कई स्कूलों में पठन-पाठन ठप
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :16 Jul 2016 7:09 AM (IST)
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मनमानी. महीना में एक-दो दिन ही स्कूल आ रहे शिक्षक समस्तीपुर की रहने वाली सरिता अलौली प्रखंड के एक विद्यालय में शिक्षिका हैं. समस्तीपुर से ही आने जाने के कारण वह महीने में एक-दो दिन ही स्कूल आ पाती हैं. स्कूल के प्रधानाध्यापक से लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारी मैनेज हैं. खगड़िया : बिना स्कूल […]
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मनमानी. महीना में एक-दो दिन ही स्कूल आ रहे शिक्षक
समस्तीपुर की रहने वाली सरिता अलौली प्रखंड के एक विद्यालय में शिक्षिका हैं. समस्तीपुर से ही आने जाने के कारण वह महीने में एक-दो दिन ही स्कूल आ पाती हैं. स्कूल के प्रधानाध्यापक से लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारी मैनेज हैं.
खगड़िया : बिना स्कूल गये ही हाजिरी बन जाने जैसी समस्या से जूझ रही सरकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार के तमाम दावे खोखले साबित हो रहे हैं. इधर, कागज पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के निरीक्षण रिपोर्ट में सब कुछ ठीक रहने के दावे के पीछे के राज कुछ और ही कहानी कह रहे हैं. इस तरह के हालात से जूझते स्कूलों की संख्या सैकड़ों में हैं. जहां पर तैनात शिक्षकों के गायब रहने की आदत के कारण सरकारी स्कूलों में पठन-पाठन व्यवस्था चौपट हो गयी है.
पैसों की खनक में गुम हो रही कार्रवाई : बताया जाता है कि शिक्षा विभाग के हर खता की सजा माफी के लिये रेट फिक्स है. बस जेब में रकम होनी चाहिये. इसी कड़ी में कई घुसखोर अधिकारी जेल की सलाखों के पीछे तक पहुंचे गये हैं लेकिन शिक्षा विभाग के कार्यालय के हालात में कुछ ज्यादा सुधार नहीं हो पाया है.
बीते दिनों करीब 150 स्कूलों का निरीक्षण किया गया. जहां बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पाये जाने के कारण करीब 110 स्कूलों के प्रधान से स्पष्टीकरण तलब किया गया. करीब तीन महीने बीत गये…लेकिन अधिकांश शिक्षकों ने स्पष्टीकरण का जवाब तक नहीं दिया है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शिक्षा विभाग में क्या गुल खिलाया जा रहा है. सूत्रों की मानें तो स्पष्टीकरण के बाद जवाब तक के बारे में जानने की शिक्षा विभाग के अधिकारियों को फुरसत नहीं है.
ये क्या … बिना आये ही बन गयी हाजिरी :बीते दिनों सदर एसडीओ शिव कुमार शैव अलौली प्रखंड के उत्तरी बहोरवा प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे थे. जहां प्रधानाध्यापक राजेश कुमार, शिक्षिका आशा ज्योति, शोभा देवी गायब थीं. लेकिन हाजिरी रजिस्ट्रर में इन भगोड़े शिक्षकों की हाजिरी बनी हुयी थी.
जिसे देख सदर एसडीओ भी भौचक्क रह गये. पूछने पर मौके पर मौजूद शिक्षकों के पास कोई जवाब नहीं था. ग्रामीणों ने बताया कि यह रोज की हालत है. शुक्र हैं कि आज स्कूल का ताला खुला हुआ है. इससे तमतमाये एसडीओ ने इन भगोड़े शिक्षकों का नियोजन रद्द करने का निर्देश दिया है. बताया जाता है कि नदी पार दूर-दराज के स्कूलों में यही हालत है. महीना में एक-दो दिन स्कूल आना और पूरे महीने का वेतन उठ जाना. इसी खेल में सरकारी स्कूलों के हालात दिन ब दिन बदतर होते जा रहे हैं. बीते 19 मई को बेलदौर प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय ददरौजा में व्याप्त कुव्यवस्था व धांधली के खिलाफ डीएम के दरबार में आवेदन दिया गया था. जिसमें विद्यालय की प्रधान शिक्षिका उमा देवी पर पोशाक राशि, छात्रवृत्ति राशि,
एमडीएम में धांधली सहित विद्यालय की पठन-पाठन व्यवस्था ठप होने की शिकायत की गयी थी. जिसे गंभीरता से लेते हुए डीएम जय सिंह ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को सात दिनों के अंदर जांच व कार्रवाई पूरी कर प्रतिवेदन तलब किया था. लेकिन कार्रवाई तो दूर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जांच तक करना मुनासिब नहीं समझा है. ऐसे में सवाल उठता है कि जब डीएम के आदेश रद्दी के टोकरी में डालने से शिक्षा विभाग के अधिकारी परहेज नहीं करते हैं तो फिर दूसरे को कौन पूछता है.
