चिकत्सिक-आशा प्रकरण की जांच जल्द

Published at :02 Dec 2015 9:27 PM (IST)
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चिकत्सिक-आशा प्रकरण की जांच जल्द

चिकित्सक-आशा प्रकरण की जांच जल्द तीन सदस्यीय गठित टीम में से एक चिकित्सक मुख्यालय से बाहर डॉ केपी प्रसाद के कोलकाता ट्रेनिंग में जाने से जांच पर लगा ब्रेक सिविल सर्जन ने फिर से जांच कमेटी का किया गठन मामला चौथम पीएचसी में आशा-चिकित्सा पदाधिकारी के बीच विवाद का बीते दिनों आशा कार्यकर्ताओं ने प्रभारी […]

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चिकित्सक-आशा प्रकरण की जांच जल्द तीन सदस्यीय गठित टीम में से एक चिकित्सक मुख्यालय से बाहर डॉ केपी प्रसाद के कोलकाता ट्रेनिंग में जाने से जांच पर लगा ब्रेक सिविल सर्जन ने फिर से जांच कमेटी का किया गठन मामला चौथम पीएचसी में आशा-चिकित्सा पदाधिकारी के बीच विवाद का बीते दिनों आशा कार्यकर्ताओं ने प्रभारी को तीन घंटे तक बनाया था बंधक काफी मशक्कत के बाद मुक्त हुए चौथम पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी कमीशन के कारण प्रोत्साहन राशि नहीं देने का आशा ने लगाया था आरोप प्रभारी चिकित्सक ने चौथम के प्रभार से मुक्त करने के लिये सीएस को भेजा पत्र ———————–पहले से गठित कमेटी में डॉ केपी प्रसाद की जगह डॉ प्रयासी को शामिल किया गया है. जल्द ही एसीएमओ डॉ मीरा सिंह के नेतृत्व में तीन सदस्यीय चिकित्सकांे की टीम पूरे मामले की जांच के लिये चौथम जायेगी. जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पर कार्रवाई की जायेगी. – डॉ रासबिहारी सिंह, सिविल सर्जन————————–खगडि़या. चौथम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व आशा कार्यकर्ता के बीच विवाद प्रकरण की जांच अब तक शुरू नहीं हो पायी है. सिविल सर्जन के छुट्टी से लौटने के बाद जांच जल्द शुरू होने की उम्मीद जतायी जा रही है. बीते दिनों विभिन्न समस्याओं को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने चौथम पीएचसी में प्रभारी चिकित्सक डॉ अरुण कुमार सिंह को घंटों बंधक बना कर रखा था. काफी मशक्कत के बाद बंधक बने चिकित्सा प्रभारी को आशा के चंगुल से मुक्त करवाया गया था. जिसके बाद प्रभारी सिविल सर्जन डॉ राजेन्द्र प्रसाद ने एसीएमओ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम का गठन कर जांच का निर्देश दिया था. तीन सदस्यीय टीम में से एक चिकित्सक के 20 दिनों की ट्रेनिंग मंे कोलकाता चले जाने के कारण जांच नहीं हो पाया. इधर, छुट्टी से लौटने के बाद सिविल सर्जन डॉ रासबिहारी सिंह ने फिर से जांच कमेटी क ा गठन कर जांच का निर्देश दिया है. डॉ केएम प्रसाद की जगह डॉ प्रयासी को टीम मंे शामिल किया गया है. सिविल सर्जन ने बताया कि एसीएमओ डॉ सिंह के नेतृत्व में बनी कमेटी मंे डॉ रंजन के अलावा डॉ प्रयासी को जल्द ही पूरी घटना की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है. उन्हांेने कहा कि जांच रिपोर्ट में दोषी चाहे जो हो बख्शा नहीं जायेगा. ——————क्या था पूरा मामला आशा कार्यकर्ताओं ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अरुण कुमार पर प्रोत्साहन राशि देने के एवज में कमीशन मांगने सहित ुअवैध उगाही का दबाव देने का आरोप लगाया था. जिसके बाद चौथम का प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को घंटों कमरे में बंद रखा था. तब सीओ सहित पुलिस ने मौके पर पहुंच कर काफी मान मनौव्वल के बाद आशा कार्यकर्ता शांत हुई. इधर, डॉ अरुण कुमार सिंह ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए सीएस को पत्र भेज कर चौथम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से मुक्त करने की गुहार लगायी है.

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