3063 घरों में शौचालय नहीं

Published at :30 Jun 2016 6:33 AM (IST)
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3063 घरों में शौचालय नहीं

अफसोस. हाल खगड़िया नगर परिषद इलाके का शहर में आज भी हजारों परिवार को पीने के लिए शुद्ध पानी तक नसीब नहीं हो पाया है. हर घर शौचालय के एलान के बीच खगड़िया नगर परिषद इलाके में आज भी 3063 घरों में शौचालय तक नहीं है. सब कुछ जानते हुए भी वर्तमान वर्ष में नगर […]

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अफसोस. हाल खगड़िया नगर परिषद इलाके का

शहर में आज भी हजारों परिवार को पीने के लिए शुद्ध पानी तक नसीब नहीं हो पाया है. हर घर शौचालय के एलान के बीच खगड़िया नगर परिषद इलाके में आज भी 3063 घरों में शौचालय तक नहीं है. सब कुछ जानते हुए भी वर्तमान वर्ष में नगर परिषद को मात्र 579 शौचालय बनाने का लक्ष्य मिला है.
खगड़िया : नौ साल पहले नगर परिषद का दर्जा पाने वाले खगड़िया के हालात कुछ ठीक नहीं हैं. शहर में रहते हुए भी गांव से बदतर स्थिति से जूझ रहे विकास के सारे दावे की पोल खोलने के लिए काफी है. करोड़ों खर्च होने के बाद भी उफनाती नालियां व अंधेरी गलियां सच बयां करने के लिए काफी है. वर्ष 2007 में 26 वार्ड को नगर परिषद क्षेत्र खगड़िया के नाम से सरकार द्वारा अधिसूचित किया गया था. नौ साल बीतने को हैं, लेकिन आज तक अधिकांश आबादी दूषित जल पीकर ही प्यास बुझा रहे हैं. आज भी नगर परिषद क्षेत्र के 10 हजार 186 परिवार के लोग आरनयुक्त पानी पीने को विवश हैं.
इतना ही नहीं शहर के हजारों की आबादी आज भी खुले में शौच करने को मजबूर हैं. यह खुलासा मुख्यमंत्री के सात निश्चय कार्यक्रम को अमलीजामा पहनाने के लिए हो रहे नगर परिषद द्वारा कराये जा रहे सरकारी सर्वे के दौरान हुआ है. फिलवक्त नगर परिषद क्षेत्र के 26 वार्डों में 3063 परिवार के शौचालय के अभाव में खुले में महिला-पुरुष व बच्चे शौच करने पर मजबूर है.
नप क्षेत्र की सड़कें : नगर परिषद क्षेत्र के 26 वार्डों में 900 छोटी-बड़ी सड़कें हैं. इसके अलावा मुख्य मार्ग भी हैं, जहां 87 प्रतिशत लोग आज भी शहर वाली सुविधा से महरूम हैं. नगर परिषद द्वारा तो हाल्डिंग टैक्स लिया जा रहा है, लेकिन समस्या जस की तस बनी
हुई है.
12 प्रतिशत लोग झोंपड़ी में काट रहे जिंदगी
शहर की आबादी 10186 परिवारों में से 12 प्रतिशत लोग झोपड़ी में जिंदगी गुजारने को विवश हैं. इन 12 प्रतिशत लोगों को बीपीएल, एपीएल द्वारा खाद्यान्न तो मिल रहा है, लेकिन आवास नहीं रहने के कारण जिंदगी बोझ सी बन गयी है.
शहर की आबादी 10186 परिवारों में से 12 प्रतिशत लोग झोपड़ी में जिंदगी गुजारने को विवश हैं. इन 12 प्रतिशत लोगों को बीपीएल, एपीएल द्वारा खाद्यान्न तो मिल रहा है, लेकिन आवास नहीं रहने के कारण जिंदगी बोझ सी बन गयी है.
कहते हैं नगर सभापति
नप मनोहर कुमार यादव ने बताया कि शहर में इंदिरा आवास देने का कोई प्रावधान नहीं है. इसके आलावा शहरवासियों द्वारा सप्लाई वाटर के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया. नगर परिषद द्वारा जरूरत के स्थान पर सप्लाई वाटर लगाया गया है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के सात निश्चय पर सर्वे के दौरान किस वार्ड में क्या कमी है उसे ध्यान मे रखते हुए तथा प्रधानमंत्री भवन योजना के तहत लक्ष्य के अनुरूप भवन निर्माण कराया जायेगा. इसके आलावा 3063 परिवारों के बीच शौचालय निर्माण के साथ-साथ मूलभूत समस्या को भी दूर किया जायेगा.
अभी कुछ नहीं बता पायेंगे
पीएचइडी विभाग के कार्यपालक अभियंता रामाकांत सिंह ने बताया कि हम अभी खगड़िया से बाहर हैं. हम अभी कुछ भी बता नहीं पायेंगे.
10,186 परिवार आयरनयुक्त पानी पीने को मजबूर
नगर परिषद क्षेत्र में कराये जा रहे सर्वे के दौरान हुआ खुलासा, सात निश्चय के तहत होंगे काम
वर्ष 2016 -17 में नगर परिषद को मात्र 579 शौचालय का मिला लक्ष्य, खुले में शौच की मजबूरी बरकरार
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