Portable AC या Tower Air Cooler? जानिए कौन सा ऑप्शन आपके लिए सही

Published by : Shivani Shah Updated At : 30 Apr 2026 9:24 AM

विज्ञापन

जानिए पोर्टेबल एसी या टावर एयर कूलर कौन सा है बेस्ट

भीषण गर्मी में सही कूलिंग ऑप्शन चुनना आसान नहीं है. टावर एयर कूलर कम बजट और कम बिजली खर्च में राहत देता है, लेकिन इसकी कूलिंग सीमित होती है. वहीं पोर्टेबल AC ज्यादा तेज और असरदार ठंडक देता है, पर महंगा और बिजली ज्यादा खर्च करता है. ऐसे में सही चुनाव आपकी जरूरत और बजट पर निर्भर करता है.

विज्ञापन

भारत में इस समय पड़ रही भीषण गर्मी ने लोगों को कूलिंग सॉल्यूशंस की तलाश में लगा दिया है. कोई AC खरीद रहा है, तो कोई एयर कूलर खरीद रहा है. लेकिन जब बात पोर्टेबल ऑप्शन की आती है, तो सबसे बड़ा सवाल होता है Portable AC लें या फिर Tower Air Cooler? अगर आप भी इसी कन्फ्यूजन में हैं, तो यहां हम आपको दोनों के बीच का पूरा फर्क बताने वाले हैं, ताकि आप अपने लिए सही फैसला ले सकें.

कूलिंग परफॉर्मेंस: कौन देता है बेहतर ठंडक?

Tower Air Cooler

टावर एयर कूलर ब्लोअर के जरिए हवा को एक ही दिशा में तेजी से बाहर फेंकते हैं. इसलिए अगर आप इसके सामने बैठे हैं, तो अच्छी ठंडक महसूस होती है. लेकिन पूरे कमरे को जल्दी ठंडा करने में ये उतने असरदार नहीं होते, खासकर बड़े कमरों में. इसके अलावा, जहां हवा में नमी ज्यादा होती है वहां कूलर की ठंडक कम असर दिखाती है, क्योंकि ज्यादा नमी में इसकी कूलिंग कैपेसिटी घट जाती है.

Portable AC

पोर्टेबल AC में कंप्रेसर और रेफ्रिजरेंट का इस्तेमाल होता है, जो कमरे की हवा को ठंडा करके उसका तापमान वाकई में कम कर देता है. इसलिए इसकी कूलिंग कूलर के मुकाबले ज्यादा असरदार और तेज होती है. हालांकि, इसके साथ एक एग्जॉस्ट पाइप आता है, जिसे खिड़की या दीवार के जरिए बाहर लगाना जरूरी होता है, ताकि अंदर की गर्म हवा बाहर निकल सके. थोड़ा सेटअप करना पड़ता है, लेकिन इसके बदले बेहतर कूलिंग मिलती है.

बिजली खपत: किससे आएगा कम बिल?

जब बात बिजली बिल की आती है, तो दोनों ऑप्शन्स में साफ फर्क दिखाई देता है.

टावर एयर कूलर कम बिजली में काम करते हैं और काफी एनर्जी एफिशिएंट होते हैं. ये ब्लोअर टेक्नोलॉजी पर चलते हैं, जिससे पावर कंजम्प्शन काफी कम रहता है. आमतौर पर इनका महीने का खर्च लगभग ₹200 से ₹350 के बीच रहता है, जो बजट के हिसाब से काफी किफायती है.

दूसरी तरफ पोर्टेबल AC स्प्लिट या विंडो AC की तरह कंप्रेसर बेस्ड टेक्नोलॉजी पर काम करते हैं. इसलिए ये ज्यादा बिजली खपत करते हैं. ऐसे में इस्तेमाल के हिसाब से इनका बिजली बिल हर महीने करीब ₹1,500 से ₹2,500 तक पहुंच सकता है.

ऐसे में बिजली बचाने के मामले में टावर एयर कूलर ज्यादा बेहतर और जेब के लिए हल्का ऑप्शन साबित होते हैं.

कीमत: बजट में कौन फिट बैठता है?

अगर आप बजट को ध्यान में रखकर कूलिंग सॉल्यूशन चुन रहे हैं, तो यहां भी दोनों में बड़ा फर्क दिखता है.

टावर एयर कूलर किफायती ऑप्शन हैं और आमतौर पर ₹6,000 से ₹14,000 के बीच आसानी से मिल जाते हैं. कम कीमत में ठीक-ठाक कूलिंग चाहिए, तो यह अच्छा ऑप्शन है.

दूसरी तरफ पोर्टेबल AC काफी महंगे होते हैं. इन्हें खरीदने के लिए आपको ₹25,000 से ₹35,000 या उससे ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है.

ऐसे में अगर आपको सिर्फ पोर्टेबल होने का फायदा नहीं चाहिए, तो इसी बजट में स्प्लिट या विंडो AC लेना ज्यादा समझदारी भरा फैसला हो सकता है, क्योंकि वे ज्यादा बेहतर और स्टेबल कूलिंग देते हैं.

आपके लिए क्या है सही?

अगर आपका बजट कम है, बिजली बिल कम रखना चाहते हैं और कमरा छोटा है, तो टावर एयर कूलर आपके लिए एक आसान और किफायती ऑप्शन साबित होगा. यह रोजमर्रा की जरूरत के हिसाब से सही बैलेंस देता है. लेकिन अगर आपको ज्यादा तेज और असरदार ठंडक चाहिए और बिजली के खर्च से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता, तो पोर्टेबल AC बेहतर रहेगा. वहीं, अगर आप PG या रेंट के छोटे कमरों में रहते हैं, तो फिर टावर एयर कूलर ज्यादा प्रैक्टिकल, बजट-फ्रेंडली और सुविधाजनक ऑप्शन है.

यह भी पढ़ें: बार-बार खराब हो रहा AC? इन फैक्टर्स से समझिए रिपेयरिंग नहीं, बदलने की जरूरत

विज्ञापन
Shivani Shah

लेखक के बारे में

By Shivani Shah

शिवानी कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर टेक-ऑटो कंटेंट राइटर हैं और डिजिटल मीडिया में वह 3 सालों से सक्रिय हैं. वह टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं. वह आसान भाषा और साफ तरीके से खबर लिखती हैं. टेक कैटेगरी में वह स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), गैजेट्स, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स पर खबर लिखती हैं. ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी शिवानी नई कार-बाइक लॉन्च, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ऑटो अपडेट्स, कार और बाइक से जुड़े टिप्स व नई तकनीक पर खबरें लिखती हैं. वह टेक और ऑटो की खबरों को आसान तरीके से पेश करती हैं, ताकि हर रीडर उसे आसानी से समझ सके. उनकी लेखन शैली आसान, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है. शिवानी ने करीम सिटी कॉलेज जमशेदपुर से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. इसके बाद उन्होंने अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से पत्रकारिता में अपनी मास्टर्स की डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे कंटेन्ट राइटिंग की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिवानी ने Lagatar.Com और The News Post जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है. यहां उन्होंने टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और अन्य न्यूज बीट पर कंटेंट तैयार किया. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में उनकी खास रुचि है और वह लगातार नए विषयों पर बेहतर और भरोसेमंद कंटेंट तैयार कर रही हैं. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शिवानी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि रीडर्स तक सही, काम की खबरें और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola