नप की योजनाओं पर ऑडिट का ब्रेकर

Published at :10 Nov 2015 9:15 PM (IST)
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नप की योजनाओं पर ऑडिट का ब्रेकर

खगड़िया : नगर परिषद में नियम को ताक पर रख कर योजनाओं के क्रियान्वयन का खुलासा हुआ है. इसके कारण नगर परिषद को लाखों का नुकसान हुआ है. ऑडिट टीम की आपत्ति के बाद नगर परिषद गड़बड़ी के सुधार में जुट गया है. पूरा मामला वर्ष 2013-14 में विभिन्न योजनाआें के क्रियान्वयन से जुड़ा हुआ […]

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खगड़िया : नगर परिषद में नियम को ताक पर रख कर योजनाओं के क्रियान्वयन का खुलासा हुआ है. इसके कारण नगर परिषद को लाखों का नुकसान हुआ है. ऑडिट टीम की आपत्ति के बाद नगर परिषद गड़बड़ी के सुधार में जुट गया है. पूरा मामला वर्ष 2013-14 में विभिन्न योजनाआें के क्रियान्वयन से जुड़ा हुआ है.

इसमें सरकारी नियम को ताक पर रख कर गड़बड़ी को अंजाम दिया गया है. चाहे बलुआही बस स्टैंड का मामला हो या फिर मालवाहक वाहन के प्रवेश शुल्क, मांस मछली बाजार (फेरी सहित) के बंदोबस्ती का. ऑडिट टीम की जांच में नियम को ताक पर रख कर बंदोबस्ती करने का खुलासा हुआ है. वहीं 2013 में ठेला खरीद के अलावा टाउन हॉल मरम्मत में भी गड़बड़ी पकड़ी गयी है.

ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर नगर परिषद में नियम को ताक रख कर कार्य करने के पीछे किसका हाथ था, ऐसी कितनी योजनाओं में गड़बड़ी पकड़ी गयी, इसके कारण नगर परिषद को कित का नुकसान हुआ, ऐसे कई सवाल हैं जो नगर परिषद की कार्यशैली की पोल खोल रहे हैं.

30 ठेला खरीद में हेराफेरी का खुलासा नवंबर 2013 में नगर परिषद के अधीन 30 ठेला की खरीद के मामले में हेराफेरी का खुलासा हुआ है. इसमें मेसर्स कार्यशक्ति कंट्रक्शन एंड सप्लायर नामक आपूर्तिकर्ता को कुल 2,69 375 रुपये के विपत्र में से वैट कटौती कर भुगतान कर दिया गया.

जबकि अल्पकालीन कोटेशन शर्त के अनुसार एक वर्ष तक नि: शुल्क रखरखाव के लिए पांच प्रतिशत राशि 12825 रुपये लंबित रखी जानी चाहिये. नियम को ताक पर रख कर यह राशि भी आपूर्तिकर्ता को दे दी गयी. ऑडिट टीम द्वारा गड़बड़ी पकड़ने के बाद अब नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी पूनम कुमारी ने आपूर्तिकर्ता से नियम को ताक पर रख कर भुगतान की गयी पांच प्रतिशत की राशि जमा करने का निर्देश दिया है.

एकरारनामा में स्टांप की राशि में गोलमाल वर्ष 2013-14 में बलुआही बस स्टैंड की 23,08000 रुपये बंदोबस्ती हुई थी. सरकारी नियमानुसार बंदोबस्ती का एकरारनामा कुल राशि के तीन प्रतिशत मूल्य के स्टांप पेपर पर किया जाना चाहिये.

लेकिन नगर परिषद ने नियम को ताक पर रख कर 100 रुपये के स्टांप पेपर पर ही बंदोबस्ती का एकरारनामा कर लिया. इसके कारण नगर परिषद को कुल 69240 रुपये का नुकसान उठाना पड़ा. ऑडिट टीम ने जांच के दौरान मामला पकड़ा, तो अब नुकसान हुई राशि वसूली के लिए नगर परिषद तैयारी कर रहा है.

बिना विपत्र जमा किये ही कर दिया भुगतान पूरा मामला टाउन हॉल के मरम्मत कार्य की योजना से जुड़ा हुआ है. जिला योजना से हुए मरम्मत कार्य में व्यय का विपत्र भी नहीं दिया गया, लेकिन 2,93400 रुपये का भुगतान कर दिया गया. ऑडिट टीम की जांच में मामला पकड़ाने के बाद नगर परिषद विपत्र प्राप्ति तक आग्रिम मान कर आपत्ति के अधीन रखा गया है. इस बाबत नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी ने जिला योजना पदाधिकारी को पत्र भेज कर कार्रवाई से अवगत करा दिया है.

नियम को ताक पर रख कर एक और बंदोबस्ती वर्ष 2013-14 में मालवाहक वाहन प्रवेश शुल्क व मांस-मछली बाजार (फेरी सहित) की बंदोबस्ती के एकरारनामा में भी स्टांप पेपर में हेराफेरी कर नगर परिषद को कुल 57800 रुपये का चूना लगाया गया. यह बंदोबस्ती कुल 12,94800 रुपये में की गयी थी.

नियमत: तीन प्रतिशत के मूल्य के स्टांप पेपर पर बंदोबस्ती का एकरारनामा किया जाना चाहिये, लेकिन नगर परिषद ने इसे दरकिनार करते हुए 100 रुपये के स्टांप पर ही एकरारनामा कर लिया. ऑडिट टीम की जांच के दौरान मामला सामने आने के बाद अब कार्यपालक पदाधिकारी ने संबंधित संवेदक से 57800 रुपये की वसूली का निर्देश दिया है.

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