बिसौनी में बच्चे ने दिखाया आइना : परबत्ता प्रखंड के मध्य विद्यालय बिसौनी में छात्रवृत्ति व पोशाक राशि में हेराफेरी का विरोध करने वाले सातवीं कक्षा के छात्र विकास कुमार ने मौके पर मौजूद प्रधान शिक्षक सहित अन्य गुरुजी को आइना दिखाया तो भेद खुलने के डर से उसको पीट कर अधमरा कर दिया गया. जिसकी शिकायत लोक शिकायत निवारण कार्यालय में की गयी है. जिस पर 16 जुलाई को सुनवाई के लिये प्रखंड के बीइओ व परबत्ता थानाध्यक्ष को तलब किया गया है.
भगोड़े शिक्षकों की करतूत से बरबाद हो रहे विद्यालय
प्रधानाध्यापक की मिलीभगत से विद्यालय से गायब रह रहे गुरुजी, नींद में शिक्षा विभाग
बिना स्कूल आये ही उपस्थिति रजिस्ट्रर में भगोड़े शिक्षकों की एडवांस में बन जा रही हाजिरी
कई स्कूलों में सप्ताह या 15 दिन में एक बार स्कूल आ रहे शिक्षक, मजे से उठ रहे वेतन
दूर-दराज व ग्रामीण इलाकों के अधिकांश सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के नाम पर हो रहा मजाक
एमडीएम से लेकर दूसरी सरकारी योजनाओं की राशि की हेराफेरी में कई गुरुजी के हाथ काले
कागज पर होने वाले शिक्षा विभाग के अधिकारियों के निरीक्षण में फेवर में दी जा रही रिपोर्ट
बीते दिनों अलौली के उत्तरी बहोरवा के निरीक्षण में प्रधान शिक्षक सहित तीन शिक्षक गायब पाये गये. लेकिन उपस्थिति पंजी में हाजिरी बनी हुई थी. इस तरह की लापरवाही बरदाश्त नहीं की जायेगी. ऐसे लापरवाह व भगोड़े शिक्षकों का नियोजन रद्द करने की कार्रवाई की जायेगी.
शिव कुमार शैव, सदर एसडीओ.
फर्जीवाड़ा के सहारे घर बैठे वेतन लेने वाले शिक्षकों को बरखास्त कर देना चाहिये. कागज पर निरीक्षण कर सो जाने वाले शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण सरकारी स्कूलों का बेड़ा गर्क हो रहा है. कई स्कूलों तो अखाड़ा जैसा बन गया है जहां पढ़ाई की बजाय आपसी झगड़े में स्कूल बरबादी के मुहाने पर है. ऐसे हालात में डीएम को हस्तक्षेप कर सुधार के लिये कड़े कदम उठाने की जरूरत है.
सुभाष चन्द्र जोशी, सामाजिक कार्यकर्ता.
जिले में सरकारी शिक्षा का हाल
प्राथमिक स्कूल : 545, नामांकित बच्चें : 259256
मध्य विद्यालय : 517, अध्ययनरत बच्चे : 110014
नियोजित शिक्षक : 4577, कुल शिक्षकों की संख्या : 6303
हाल के दिनों की कुछ घटनाएं
27 जून 2016 : चौथम प्रखंड के डुमरी पंचायत के आदर्श मध्य विद्यालय पनसलवा में दो वर्षों से छात्रवृति व पोशाक राशि नहीं मिलने पर छात्रों ने एनएच जाम कर विरोध प्रदर्शन किया. विद्यालय प्रधान पर हेराफेरी का आरोप लगाते हुए छात्रों ने कार्रवाई की मांग की.
24 जून 2016 : अलौली प्रखंड के मध्य विद्यालय गढबन्नी में मध्याह्न भोजन में कीड़ा निकलने की घटना के विरोध में छात्रों व अभिभावकों ने प्रखंड कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया. छात्रों का कहना था कि पहले भी कीड़ा निकलने के मामले को दबा दिया गया है.
28 जून 2016 : मध्य स्कूल चकला में मध्याह्न भोजन की सब्जी में पिल्लू निकलने पर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा. इस मामले में भी छात्रों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन कर विद्यालय में व्याप्त कुव्यवस्था में सुधार की मांग की.
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