सरकारी नलकूप बंद, किसानों की बढ़ी चिंता

Published at :29 Nov 2015 9:37 PM (IST)
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सरकारी नलकूप बंद, किसानों की बढ़ी चिंता

सरकारी नलकूप बंद, किसानों की बढ़ी चिंता राटन के निकट स्थित स्टेट बोरिंग वर्षों से खराब पड़ाफोटो है 15 मेंकैप्सन- बंद पड़ा नलकूप प्रतिनिधि, गोगरी प्रखंड में सूखे की मार झेल चुके किसानों के सामने अब रबी फसल की बोआई और उसकी सिंचाई की चिंता सताने लगी है. उल्लेखनीय है कि सरकारी सिंचाई के साधन […]

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सरकारी नलकूप बंद, किसानों की बढ़ी चिंता राटन के निकट स्थित स्टेट बोरिंग वर्षों से खराब पड़ाफोटो है 15 मेंकैप्सन- बंद पड़ा नलकूप प्रतिनिधि, गोगरी प्रखंड में सूखे की मार झेल चुके किसानों के सामने अब रबी फसल की बोआई और उसकी सिंचाई की चिंता सताने लगी है. उल्लेखनीय है कि सरकारी सिंचाई के साधन राजकीय नलकूप बंद पड़े हैं. डीजल और पंप सेटों की महंगाई ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है. किसान पहले ही खाद-बीज की कीमतों में वृद्धि से तबाह हो रहे हैं. वहीं दूसरी ओर सरकारी तंत्र की बेरुखी के कारण किसानों के खेतों में पानी नहीं पहुंच रहा है. यही स्थिति प्रखंड के अधिकतर नलकूपों की है.प्रखंड क्षेत्र के राटन के निकट स्थित स्टेट बोरिंग वर्षों से खराब पड़ा है. बंद पड़े इस राजकीय नलकूप को चालू कराने के लिए स्थानीय किसानों ने अनेक बार विभागीय अधिकारियों को आवेदन दिया है. लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण यह आज तक चालू नहीं हो सका. एक ओर मौसम ने किसानों को धोखा दिया है. वहीं दूसरी ओर सरकारी तंत्र की बेरुखी के कारण किसानों की खेतों में पानी नहीं पहुंच रही है. विभागीय लापरवाही के कारण नलकूप अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. स्थानीय किसानों के लगातार प्रयास के बाद गोगरी के राटन के स्टेट बोरिंग में बिजली का ट्रांसफॉर्मर तो लगा दिया गया. लेकिन इसका कनेक्शन पंप हाउस के साथ भी किया गया था. नतीजतन ट्रांसफॉर्मर और बोरिंग दोनों बेकार पड़े हैं.उल्लेखनीय है कि किसान को पहले सरकारी नलकूप से पानी मिलता था. नलकूप में पानी रहने से किसानों को सिंचाई के साथ साथ पशु पक्षियों को पीने का पानी मिल जाता था. लेकिन अब किसानों को खेत की सिंचाई के लिए डीजल पंप सेटों का ही सहारा रह गया है. वह भी महंगे होने के कारण किसानों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है.कहते हैं स्थानीय किसान किसान अमित कुमार, नीतीश कुमार, फिरोज खान, करूणेश कुमार आदि ने बताया कि स्टेट बोरिंग की ओर सरकार का ध्यान नहीं जा रहा है. सरकार की यह योजना बिल्कुल ही नकारा साबित हो रही है, जबकि स्टेट बोरिंग को चालू कराने के लिए पंचायत के स्तर से भी विभाग को कई बार लिखा गया है. किसानों को रबी फसल की बोआई में पानी की समस्या हो रही है. डीजल और निजी पंप सेटों से पटवन काफी खर्चीला पड़ रहा है.

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