने तालाब व पोखर मृतप्राय हो रहे हैं. अधिकांश पोखर व तालाब जहां पानी नहीं रहने से सुख कर बेकार हो रहे […]

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गोगरी : एक तरफ जहां जल संरक्षण को लेकर सरकारी स्तर पर मनरेगा व अन्य योजना के तहत पोखर तालाब निर्माण व जीर्णोद्धार कराने पर बल दिया जा रहा है़ वहीं क्षेत्र में पुराने तालाब व पोखर मृतप्राय हो रहे हैं.

अधिकांश पोखर व तालाब जहां पानी नहीं रहने से सुख कर बेकार हो रहे हैं. तो कई तालाबों में जल है तो साफ सफाई के अभाव में फैली गंदगी के कारण बेकार पड़े हैं. बात नगर पंचायत गोगरी जमालपुर की करें तो नगर पंचायत क्षेत्र में वैसे भी पोखर व तालाबों की कमी है और जो भी है वो उपेक्षा के कारण आम लोगों के लिए बेकार साबित हो रहे हैं. जिसके जीर्णोद्धार को लेकर कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है क्षेत्र के जमालपुर बाजार के पंसारी बालिका उच्च विद्यालय के पास स्थित रानी पोखर लगभग मृत होने के कगार पर है. नगर पंचायत प्रशासन के द्वारा इसके जीर्णोद्धार के नाम पर बीते 2012 में उक्त पोखर के एक किनारे में लाखों की लागत से सीढियां बनायी गयी. मगर पोखर की साफ सफाई व सतह की खुदाई की ओर ध्यान नहीं दिया गया.
आज आलम यह है कि पोखर लगभग मृत हो चुका है हालांकि पोखर में पानी तो है मगर फैली गंदगी व गंदे पानी के कारण कोई इस ओर झांकने तक नहीं आते हैं. वहीं हाल कुर्मीटोला स्थित बड़ी पोखर का है़ जो सूखकर बेकार हो गया है नगर पंचायत क्षेत्र के अलावे भी अन्य जगहों के तालाबों की भी वही स्थिति है. इस क्षेत्र में मछली पालन लोगों का है मुख्य व्यवसाय है. नगर पंचायत के तालाबों का अगर जीर्णोद्धार हो तो नगर पंचायत में सुंदरता के साथ स्वच्छता भी आयेगी. नगर पंचायत अध्यक्ष रंजीता कुमारी ने बताया कि तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए ही सीढियां बनायी गयी है योजना के तहत तालाबों में और सीढ़ी व अन्य कार्य किया जायेगा.
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