स्वास्थ्य प्रशक्षिक ने पहले ही जतायी थी गड़बड़ी की आशंका

Published at :11 Dec 2015 8:53 PM (IST)
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स्वास्थ्य प्रशक्षिक ने पहले ही जतायी थी गड़बड़ी की आशंका

स्वास्थ्य प्रशिक्षक ने पहले ही जतायी थी गड़बड़ी की आशंका एक महीना पहले ही निरीक्षण में खुला था फर्जी प्रसव के आधार पर गोलमाल का राजहोम डिलिवरी या निजी क्लिनिक में होने वाले प्रसव की भी रजिस्टर में हो रही इंट्री मामला सिविल सर्जन के निरीक्षण के दौरान फर्जी प्रसव के खेल के खुलासा का […]

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स्वास्थ्य प्रशिक्षक ने पहले ही जतायी थी गड़बड़ी की आशंका एक महीना पहले ही निरीक्षण में खुला था फर्जी प्रसव के आधार पर गोलमाल का राजहोम डिलिवरी या निजी क्लिनिक में होने वाले प्रसव की भी रजिस्टर में हो रही इंट्री मामला सिविल सर्जन के निरीक्षण के दौरान फर्जी प्रसव के खेल के खुलासा का खुलासा बाद सीएस ने अपनाया कड़ा रुख, टीम का गठन कर दिये जांच के आदेश डोर टू डोर जाकर बीते दिनों हुए प्रसव के बारे में प्रसूता से करेगी पूछताछ जांच में फर्जीवाड़े का खुलेगा राज, दोषी स्वास्थ्यकर्मियों की फंसेगी गरदन जननी बाल सुरक्षा योजना की राशि में गड़बड़ी की नीयत से हो रहा फर्जी प्रसव का गोरखधंधा अलौली के एकमात्र एपीएचसी हरिपुर में प्रसव की मिल रही सुविधा ————–पूरे मामले की जांच के लिये दो सदस्यीय टीम का गठन कर दिया गया है. टीम में शामिल स्वास्थ्य प्रशिक्षक डोर टू डोर जाकर प्रसव के बारे में पूछताछ करेगी. जरूरत पड़ी तो एसीएमओ के नेतृत्व में टीम गठित किया जायेगा. गड़बड़ी चाहे जिस स्तर पर हो दोषी को बख्शा नहीं जायेगा. – डॉ रासबिहारी सिंह, सिविल सर्जन ————-नवंबर में ही अलौली पीएचसी के चिकित्सा प्रभारी को पत्र भेज कर अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्रों में फर्जी प्रसव के खेल की आशंका जतायी गयी थी. बीते दिनों सीएस के निरीक्षण के दौरान भी ऐसी ही गड़बड़ी सामने आने के बाद जांच के आदेश दिये गये हैं. जल्द ही जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंप दी जायेगी. – राम सज्जन यादव, स्वास्थ्य प्रशिक्षक —————-प्रतिनिधि, खगड़ियास्वास्थ्य प्रशिक्षक ने फर्जी प्रसव के खेल की आशंका जताते हुए जांच की जरूरत जतायी थी. अलौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात स्वास्थ्य प्रशिक्षक राम सज्जन यादव व राम हिलीस चौधरी ने करीब एक महीने पूर्व पीएचसी प्रभारी को पत्र लिख कर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरिपुर में फर्जी प्रसव कर जननी बाल सुरक्षा योजना में गड़बड़ी की ओर ध्यान आकृष्ट कराया था. लेकिन उस वक्त पीएचसी प्रभारी ने जांच की बजाय स्वास्थ्य प्रशिक्षक के रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया. सूत्रों की मानें तो जननी बाल सुरक्षा योजना में गड़बड़ी की नीयत से फर्जी प्रसव की प्रविष्ट सरकारी रजिस्टर में कर दिया जाता है. जिसमें होम डिलिवरी या निजी क्लिनिक में हुए प्रसव को सरकारी रजिस्टर में दर्ज कर जननी बाल सुरक्षा योजना में गड़बड़ी को अंजाम दिया जाता है. इधर, सिविल सर्जन ने निरीक्षण के दौरान गड़बड़ी पकड़ी तो मामला दबाना मुश्किल हो गया. सिविल सर्जन डॉ रास बिहारी सिंह ने फर्जी प्रसव पर कड़ा रुखअख्तियार करते हुए एएनएम सहित अन्य से स्पष्टीकरण मांगा है. साथ ही पूरे मामले की जांच के लिये दो सदस्यीय टीम का गठन किया है. बताया जाता है कि जांच टीम डोर टू डोर जाकर बीते दिनों हुए प्रसव की जांच करेगी. जिसमें प्रसूता से पूछताछ करने सहित अन्य बिंदुओं पर गौर कर जांच रिपोर्ट तैयार किया जायेगा. सूत्रों की मानें तो सीएस के कड़े रुख को भांप गड़बड़ी में शामिल स्वास्थ्यकर्मी बचने के लिये जुगाड़ बैठाना शुरू कर दिया है.

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