फर्जी प्रसव के खेल का खुलासा

Published at :10 Dec 2015 9:04 AM (IST)
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फर्जी प्रसव के खेल का खुलासा

स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों की योजनाओं में हेराफेरी के बाद अब सरकारी अस्पताल में फर्जी प्रसव के खेल का खुलासा हुआ है. वह तो शुक्र था कि सिविल सर्जन ने मामला पकड़ा. वरना, कागज पर प्रसव दिखा कर गोलमाल के खेल पर से परदा ही नहीं हट पाता. सूत्रों की मानें, तो फर्जी प्रसव का […]

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स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों की योजनाओं में हेराफेरी के बाद अब सरकारी अस्पताल में फर्जी प्रसव के खेल का खुलासा हुआ है. वह तो शुक्र था कि सिविल सर्जन ने मामला पकड़ा. वरना, कागज पर प्रसव दिखा कर गोलमाल के खेल पर से परदा ही नहीं हट पाता. सूत्रों की मानें, तो फर्जी प्रसव का खेल अन्य सरकारी अस्पतालों भी हो रहा है. अगर जिले भर में गहन जांच हो, तो करोड़ों के गोलमाल के खुलासा की आशंका है.
खगड़िया : स्वास्थ्य विभाग में अब फर्जी प्रसव के खेल का खुलासा हुआ है. फर्जी प्रसव के आधार पर जननी बाल सुरक्षा योजना में गोलमाल की आशंका जतायी जा रही है. अलौली के विभिन्न अस्पतालों के निरीक्षण के दौरान कागज पर ही प्रसव के खेल के खुलासा बाद सिविल सर्जन ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों से स्पष्टीकरण तलब किया है.
साथ ही उनके वेतन पर रोक लगा दी है. बताया जाता है कि जिले के अधिकतर सरकारी अस्पतालों में फर्जी प्रसव का खेल चल रहा है. इसके आधार पर सरकारी योजना में गोलमाल को अंजाम दिया जाता है. अगर जननी बाल सुरक्षा योजना में हुए भुगतान की गहन जांच हो, तो लाखों के गोलमाल का खुलासा हो सकता है.
कागज पर फर्जी प्रसव का खुलासा
फर्जी प्रसव के खेल पर से उस वक्त परदा हटा, जब सिविल सर्जन डॉ रासबिहारी सिंह अलौली स्थित विभिन्न अस्पतालों का निरीक्षण कर रहे थे. सात दिसंबर को हुए निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरिपुर के प्रसव रजिस्टर में सुबह 5 : 30 बजे से नौ बजे तक (करीब साढ़े तीन घंटे में) पांच प्रसव दर्ज था. पर एक भी प्रसूता अस्पताल में मौजूद नहीं थी. सीएस ने बताया कि निरीक्षण के दौरान इस बात का खुलासा हुआ कि वहां प्रसव हुआ ही नहीं था.
बीएचटी भी नहीं था. डिस्चार्ज रजिस्टर में भी प्रविष्टि नहीं की गयी थी. प्रसव के पूर्व रजिस्टर में मात्र एक प्रसव था. इससे जाहिर होता है कि जननी बाल सुरक्षा योजना में गोलमाल की नियत से फर्जी प्रसव की प्रविष्टि की गयी. सीएस श्री सिंह ने भी कहा कि अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में साढ़े तीन घंटे में पांच प्रसव होने का दावा भी गड़बड़ी की ओर इशारा कर रहा है.
वेतन पर रोक, स्पष्टीकरण तलब
फर्जी प्रसव के खुलासा के बाद सीएस ने सख्त रुख अपनाया है. सिविल सर्जन श्री सिंह ने अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात एएनएम रानी कुमारी, हेल्थ एडुकेटर राम सज्जन प्रसाद, रामहिलीज चौधरी से स्पष्टीकरण तलब करते हुए इनके वेतन पर रोक लगा दी है. इधर, पूरे मामले में सीएस के सख्त रुख से गोलमाल करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों हड़कंप है. सूत्रों की मानें तो चिकित्सा पदाधिकारी, स्वास्थ्यकर्मी व बिचौलिया गंठजोड़ की बदौलत पीएचसी सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में फर्जी प्रसव के गोरखधंधे को अंजाम तक पहुंचाया जाता है. इसके आधार पर जननी बाल सुरक्षा योजना की राशि की फर्जी निकासी कर सरकार को चूना लगाया जाता है.
निरीक्षण के दौरान फर्जी प्रसव का खुलासा होने के बाद संबंधित अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र के कर्मियों से स्पष्टीकरण पूछते हुए वेतन पर रोक लगा दी गयी है. फर्जीवाड़ा कर कागज पर प्रसव दिखा कर जननी बाल सुरक्षा योजना की राशि की हेराफेरी की आशंका को देखते हुए जांच के आदेश दिये गये हैं. जल्द ही सच सामने लाकर दोषी पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी.
डॉ रासबिहारी सिंह, सिविल सर्जन
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